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टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले 5 दाएं हाथ के बल्लेबाज, 25 साल से कायम है अनोखा रिकॉर्डक्रिकेट
1 सित॰ 2026, 7:21 am (2 घंटे पहले)· 3

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले 5 दाएं हाथ के बल्लेबाज, 25 साल से कायम है अनोखा रिकॉर्ड

टेस्ट क्रिकेट में गेंद से कमाल दिखाने वाले कई दिग्गज खिलाड़ी बल्लेबाजी के दौरान अक्सर संघर्ष करते नजर आए हैं। जानिए उन पांच प्रमुख दाएं हाथ के गेंदबाजों के बारे में जो सबसे ज्यादा बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।

क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट यानी टेस्ट को हमेशा से ही बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी परीक्षा माना जाता है। इस मैदान पर जरा सी चूक गिल्लियां बिखेर देती है और निचले क्रम के खिलाड़ियों के लिए तो क्रीज पर पैर जमाना किसी चुनौती से कम नहीं होता। कई ऐसे महान गेंदबाज हुए जिन्होंने अपनी गेंदबाजी के दम पर बड़े-बड़े रिकॉर्ड बनाए, लेकिन जब बात बल्लेबाजी की आई तो वे शून्य पर आउट होने के मामले में सबसे आगे निकल गए। टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा बार डक यानी बिना खाता खोले आउट होने वाले दाएं हाथ के बल्लेबाजों की सूची में कई चौंकाने वाले नाम शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने अपनी गेंदबाजी से तो विरोधी टीमों के होश उड़ाए, लेकिन जब बल्ला थामने की बारी आई तो किस्मत ने उनका साथ छोड़ दिया।

कर्टनी वॉल्श का शीर्ष पर बना हुआ अनचाहा रिकॉर्ड

वेस्टइंडीज के दिग्गज तेज गेंदबाज कर्टनी वॉल्श का नाम खेल जगत में बेहद आदर के साथ लिया जाता है। उन्होंने अपने लंबे और शानदार करियर में साल 1984 से 2001 के बीच कुल 132 टेस्ट मैचों की 185 पारियों में हिस्सा लिया। इस दौरान वे 61 मौकों पर नाबाद रहे और 7.54 के औसत से कुल 936 रन बनाने में सफल रहे। हालांकि उनके नाम के साथ एक ऐसा रिकॉर्ड भी जुड़ा हुआ है जिसे कोई भी खिलाड़ी अपने खाते में नहीं देखना चाहेगा। कर्टनी वॉल्श अपने पूरे टेस्ट करियर के दौरान रिकॉर्ड 43 बार शून्य के स्कोर पर आउट होकर पवेलियन लौटे। न सिर्फ दाएं हाथ के बल्लेबाजों में बल्कि पूरे टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा बार डक पर आउट होने का यह अनचाहा कीर्तिमान आज भी कर्टनी वॉल्श के नाम ही दर्ज है और पिछले 25 साल से यह रिकॉर्ड कायम है।

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क्रिस मार्टिन की अनूठी बल्लेबाजी शैली और आंकड़े

न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज क्रिस मार्टिन की धारदार स्विंग गेंदबाजी जितनी चर्चित रही, उतनी ही चर्चा उनकी अजीबोगरीब बल्लेबाजी शैली की भी होती थी। जब भी वे क्रीज पर उतरते थे, तो ड्रेसिंग रूम का माहौल काफी दिलचस्प हो जाता था। कीवी टीम के लिए साल 2000 से 2013 के बीच 71 टेस्ट मैच खेलने वाले क्रिस मार्टिन ने 104 पारियों में सिर्फ 123 रन अपने नाम किए, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 12 रन रहा और उनका औसत महज 2.36 का था। क्रिस मार्टिन अपने पूरे करियर के दौरान 36 बार बिना कोई रन बनाए आउट हुए। कुल खेली गई पारियों के मुकाबले डक का यह प्रतिशत काफी हैरान करने वाला है, जिसके चलते वे इस सूची में दूसरे पायदान पर काबिज हैं।

