पुडुचेरी के मैदान पर भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच खेले जा रहे पहले अनाधिकारिक चार दिवसीय टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने अपनी मजबूत स्थिति बना ली है। कुमार कुशाग्र के धैर्यपूर्ण शतक, साई सुदर्शन के अर्धशतक और निचले मध्यक्रम में तनुष कोटियान की जुझारू पारी के दम पर भारत ए ने अपनी पहली पारी में 334 रनों का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम का शीर्ष क्रम लड़खड़ा गया और 100 रन के कुल स्कोर से पहले ही उसकी आधी टीम पवेलियन लौट गई। यह मुकाबला ऐसे समय में हो रहा है जब भारतीय क्रिकेट का व्यस्त कार्यक्रम चल रहा है, जहां एक राष्ट्रीय दल जापान में एशियन गेम्स की तैयारियों में जुटा है, तो दूसरी तरफ शुभमन गिल के नेतृत्व में एक टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला खेलने जा रही है।
कुमार कुशाग्र का शतक और साई सुदर्शन की उपयोगी पारी
इस अनाधिकारिक टेस्ट मुकाबले में भारत ए की कमान देवदत्त पडिक्कल के हाथों में है, लेकिन कप्तान के तौर पर बल्ले से उनका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। पडिक्कल 14 गेंदों का सामना करके केवल 3 रन बनाकर सस्ते में आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बीच शीर्ष क्रम में साई सुदर्शन ने पारी को संभाला और शानदार तकनीक दिखाते हुए अर्धशतक पूरा किया। सुदर्शन ने 103 गेंदें खेलकर तीन चौकों की मदद से 57 रनों की उपयोगी पारी खेली। जब टीम एक नाजुक मोड़ पर थी, तब विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने जबर्दस्त धैर्य दिखाया। कुशाग्र ने 240 गेंदों पर 12 चौकों की मदद से 113 रनों की शतकीय पारी खेली, जिसने भारतीय टीम को संकट से निकालकर मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
तनुष कोटियान का अर्धशतक और श्रृंखला का कार्यक्रम
मध्य और निचले क्रम में तनुष कोटियान ने कुशाग्र का बेहतरीन साथ निभाया। कोटियान ने 138 गेंदों का सामना करते हुए 69 रन बनाए, जिससे भारत ए पहली पारी में 334 रनों तक पहुंचने में सफल रहा। इस द्विपक्षीय दौरे के तहत दोनों टीमों के बीच दो अनाधिकारिक टेस्ट मैच खेले जाने हैं। पहला टेस्ट अभी जारी है, जबकि श्रृंखला का दूसरा चार दिवसीय मुकाबला 29 सितंबर से शुरू होगा। टेस्ट श्रृंखला संपन्न होने के बाद भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच तीन अनाधिकारिक एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला भी आयोजित की जाएगी।
सैम कोन्स्टास और नाथन मैकस्वीनी हुए नाकाम
पहली पारी में भारत के 334 रनों के जवाब में ऑस्ट्रेलिया ए की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम के प्रमुख और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने बेबस दिखे। सैम कोन्स्टास ने क्रीज पर टिकने का प्रयास जरूर किया, लेकिन वह 76 गेंदों पर केवल 25 रन बनाकर आउट हो गए। वहीं शीर्ष क्रम के प्रमुख बल्लेबाज नाथन मैकस्वीनी 17 गेंदों का सामना करने के बावजूद खाता भी नहीं खोल सके और शून्य पर आउट हुए। 100 रन का आंकड़ा छूने से पहले ही पांच विकेट गंवाकर ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी में गहरे संकट में फंस गई है।


















