घरेलू क्रिकेट के बड़े टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी में युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी अपने बल्ले के प्रदर्शन से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके, लेकिन उन्होंने अपनी गेंदबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पारी की शुरुआत करने उतरे वैभव पिच पर ज्यादा देर टिक नहीं पाए और सस्ते में पवेलियन लौट गए। हालांकि उनकी यह निराशाजनक बल्लेबाजी ज्यादा समय तक चर्चा का विषय नहीं रही, क्योंकि जब कप्तान ने उन्हें गेंदबाजी थमाई तो उन्होंने अपनी स्पिन या गेंदबाजी कौशल से तुरंत असर दिखाया और विरोधी टीम के बल्लेबाजों को संकट में डाल दिया। इस मुकाबले में ईस्ट जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन की टीमें आमने-सामने हैं और मैच का रुख पूरी तरह से एकतरफा नजर आ रहा है।
ईस्ट जोन ने खड़ा किया विशाल स्कोर
टूर्नामेंट के इस अहम क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए रनों का अंबार लगा दिया। पारी की शुरुआत करने आए वैभव सूर्यवंशी अपनी पारी को आगे बढ़ाने में नाकाम रहे और केवल छह गेंदों का सामना करके आठ रन के निजी स्कोर पर आउट हो गए। हैरान करने वाली बात यह रही कि उनके बल्ले से आए ये आठ रन दो चौकों की मदद से आए थे, जिसका मतलब है कि उन्होंने दौड़कर एक भी रन नहीं बनाया। उनके इस तरह जल्दी आउट होने के बावजूद ईस्ट जोन के बाकी बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और स्कोरबोर्ड पर 467 रनों का विशाल टोटल खड़ा कर दिया। टीम की इस बड़ी पारी में सुदीप कुमार ने 146 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली, जबकि मध्यक्रम में उतरे शहबाज अहमद ने भी धमाकेदार अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 167 रन ठोक दिए।
गेंदबाजी में दिखाया कमाल का खेल
बल्लेबाजी में नाकामी का सामना करने के बाद जब गेंदबाजी की बारी आई तो वैभव सूर्यवंशी ने अपनी फिरकी या गेंदबाजी से जलवा बिखेरा। नॉर्थ ईस्ट जोन की टीम जब पहली पारी में बल्लेबाजी करने उतरी तो वह बुरी तरह लड़खड़ा गई और केवल 111 रन पर ही सिमट गई। इसके बाद उन्हें फॉलोआन का सामना करना पड़ा और दूसरी पारी में भी टीम लगातार झटकों से जूझती नजर आई। इस दौरान कप्तान ईशान किशन ने गेंद युवा ऑलराउंडर या खिलाड़ी वैभव के हाथों में सौंप दी। कप्तान के भरोसे पर खरे उतरते हुए वैभव ने केवल चार गेंदों के भीतर लगातार दो महत्वपूर्ण विकेट झटक लिए। उन्होंने किशन लिंगदोह और इमलीवती लेमटूर को अपना शिकार बनाया और विरोधी खेमे की बची-कुची उम्मीदों को भी तोड़ दिया। अपने इस छोटे से स्पेल में उन्होंने कुल तीन ओवर फेंके और मात्र 11 रन खर्च करते हुए दो सफलताएं अपने नाम कीं।
सेमीफाइनल में पहुंचने की कगार पर टीम
इस मुकाबले के हालात को देखते हुए ईस्ट जोन की शानदार जीत अब लगभग पक्की मानी जा रही है। चूंकि यह एक क्वार्टर फाइनल मुकाबला है, इसलिए इस मैच को अपने नाम करते ही ईस्ट जोन की टीम सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश कर जाएगी। इस समीकरण का एक पहलू यह भी है कि अब वैभव को इस मुकाबले की दूसरी पारी में दोबारा बल्लेबाजी करने का मौका मिलने की कोई संभावना नहीं है, लेकिन उनकी टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद उन्हें आगे एक और नया अवसर जरूर मिलेगा। वहां उन्हें अपनी मुख्य क्षमता यानी बल्लेबाजी में सुधार करके बड़ा प्रदर्शन करना होगा। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि वैभव की असली ताकत उनकी बल्लेबाजी ही है, जिस पर उन्हें विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसके साथ ही अगर वे गेंदबाजी में भी इसी तरह का योगदान देते रहे, तो इससे उनकी टीम को भविष्य के मैचों में काफी मजबूती मिलेगी।



















