दक्षिण अफ्रीका के अनुभवी बाएं हाथ के बल्लेबाज कॉलिन इंग्राम ने 41 वर्ष की उम्र में प्रतिस्पर्धी पेशेवर क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कह दिया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से एक दशक से भी ज्यादा समय से दूर रहने के बावजूद इंग्राम दुनिया भर की लीगों में लगातार सक्रिय थे। दो दशकों से अधिक समय तक 22 गज की पट्टी पर अपनी बल्लेबाजी का जौहर दिखाने वाले इंग्राम अब मैदान से पूरी तरह अलग नहीं होंगे, बल्कि अपने अनुभव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कोचिंग की राह चुनेंगे।
सोशल मीडिया पर भावुक संदेश के साथ विदाई की घोषणा
इंग्राम ने अपने संन्यास की सार्वजनिक घोषणा सोशल मीडिया मंच पर एक संदेश साझा करके की। यह अहम फैसला उन्होंने काउंटी चैंपियनशिप डिविजन-1 में ग्लैमरगन की तरफ से वारविकशायर के खिलाफ अपना मुकाबला समाप्त होने के करीब दो सप्ताह बाद लिया। उस मुकाबले की दो पारियों में उन्होंने 19 और 5 रन बनाए थे। हालांकि, पूरे सत्र के दौरान उनका बल्ला काफी उपयोगी साबित हुआ था, जहां उन्होंने 12 मैचों की प्रतिस्पर्धा में 31.40 के बल्लेबाजी औसत से कुल 628 रन जोड़े थे।
अपने संन्यास संदेश में इंग्राम ने क्रिकेट के साथ अपने भावनात्मक जुड़ाव को याद किया। उन्होंने व्यक्त किया कि एक संकोची किसान परिवार के बालक ने कभी उस खेल के शिखर पर पहुंचने का सपना देखा था, जिससे उसे गहरा लगाव था। उनके अनुसार 20 साल से ज्यादा समय तक उसी खेल को अपना जीवन बना पाना एक बेहद सुखद और सौभाग्यशाली अहसास रहा। बल्लेबाजी के अपने दृष्टिकोण को साझा करते हुए उन्होंने इसे चित्रकला की तरह बताया, जहां उनका बल्ला एक पेंटब्रश की भांति कैनवास पर रंग भरता था।
घरेलू शुरुआत से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
फ्री स्टेट की तरफ से घरेलू क्रिकेट में कदम रखने वाले इंग्राम ने अपने करियर की शुरुआत 2004-05 के सत्र में की थी। लगातार मेहनत और ठोस तकनीक के बूते उन्हें अक्टूबर 2010 में दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय टीम में बुलावा मिला, जब जिम्बाब्वे की टीम दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर थी। इसके बाद वह नवंबर 2013 तक राष्ट्रीय सीमित ओवरों की टीम का नियमित हिस्सा बने रहे।
अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान इंग्राम ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 31 वनडे मैचों में 32.42 की औसत से 843 रन बनाए। इसके साथ ही उन्होंने देश के लिए 9 T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी खेले, जिनमें उन्होंने 129.62 के स्ट्राइक रेट से 210 रन जुटाए। नवंबर 2013 के बाद उन्हें दोबारा राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहनने का अवसर नहीं मिला, लेकिन उन्होंने अपने खेल को कभी धीमा नहीं पड़ने दिया।
वैश्विक T20 लीगों में बनाई खास साख और अब नई भूमिका
साल 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर होने के बाद इंग्राम ने फ्रेंचाइजी क्रिकेट की दुनिया का रुख किया और वहां एक बेहद कामयाब बल्लेबाज के रूप में उभरे। वह इंडियन प्रीमियर लीग, बिग बैश लीग, इंटरनेशनल लीग T20, कैरेबियन प्रीमियर लीग, द हंड्रेड, पाकिस्तान सुपर लीग और SA20 जैसी दुनिया की दिग्गज T20 प्रतियोगिताओं का प्रमुख चेहरा बने। विभिन्न महाद्वीपों में T20 फ्रीलांसर के रूप में खेलते हुए उन्होंने कुल मिलाकर 378 T20 मैचों में भाग लिया। इन मुकाबलों में 138.50 के स्ट्राइक रेट के साथ उन्होंने 9017 रन का विशाल आंकड़ा खड़ा किया।
अपने लंबे करियर पर विराम लगाते हुए इंग्राम ने परिवार, मित्रों, साथी खिलाड़ियों, कोचों, सहयोगी स्टाफ, क्लबों, फ्रेंचाइजी प्रबंधन और प्रशंसकों का दिल से आभार व्यक्त किया। 41 की उम्र में पैड उतारने के बाद भी वह खेल के मैदान के करीब रहेंगे, क्योंकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह अब अपने जीवन का नया अध्याय एक क्रिकेट कोच के रूप में शुरू करने जा रहे हैं।


















