इंग्लैंड की गेंदबाजी आक्रमण की धार रहे तेज गेंदबाज मार्क वुड ने लगातार चोटों और शारीरिक समस्याओं के चलते मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा कर दी। 36 वर्ष के इस तेज गेंदबाज ने अपने 11 साल के अंतरराष्ट्रीय सफर पर विराम लगाने का फैसला किया। वुड इंग्लैंड के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं, जो दो अलग-अलग प्रारूपों में विश्व कप जीतने वाली टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। वे 2019 में वनडे विश्व कप और 2022 में टी20 विश्व कप जीतने वाली इंग्लैंड टीम की जीत में मुख्य भूमिका निभा चुके हैं।
चोटों का लंबा सिलसिला और आखिरी टेस्ट
हाल के वर्षों में मार्क वुड लगातार गंभीर चोटों से जूझते रहे हैं। विशेष रूप से पिछले साल उन्हें बाएं घुटने की सर्जरी करवानी पड़ी थी, जिसके बाद वे करीब आठ महीने तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से पूरी तरह दूर रहे। इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में खेली गई एशेज श्रृंखला के लिए समय पर वापसी की थी। हालांकि, यह वापसी बेहद संक्षिप्त साबित हुई क्योंकि श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच में केवल 11 ओवर गेंदबाजी करने के बाद ही उनके उसी घुटने में गंभीर सूजन आ गई। इस तकलीफ के कारण उन्हें तुरंत इलाज कराने के लिए स्वदेश लौटना पड़ा और उसके बाद से वे फिर कभी इंग्लैंड की जर्सी में मैदान पर नहीं उतर सके।
संन्यास का फैसला और वुड का बयान
मार्क वुड ने स्पष्ट किया कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के साथ अपने केंद्रीय अनुबंध के समापन पर खेल को अलविदा कहने का यह स्वाभाविक समय था। अपने फैसले को लेकर वुड ने कहा, “दुर्भाग्य से इस बार मैं लड़ाई हार गया।” उन्होंने बताया कि मेडिकल सलाह के अनुसार टेस्ट क्रिकेट और 50 ओवर का क्रिकेट खेलना अब उनके शरीर के लिए संभव नहीं रह गया है, जिसके कारण पिछले एक साल के दौरान इंग्लैंड के लिए खेलने का सपना धीरे-धीरे उनसे दूर चला गया। वुड ने कहा कि उन्होंने हमेशा लचीला रहने और चोटों से उबरकर वापसी करने की कोशिश की, ताकि आलोचकों को गलत साबित कर सकें।
शानदार करियर और बड़े रिकॉर्ड्स
उत्तरी इंग्लैंड के काउंटी क्लब डरहम का प्रतिनिधित्व करने वाले वुड ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को बेहद भावुक अंदाज में याद किया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के लिए खेलना उनके बचपन के सपने के सच होने जैसा रहा, जिसमें दुनिया भर की यात्रा करने और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का मौका मिला। वुड ने अपने 11 साल के करियर का अंत 38 टेस्ट मैचों में 119 विकेट लेकर किया। वहीं, 38 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने 54 विकेट झटके, जिसमें 2022 में ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड के टी20 विश्व कप विजेता अभियान के दौरान चटकाए गए नौ विकेट भी शामिल हैं। एकदिवसीय प्रारूप में वुड ने 70 मैचों में कुल 80 विकेट हासिल किए। इनमें से 18 महत्वपूर्ण विकेट ऐतिहासिक 2019 विश्व कप में आए थे, जहां उन्होंने 95 मील प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंद फेंककर इंग्लैंड को पहली बार 50 ओवर का विश्व चैंपियन बनाने में मदद की थी। इसके अलावा उन्होंने अपने करियर में चार एशेज श्रृंखलाएं खेलीं और 2015 में अपनी पदार्पण श्रृंखला के दौरान ट्रेंट ब्रिज में अंतिम विकेट लेकर प्रतिष्ठित कलश वापस जीतने में निर्णायक भूमिका निभाई थी।
रॉब की ने दी शानदार विदाई
इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट के प्रबंध निदेशक रॉब की ने मार्क वुड के असाधारण योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वुड ने जब भी गेंद अपने हाथों में ली, दर्शकों को अपनी गति और जज्बे से रोमांचित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वुड अपने शानदार और उपलब्धियों से भरे अंतरराष्ट्रीय करियर पर बेहद गर्व के साथ पीछे मुड़कर देख सकते हैं।



















