नई दिल्ली। आगामी एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाली क्रिकेट टीमों के लिए व्यवस्थाओं में बड़ा बदलाव किया गया है। अब टीमों के पास अपने ठहरने के लिए खुद से होटल चुनने का पूरा अधिकार होगा। जापान क्रिकेट एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नाओकी एलेक्स मियाजी ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए साफ किया कि हालांकि टूर्नामेंट में आने वाली टीमों को होटल में ठहरने का विकल्प दिया गया है, लेकिन वे अपनी सुविधा के अनुसार खुद भी आवास का चयन करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। यह फैसला तब सामने आया जब महाद्वीपीय खेल आयोजन के लिए आयोजकों की तरफ से मुहैया कराए जा रहे आवास को लेकर कई प्रमुख देशों ने अपनी चिंताएं जाहिर की थीं।
लॉजिस्टिक्स और आवास को लेकर चिंताएं
हाल ही में हुई एशियाई क्रिकेट परिषद की बैठक में शीर्ष क्रिकेट खेलने वाले देशों ने लॉजिस्टिक्स और सुविधाओं से जुड़ी कई आशंकाएं खुलकर सामने रखी थीं। इन चिंताओं के केंद्र में ठहरने के लिए मिलने वाला आवास भी था, जिसकी दूरी आइची प्रान्त के निशिन शहर में स्थित कोरोजी स्पोर्ट्स पार्क से करीब 20 किलोमीटर बैठती है। इन लॉजिस्टिक्स मुद्दों के बाद ही टीमों के लिए अपनी पसंद का होटल चुनने का रास्ता साफ किया गया ताकि किसी भी देश को परेशानी का सामना न करना पड़े।
आयोजन समिति और जेसीए की भूमिका
इस पूरे आयोजन को लेकर नाओकी एलेक्स मियाजी ने एक साक्षात्कार में बताया कि एशियाई खेल आयोजन समिति यानी आइची-नागोया गेम्स ऑर्गेनाइजिंग कमेटी इस महाकुंभ का संचालन एशियाई क्रिकेट परिषद के सहयोग से ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के बैनर तले कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जापान क्रिकेट एसोसिएशन ने कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में अपनी सहायता जरूर मुहैया कराई है, लेकिन वह इस आयोजन में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, जिसके कारण वह हर सवाल का सीधा जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं। इसके बावजूद उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी संबंधित पक्ष आगामी एशियाई खेलों में क्रिकेट के इस सफर को पूरी तरह सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। मियाजी ने यह भी पुख्ता तौर पर आश्वस्त किया कि एशियाई क्रिकेट परिषद लंबे समय से आइची-नागोया गेम्स ऑर्गेनाइजिंग कमेटी के साथ मिलकर लगातार आवास के विकल्पों पर गंभीरता से चर्चा कर रही है और भाग लेने वाले सभी दलों को होटल आवास की पेशकश की जा रही है।
श्रीलंकाई क्यूरेटरों का अहम योगदान
मैदान और खेल की पिचों को तैयार करने के मामले में श्रीलंका क्रिकेट ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। मियाजी ने इस बात को याद करते हुए बताया कि श्रीलंका क्रिकेट ने अपने अनुभवी क्यूरेटरों को खास तौर पर भेजा ताकि वे यहां टर्फ के निर्माण के साथ-साथ हाइब्रिड पिचों की स्थापना के काम को बखूबी अंजाम दे सकें। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से टर्फ और हाइब्रिड पिचों से लैस एक पूर्ण आकार का खेल का मैदान होगा, जिसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्यूरेटरों ने मिलकर तैयार किया है और इसका पूरा श्रेय श्रीलंका क्रिकेट को ही जाना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जापान में क्रिकेट देश के शीर्ष खेलों में शुमार नहीं है, इसलिए उनके पास काम करने के अपने संसाधन और सीमाएं हैं, लेकिन अपनी सीमित क्षमताओं के बावजूद उन्होंने जो कुछ तैयार किया है, उससे यह साफ है कि एशियाई खेलों में क्रिकेट की खेल सतह और मैदान सबसे बेहतरीन साबित होंगे।
स्थानीय समुदाय की भागीदारी और लोकप्रियता
एशियाई खेलों के तहत होने वाले क्रिकेट आयोजन के प्रबंधन में जापान क्रिकेट एसोसिएशन की अपनी मुख्य भूमिका मुख्य रूप से स्थानीय समुदाय के साथ सीधा तालमेल बिठाने और जुड़ने की रही है। मियाजी ने विस्तार से बताया कि एसोसिएशन ने अपना मुख्य ध्यान स्थानीय नागरिकों को जोड़ने पर केंद्रित रखा है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि उन्होंने कई स्थानीय स्कूलों और शॉपिंग सेंटरों तक क्रिकेट को पहुंचाया है, जिसे वहां के लोगों से बहुत भारी उत्साह और समर्थन मिला है। निशिन शहर के प्रशासन से मिल रहे पूर्ण समर्थन और सहयोग के कारण उन्हें पूरा भरोसा है कि स्थानीय समुदाय एशियाई खेलों को सफल बनाने के लिए सौ प्रतिशत समर्थन के साथ उनके पीछे खड़ा है। अपनी बात समाप्त करते हुए मियाजी ने पूरा विश्वास जताया कि जापान में होने वाला यह संस्करण क्रिकेट इतिहास का एक बेहद सफल आयोजन साबित होगा। उन्होंने रेखांकित किया कि एशियाई खेलों के इतिहास में यह पहली बार होगा जब एशिया की तमाम शीर्ष क्रिकेट टीमें सीधे जापान की धरती पर आकर मुकाबले खेलेंगी, और क्रिकेट इस महाद्वीप के सबसे बड़े खेलों में से एक बनकर उभरेगा।



