ग्लेन मैक्ग्रा का शून्य के साथ लंबा सफर

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के स्वर्णिम दौर का अहम हिस्सा रहे ग्लेन मैक्ग्रा अपनी लाजवाब लाइन और लेंथ के लिए दुनिया भर में जाने जाते थे। उन्होंने साल 1993 से 2007 के बीच ऑस्ट्रेलिया के लिए 124 टेस्ट मैच खेले और 138 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 51 बार नाबाद रहकर 641 रन बनाए। हालांकि उनका एक अर्धशतक यानी 61 रन की पारी काफी मशहूर हुई थी, लेकिन कुल मिलाकर वह बल्लेबाजी में लगातार संघर्ष करते ही दिखे। ग्लेन मैक्ग्रा अपने करियर में 35 बार शून्य के स्कोर पर पवेलियन लौटे। अपनी सटीक गेंदबाजी से बल्लेबाजों को नचाने वाले ग्लेन मैक्ग्रा खुद ज्यादा देर तक विकेट पर टिक पाने में नाकाम साबित हुए।

इशांत शर्मा की संघर्षपूर्ण पारियां

भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की लंबे समय तक रीढ़ रहे इशांत शर्मा ने अपनी घातक उछाल से दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों को परेशान किया है। भारत के लिए साल 2007 से 2021 के बीच 105 टेस्ट मैच खेलने वाले इशांत ने 142 पारियों में बल्लेबाजी की और 47 मौकों पर नाबाद रहते हुए 8.26 के औसत से 785 रन बनाए। लॉर्ड्स के मैदान पर खेली गई उनकी 57 रनों की शानदार पारी आज भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में ताजा है। इसके बावजूद, निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए इशांत शर्मा भी 34 बार बिना खाता खोले आउट हुए, जो उन्हें इस सूची में चौथे स्थान पर खड़ा करता है।

शेन वॉर्न के ढेरों रनों के बावजूद डक का साया

ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न इस सूची के बाकी खिलाड़ियों से काफी अलग श्रेणी में आते हैं। वह केवल एक महान गेंदबाज ही नहीं बल्कि निचले क्रम के एक उपयोगी और आक्रामक बल्लेबाज भी थे। साल 1992 से 2007 के बीच 145 टेस्ट मैचों की 199 पारियों में शेन वॉर्न ने 17.32 के शानदार औसत से 3154 रन बनाए, जिसमें उनके नाम 12 अर्धशतक भी दर्ज हैं। हालांकि वे कभी टेस्ट शतक नहीं लगा सके और उनका सर्वोच्च स्कोर 99 रन पर सिमट गया। इतने अधिक रन बनाने के बावजूद, अपने लंबे करियर और लगातार आक्रामक रुख अपनाने की आदत के कारण शेन वॉर्न भी अपने करियर में 34 बार शून्य के स्कोर पर आउट हुए।

सवाल-जवाब

टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले दाएं हाथ के बल्लेबाज कौन हैं?
वेस्टइंडीज के महान तेज गेंदबाज कर्टनी वॉल्श टेस्ट इतिहास में रिकॉर्ड 43 बार शून्य के स्कोर पर आउट हुए हैं।
क्रिस मार्टिन ने अपने टेस्ट करियर में कितनी बार डक का सामना किया?
न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज क्रिस मार्टिन अपने करियर में 36 बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।
ग्लेन मैक्ग्रा ने अपने करियर में कितनी बार शून्य रन बनाए?
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा अपने करियर में 35 बार शून्य के स्कोर पर आउट होकर पवेलियन लौटे।
इशांत शर्मा ने टेस्ट मैचों में कितनी बार शून्य पर अपना विकेट गंवाया?
भारत के तेज गेंदबाज इशांत शर्मा निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए 34 बार बिना कोई रन बनाए आउट हुए।
शेन वॉर्न ने टेस्ट क्रिकेट में कुल कितने रन बनाए और कितनी बार डक पर आउट हुए?
शेन वॉर्न ने 145 टेस्ट मैचों में 3154 रन बनाए और वे अपने करियर में 34 बार शून्य पर आउट हुए।
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