भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इन दिनों राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे हैं। हाल ही में जब भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली गई थी, तब भी चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम में शामिल नहीं किया था, जबकि वह पूरी तरह से फिट होकर मैदान पर उतर रहे हैं। इस बात का ताजा उदाहरण उन्होंने दलीप ट्रॉफी के मुकाबलों में अपनी धारदार गेंदबाजी और उपयोगी बल्लेबाजी के जरिए एक बार फिर दे दिया है। अब खेलप्रेमियों और विशेषज्ञों के मन में यही सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक इस अनुभवी गेंदबाज को टीम इंडिया से बाहर रखा जाएगा और उनकी वापसी का रास्ता कब साफ होगा।
दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में मोहम्मद शमी का जलवा
दलीप ट्रॉफी के इस सत्र में दलीप ट्रॉफी में मोहम्मद शमी ईस्ट जोन की तरफ से मैदान पर उतर रहे हैं। सेंट्रल जोन के खिलाफ खेले गए महत्वपूर्ण सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने अपनी गेंदबाजी से बल्लेबाजों पर पूरी तरह शिकंजा कसा। मैच की पहली पारी के दौरान उन्होंने 16 ओवर गेंदबाजी की और 42 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इसके बाद मुकाबले की दूसरी पारी में भी उनका आक्रामक अंदाज जारी रहा, जहां उन्होंने 16 ओवरों में 56 रन खर्च करते हुए 3 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। केवल गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर उन्होंने बल्ले से भी टीम के लिए योगदान दिया। पहली पारी में क्रीज पर उतरकर उन्होंने 12 गेंदों का सामना करते हुए 6 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने महज 5 गेंदों पर 8 रनों की नाबाद पारी खेली। उन्होंने एक चौका लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाई और फाइनल का टिकट पक्का करा दिया।
चयन को लेकर लगातार उठ रहे हैं गंभीर सवाल
इस प्रकार पूरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए मोहम्मद शमी ने कुल 32 ओवर गेंदबाजी की और 5 विकेट झटके। जो खिलाड़ी घरेलू स्तर पर इतनी लंबी गेंदबाजी आसानी से कर सकता है और लगातार विकेट निकाल रहा है, उसे कम से कम वनडे प्रारूप की टीम में तो जगह मिलनी ही चाहिए थी, लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। स्थिति तब और अधिक चर्चा में आई जब भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली सीरीज से ठीक पहले तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह स्क्वाड से बाहर हो गए थे। उस वक्त यह मजबूत उम्मीद जताई जा रही थी कि बीसीसीआई की चयन समिति की ओर से मोहम्मद शमी को बुलावा भेजा जाएगा, लेकिन अंततः ऐसा कुछ नहीं हुआ और उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मोहम्मद शमी का शानदार करियर
अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की बात करें तो मोहम्मद शमी ने साल 2013 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था और उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच मार्च 2025 में खेला था। अपने करियर के दौरान वह चोटिल भी हुए थे, लेकिन अब पूरी तरह उबरने और फिट होने के बाद भी उनकी राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बन पा रही है। उन्होंने साल 2013 में ही अपना वनडे डेब्यू भी किया था। इसके अलावा, साल 2023 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया वनडे विश्व कप का फाइनल मुकाबला उनके करियर का अब तक का आखिरी वनडे मैच है। आंकड़ों पर नजर डालें तो शमी वनडे फॉर्मेट में 229 और टेस्ट मैचों में 206 विकेट अपने नाम कर चुके हैं। पूरी तरह से फिट होने के बावजूद उन्हें टीम में शामिल न किया जाना क्रिकेट गलियारों में बड़ा सवाल बना हुआ है।



















