अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की अनिश्चितताएं कभी-कभी सबसे स्थापित बल्लेबाजों के खाते में भी ऐसे आंकड़े दर्ज करा देती हैं, जिन्हें कोई भी खिलाड़ी याद नहीं रखना चाहता। किसी भी प्रमुख बल्लेबाज के लिए बिना खाता खोले पवेलियन लौटना हमेशा एक निराशाजनक पल होता है, विशेषकर तब जब जिम्मेदारी शीर्ष चार क्रम को संभालने की हो। न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में खेले गए एकदिवसीय मुकाबले में भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा जब बिना कोई रन बनाए आउट हुए, तो उनके खाते में एक ऐसा ही अनचाहा आंकड़ा जुड़ गया जो उन्हें भारतीय क्रिकेट के शीर्ष दिग्गजों की एक खास सूची में और आगे ले आया।
ऑकलैंड में सौरव गांगुली से आगे निकले रोहित शर्मा
न्यूजीलैंड दौरे के ऑकलैंड वनडे में शून्य पर आउट होते ही रोहित शर्मा ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को पीछे छोड़ दिया। इस मैच से पहले दोनों खिलाड़ी एकदिवसीय प्रारूप में 16-16 बार शून्य पर आउट होने की बराबरी पर खड़े थे। ऑकलैंड में शून्य पर अपना विकेट गंवाने के साथ ही रोहित शर्मा के एकदिवसीय करियर में डक की कुल संख्या बढ़कर 17 हो गई। इस आंकड़े के साथ वह अब भारत की तरफ से सबसे अधिक बार शून्य पर आउट होने वाले बल्लेबाजों की समग्र सूची में सातवें स्थान पर आ गए हैं। इस क्रम में छठे स्थान पर पूर्व स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह काबिज हैं, जो अपने वनडे करियर में कुल 17 बार बिना खाता खोले आउट हुए थे।
शीर्ष क्रम के दिग्गजों और निचले क्रम के गेंदबाजों का अनूठा मेल
एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने की यह सूची किसी बल्लेबाज की महानता या क्षमता पर सवाल नहीं उठाती, बल्कि इस सूची में खेल के सबसे सफल बल्लेबाजों के नाम दर्ज हैं। क्रिकेट के इतिहास पर नजर डालें तो इस प्रारूप में दो तरह के खिलाड़ियों के शून्य पर आउट होने की संभावना सबसे अधिक रहती है। पहले वे शीर्ष क्रम के बल्लेबाज जो मैच की शुरुआत में नई गेंद की स्विंग और सीम का सामना करते हैं, और दूसरे वे निचले क्रम के पुछल्ले बल्लेबाज जिन्हें अंतिम ओवरों में तेजी से बल्ला घुमाने की जरूरत होती है। भारत के शीर्ष पांच नामों में तीन खिलाड़ी शीर्ष क्रम के मुख्य बल्लेबाज रहे हैं, जबकि दो मुख्य रूप से निचले क्रम के गेंदबाज रहे हैं।
सचिन तेंदुलकर पहले स्थान पर, विराट कोहली से दो कदम पीछे रोहित
भारत की तरफ से एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने का अवांछित रिकॉर्ड महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है, जो अपने लंबे एकदिवसीय करियर के दौरान सर्वाधिक 20 बार बिना कोई रन बनाए आउट हुए। सूची में दूसरे स्थान पर संयुक्त रूप से दो खिलाड़ी मौजूद हैं। आधुनिक क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली और पूर्व तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ, ये दोनों खिलाड़ी 19-19 बार एकदिवसीय मैचों में अपना खाता खोलने में नाकाम रहे हैं। ऑकलैंड में 17वीं बार शून्य पर आउट होने के बाद रोहित शर्मा अब विराट कोहली के इस आंकड़े से महज दो कदम दूर रह गए हैं, जबकि सचिन तेंदुलकर के शीर्ष रिकॉर्ड से वह केवल तीन डक पीछे हैं।
अनिल कुंबले और युवराज सिंह की मौजूदगी
इस सूची में चौथे स्थान पर पूर्व लेग स्पिनर अनिल कुंबले का नाम आता है, जो अपने वनडे करियर में 18 बार शून्य के स्कोर पर आउट हुए थे। उनके साथ ही सिक्सर किंग के नाम से मशहूर पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह भी एकदिवसीय मैचों में 18 बार बिना कोई रन बनाए पवेलियन लौट चुके हैं। इस तरह भारत के लिए सबसे ज्यादा डक दर्ज कराने वाले खिलाड़ियों की इस फेहरिस्त में खेल के सबसे बड़े मैच विनर और दिग्गज नाम एक साथ मौजूद हैं, जो यह साबित करता है कि खेल के इस प्रारूप में शीर्ष स्तर पर भी शून्य का खतरा हमेशा बना रहता है।



















