भारतीय क्रिकेट टीम में अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की वापसी को लेकर चर्चा एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। शमी पिछले एक साल से अधिक समय से भारतीय टीम के लिए किसी भी फॉर्मेट में नहीं खेले हैं। हालांकि, इस दौरान उन्होंने घरेलू क्रिकेट के मैदान पर उतरकर अपनी गेंद से शानदार प्रदर्शन किया है और अपनी फिटनेस को भी साबित किया है। इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट आगामी बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए युवा तेज गेंदबाजों का एक नया पूल तैयार करने में जुटा हुआ है, जिसकी वजह से शमी को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
मोहम्मद शमी की वापसी पर जहीर खान का रुख
भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज जहीर खान ने शमी की राष्ट्रीय टीम में वापसी की पुरजोर वकालत की है। सीनियर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट विमल कुमार के साथ एक बातचीत के दौरान जहीर खान ने शमी की फिटनेस और उनकी उपयोगिता पर खुलकर अपनी बात रखी। जहीर का स्पष्ट रूप से मानना है कि यदि शमी पूरी तरह से फिट और चयन के लिए उपलब्ध हैं, तो साउथ अफ्रीका जैसे कठिन दौरों पर उनका लंबा अनुभव भारतीय टीम के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।
बातचीत के दौरान जहीर खान ने कहा, "जब कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसे निश्चित रूप से टीम इंडिया की प्लानिंग में शामिल किया जाना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखकर ऐसा नहीं लगता कि शमी अभी टीम की योजनाओं का हिस्सा हैं। जहीर के अनुसार, शमी जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाज को आगामी वर्ल्ड कप में खेलना चाहिए और उन्हें टीम की मुख्य रणनीति में शामिल किया जाना बेहद जरूरी है।
चयनकर्ताओं और शमी के बीच फिटनेस पर छिड़ी बहस
चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर और चयनकर्ताओं की ओर से पहले यह तर्क दिया गया था कि मोहम्मद शमी की फिटनेस एक मुख्य समस्या बनी हुई है, जिसके चलते उन्हें टीम में शामिल नहीं किया जा रहा है। इस बयान के बाद अजीत अगरकर और शमी के बीच एक तरह का बयानबाजी का दौर भी देखने को मिला था। शमी ने अपनी फिटनेस पर उठ रहे सवालों का करारा जवाब दिया था और अपनी मैच रेडीनेस को साबित किया था।
अपनी फिटनेस पर सफाई देते हुए मोहम्मद शमी ने कहा था, "अगर वह रणजी ट्रॉफी में दिन भर गेंदबाजी कर सकते हैं, तो वनडे में 10 ओवर भी डाल सकते हैं।" शमी ने स्पष्ट किया था कि अगर वे फिट नहीं होते तो रणजी मैचों में इतने लंबे स्पेल कैसे फेंक पाते। शमी के इस बयान से साफ हो गया था कि वे पूरी तरह फिट महसूस कर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए तैयार हैं, लेकिन फिलहाल चयनकर्ता उन्हें अपनी भविष्य की योजनाओं में जगह नहीं दे रहे हैं।
टीम मैनेजमेंट की योजना और आगे की राह
टीम इंडिया का प्रबंधन इस समय हेड कोच, कप्तान और चयनकर्ताओं के नेतृत्व में भविष्य की चुनौतियों के लिए नई रणनीति बना रहा है। जहीर खान ने इस बात को स्वीकार किया कि अंतिम फैसला हेड कोच, चीफ सिलेक्टर और कप्तान का ही होगा। हालांकि, उनका मानना है कि विदेशी सरजमीं पर साउथ अफ्रीका जैसी परिस्थितियों में अनुभवी गेंदबाजों का होना टीम के संतुलन को मजबूत बनाता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या चयन समिति शमी के घरेलू प्रदर्शन और जहीर खान जैसे दिग्गजों की सलाह पर ध्यान देती है या फिर युवाओं पर ही भरोसा बनाए रखती है।



















