अपने घर में खेले जा रहे महिला टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने दूसरे सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराकर फाइनल का टिकट कटा लिया है. द ओवल में खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 169/5 का स्कोर खड़ा किया था, जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम 129/8 पर ही सिमट गई. अब इंग्लैंड का सामना 5 जुलाई को लॉर्ड्स में छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा, जो खुद भी अजेय रहते हुए फाइनल में पहुंची है.
इंग्लैंड के लिए यह खिताब बेहद खास मायने रखता है. साल 2009 में हुए पहले ही टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था. अगर इस बार इंग्लैंड फाइनल जीतती है, तो यह उसका बीते 17 साल में पहला खिताब होगा.
23/3 से 133 रन की साझेदारी तक का सफर
मैच की सबसे बड़ी कहानी रही इंग्लैंड की शुरुआती लड़खड़ाहट के बाद की जबरदस्त वापसी. टीम का स्कोर सिर्फ 23 रन पर 3 विकेट हो चुका था, तभी चोट से उबरकर टीम में लौटीं नैट साइवर-ब्रंट और कप्तान हीथर नाइट ने मोर्चा संभाला. दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए महज 90 गेंदों पर 133 रनों की विस्फोटक साझेदारी हुई, जिसने पूरी तस्वीर पलट दी. साइवर-ब्रंट ने पिंडली की चोट के चलते तीन मैच मिस करने के बाद वापसी करते हुए 47 गेंदों पर 75 रन ठोके, वहीं हीथर नाइट ने भी 47 गेंदों में ही 58 रनों की पारी खेली.
गेंदबाजों ने की जीत पक्की
बल्लेबाजों की मेहनत के बाद इंग्लैंड के गेंदबाजों ने भी अपना काम बखूबी निभाया. साउथ अफ्रीका को 169 रन के जवाब में 129/8 पर रोककर इंग्लैंड ने 40 रन की आरामदेह जीत दर्ज की. गौरतलब है कि इसी इंग्लिश टीम को पिछले साल के 50 ओवर वर्ल्ड कप और 2023 के टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, ऐसे में यह जीत हिसाब बराबर करने वाली भी रही.
इस्माइल का ऐतिहासिक कारनामा, जोन्स पहली ही गेंद पर आउट
साउथ अफ्रीका की गेंदबाज इस्माइल ने अपनी पहली ही गेंद पर इंग्लैंड की ओपनर एमी जोन्स को आउट करते हुए इतिहास रच दिया. इस विकेट के साथ ही वे टी20 विमेंस वर्ल्ड कप में 50 विकेट पूरे करने वाली पहली महिला गेंदबाज बन गईं. हालांकि शुरुआती झटकों से उबरते हुए इंग्लैंड ने तेजी से जवाबी हमला बोला.
म्लाबा की तीन गेंदों में दोहरी सफलता
साउथ अफ्रीका की गेंदबाज म्लाबा ने लगातार तीन गेंदों के भीतर हीथर नाइट और नैट साइवर-ब्रंट दोनों को पवेलियन भेजकर टीम को दोहरी सफलता दिलाई. लेकिन तब तक इंग्लैंड इतना बड़ा स्कोर खड़ा कर चुकी थी कि साउथ अफ्रीका को जीत के लिए टी20 महिला वर्ल्ड कप के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन-चेज करना पड़ता, जो आसान नहीं था.
एक्लेस्टोन का शानदार कैच, वोल्वार्ड्ट की पारी खत्म
रन चेज के दौरान साउथ अफ्रीका की कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट को शुरुआती तीन ओवरों में स्ट्राइक ही नहीं मिल पाई. उन्होंने सिर्फ चार गेंदों का सामना करते हुए दो रन बनाए, लेकिन पावरप्ले के आखिरी ओवर तक उन्होंने रन-ए-बॉल की रफ्तार से 13 रन जरूर बना लिए थे. इसी बीच लिंसी स्मिथ की गेंद पर वोल्वार्ड्ट ने मिड-ऑन के ऊपर से शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन एक्लेस्टोन ने उछलकर पीछे की ओर झुकते हुए एक बेहतरीन ओवरहेड कैच लपक लिया. इस कैच ने साउथ अफ्रीका की 43 रनों की ओपनिंग साझेदारी को तोड़ दिया. पावरप्ले खत्म होते होते जरूरी रन-रेट नौ प्रति ओवर तक पहुंच गया था और उसके बाद यह लगातार बढ़ता ही चला गया. इसी दबाव में साउथ अफ्रीका की पूरी टीम 129/8 पर सिमट गई.
अब लॉर्ड्स में महामुकाबला
टूर्नामेंट के 22 दिनों और 32 मुकाबलों के बाद अब सारा फोकस 5 जुलाई को लॉर्ड्स में होने वाले फाइनल पर टिक गया है, जहां अजेय इंग्लैंड का सामना अजेय ऑस्ट्रेलिया से होगा. यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे शुरू होगा.













