झारखंड के उभरते हुए विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र का बल्ला इन दिनों जमकर आग उगल रहा है। घरेलू क्रिकेट में दलीप ट्रॉफी के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद अब उन्होंने इंडिया ए की जर्सी में भी अपनी जबर्दस्त बल्लेबाजी क्षमता का लोहा मनवाया है। ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ जारी पहले अनऑफिशियल टेस्ट मैच की पहली पारी में कुशाग्र ने संकट के पलों में धैर्य दिखाते हुए एक बेहद मूल्यवान और यादगार शतक पूरा किया।
संकट के पलों में क्रीज पर संभाला मोर्चा
मुकाबले की शुरुआत में जब इंडिया ए के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज संघर्ष कर रहे थे और टीम ने 100 रन के कुल योग से पहले ही अपने पांच प्रमुख विकेट गंवा दिए थे, तब कुमार कुशाग्र बल्लेबाजी करने उतरे। आधी टीम के पवेलियन लौट जाने के बावजूद उन्होंने दबाव को हावी नहीं होने दिया। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने क्रीज पर खूंटा गाड़ दिया और मिडिल ऑर्डर में चट्टान बनकर खड़े हो गए।
240 गेंदों पर 113 रन की मैराथन पारी
कुशाग्र ने अपनी इस मैराथन पारी के दौरान कुल 240 गेंदों का सामना किया और 12 दर्शनीय चौकों की मदद से 113 रन बनाए। उनके इस अनुशासित खेल और संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी के दम पर ही इंडिया ए की टीम अपनी पहली पारी में 334 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। इस शानदार प्रदर्शन ने टीम को पहली पारी में बेहद सुरक्षित स्थिति में पहुंचा दिया।
गेंदबाजों के कमाल से मिली 163 रनों की बड़ी बढ़त
इंडिया ए के 334 रनों के जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी में बिखर गई। शम्स मुलानी ने धारदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट चटकाए, जबकि तुषार और तनुष ने भी उनका बखूबी साथ निभाया। इस संयुक्त गेंदबाजी प्रयास के चलते ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम महज 171 रनों पर ढेर हो गई और इंडिया ए को पहली पारी के आधार पर 163 रनों की अहम बढ़त हासिल हुई।


















