भारत और श्रीलंका के बीच जारी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे और अंतिम मुकाबले से पहले मेजबान टीम की दिक्कतें काफी बढ़ गई हैं। 23 से 27 अगस्त के बीच कोलंबो के ऐतिहासिक सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाने वाले इस अंतिम टेस्ट से ठीक पहले श्रीलंकाई टीम के दो सबसे प्रमुख खिलाड़ी बाहर हो गए हैं। टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल मेंडिस और पूर्व कप्तान दिनेश चांदीमल चोटों की वजह से इस महत्वपूर्ण मैच में नहीं खेल पाएंगे। इनके अलावा सलामी बल्लेबाज पथुम निसंका की फिटनेस पर भी संशय बना हुआ है। गॉल में पहला टेस्ट मैच जीतकर 1-0 की बढ़त बना चुकी भारतीय टीम के पास अब कोलंबो में जीत हासिल करके सीरीज 2-0 से अपने नाम करने और मेजबान श्रीलंका का क्लीन स्विप करने का बेहतरीन मौका है।
चोटों का गहराता संकट और निसंका की फिटनेस पर सस्पेंस
श्रीलंकाई टीम के लिए यह दोहरा झटका बेहद नाजुक समय पर आया है। टीम के प्रमुख विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल मेंडिस पिछले महीने लंका प्रीमियर लीग के दौरान हैमस्ट्रिंग की गंभीर चोट का शिकार हो गए थे। हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण वे गॉल में खेला गया पहला टेस्ट मैच भी नहीं खेल पाए थे। चिकित्सा दल की गहन जांच के बाद यह साफ हो गया है कि वे अभी पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं, जिसके चलते उन्हें दूसरे टेस्ट मैच से भी बाहर रहना पड़ेगा।
वहीं दूसरी ओर अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चांदीमल को गॉल टेस्ट के दौरान सिर में गेंद लग गई थी, जिसके बाद वे कनकशन का शिकार हो गए थे। कनकशन के लक्षणों के कारण उन्हें मैच के बीच में ही मैदान छोड़ना पड़ा था। कनकशन प्रोटोकॉल और खिलाड़ियों की सुरक्षा प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें कोलंबो में होने वाले अगले टेस्ट के चयन से बाहर रखा गया है। इन दोनों प्रमुख खिलाड़ियों के अलावा सलामी बल्लेबाज पथुम निसंका की शारीरिक फिटनेस को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे अंतिम एकादश के चयन में श्रीलंकाई टीम प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
मुख्य कोच गैरी कर्स्टन का बयान और नए खिलाड़ियों के सामने चुनौती
श्रीलंकाई टीम के मुख्य कोच गैरी कर्स्टन ने कोलंबो टेस्ट से पहले आधिकारिक बयान देकर दोनों दिग्गजों के बाहर होने की पुष्टि की है। कर्स्टन ने बताया कि कुसल मेंडिस की हैमस्ट्रिंग चोट काफी गंभीर है और उन्हें मैदान पर वापस लौटने में अभी कुछ और समय लगेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिनेश चांदीमल भी अपनी कनकशन स्थिति के कारण आगामी मुकाबले में चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे।
गैरी कर्स्टन ने परिस्थिति का आकलन करते हुए कहा, "निश्चित रूप से इतने अनुभवी खिलाड़ियों का न होना हमारे लिए नुकसानदेह है, लेकिन यह युवा क्रिकेटरों के लिए खुद को साबित करने का बेहतरीन अवसर भी है।" उन्होंने आगे कहा कि श्रीलंका के घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कई युवा खिलाड़ियों ने शानदार आंकड़े बनाए हैं और निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अब इन खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतने बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ने और राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह पक्की करने का एक शानदार मौका है।
गॉल टेस्ट में भारत की धमाकेदार जीत और मानव सुथार का फिरकी कमाल
सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने पूरी तरह से दबदबा बनाते हुए गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में श्रीलंका को 165 रनों के विशाल अंतर से पराजित किया था। उस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद और बल्ले दोनों से ही मेजबान टीम को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया था। भारत की इस एकतरफा और शानदार जीत में युवा फिरकी गेंदबाज मानव सुथार ने सबसे निर्णायक भूमिका निभाई थी।
मानव सुथार ने मैच की दूसरी पारी में अपनी फिरकी का ऐसा जादू बिखेरा कि श्रीलंकाई बल्लेबाज एक के बाद एक आउट होते चले गए। सुथार ने दूसरी पारी में 6 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और श्रीलंकाई बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ पूरी तरह से तोड़ दी। इसी मैच के चौथे दिन दिनेश चांदीमल के कनकशन का शिकार होने के बाद युवा बल्लेबाज पासिंदु सूर्यबंदरा को कनकशन विकल्प के रूप में अंतिम एकादश में शामिल किया गया था। सूर्यबंदरा के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण की यह घड़ी काफी निराशाजनक रही, क्योंकि मानव सुथार की पहली ही गेंद पर वे बिना खाता खोले शून्य यानी गोल्डन डक पर पवेलियन लौट गए।
निरोशन डिकवेला का संघर्षपूर्ण अर्धशतक और फॉलोऑन बचाने की कहानी
गॉल टेस्ट की पहली पारी में कुसल मेंडिस की अनुपस्थिति के कारण अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला को प्लेइंग इलेवन में खेलने का अवसर मिला था। डिकवेला ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और टीम के लिए एक जुझारू पारी खेली। उन्होंने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का साहसपूर्वक सामना करते हुए 115 गेंदों में 80 रन बनाए।
अपनी इस पारी के दौरान डिकवेला ने छठे विकेट के लिए सोनल दिनुशा के साथ मिलकर 146 रनों की एक बेहद महत्वपूर्ण और टिकाऊ साझेदारी निभाई। इस बेहतरीन साझेदारी के दम पर ही श्रीलंकाई टीम अपनी पहली पारी में भारतीय स्कोर के सामने फॉलोऑन टालने में सफल हो सकी थी। हालांकि दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाजों के आक्रामक और सटीक स्पेल के आगे पूरी श्रीलंकाई टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिससे उन्हें भारी हार का सामना करना पड़ा। अब कोलंबो टेस्ट में कुसल मेंडिस और दिनेश चांदीमल की गैरमौजूदगी में श्रीलंका के नए खिलाड़ियों पर भारत के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण का सामना करने का भारी दबाव होगा।



















