भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही पांच मुकाबलों की टी20 सीरीज का अंतिम और निर्णायक मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित होने जा रहा है, जिस पर हर किसी की निगाहें टिकी हुई हैं। इस सीरीज के शुरुआती चार मुकाबलों में दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो-दो जीत हासिल की हैं और मुकाबला बराबरी पर चल रहा है। इस मैदान पर रनों की बारिश देखने को मिल सकती है क्योंकि दोनों टीमों के बीच अब तक के मुकाबलों में बल्लेबाजों का दबदबा पूरी तरह साफ नजर आया है, जहां 250 रन तक का लक्ष्य भी आसानी से हासिल किया गया है। ऐसे में इस आखिरी मैच की पिच का मिजाज कैसा रहेगा और मौसम इसमें क्या रंग दिखाएगा, यह देखना बेहद दिलचस्प होने वाला है।
एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच पर बल्लेबाजों का दिखेगा जलवा
भारतीय क्रिकेट टीम पूरे दो साल के लंबे अंतराल के बाद इस ऐतिहासिक मैदान पर कोई टी20 इंटरनेशनल मुकाबला खेलने के लिए उतरेगी। यहां की पिच के इतिहास को देखा जाए तो गेंदबाजों के लिए इस मैदान पर रन रोकना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है, जिसके पीछे मुख्य कारण स्टेडियम की छोटी बाउंड्री का होना है। हालांकि, मौजूदा मौसम के कारण पिच में अतिरिक्त नमी बनी रह सकती है, जिसका फायदा तेज गेंदबाजों को मैच के शुरुआती ओवरों में जरूर मिल सकता है। ऐसे में सलामी बल्लेबाजों के लिए पारी की शुरुआत में तेजी से रन बनाना इतना आसान नहीं होगा। बेंगलुरु के इस मैदान पर अब तक कुल 10 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें से पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने 4 मौकों पर जीत दर्ज की है, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने 5 बार मुकाबले अपने नाम किए हैं। इसके अलावा एक मुकाबले का परिणाम बारिश की भेंट चढ़ गया था और वह रद्द हो गया था।
बारिश का साया और टॉस की अहम भूमिका
बेंगलुरु में खेले जाने वाले इस पांचवें टी20 मैच में खराब मौसम खेल में बड़ा व्यवधान डाल सकता है। आगामी 17 अक्टूबर को शाम के समय मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है, जहां भारतीय समयानुसार शाम 6 बजे बारिश होने की आशंका करीब 49 प्रतिशत तक जताई गई है। इसके बाद रात 8 बजे यह संभावना घटकर 34 प्रतिशत तक आ सकती है, लेकिन उसके तुरंत बाद इसमें भारी उछाल आने की उम्मीद है और बारिश के बरसने की संभावना 70 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर सकती है। यही कारण है कि टॉस जीतने वाला कप्तान पहले गेंदबाजी करने का फैसला चुन सकता है, ताकि यदि बारिश के कारण खेल रुकता है या ओवर कम होते हैं, तो डकवर्थ लुईस नियम के तहत लक्ष्य का पीछा करना उनकी टीम के लिए आसान साबित हो सके।





















