दलीप ट्रॉफी 2026 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। इस मैच में ईस्ट जोन के गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने मिलकर टीम की स्थिति को काफी मजबूत कर दिया है। ईस्ट जोन के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच में कुल 7 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। हालांकि, अपनी इस प्रभावी गेंदबाजी के साथ ही उन्होंने एक ऐसा रिकॉर्ड भी बना दिया जिसने मैदान पर उनके कप्तान की चिंता बढ़ा दी। पूरे मैच के दौरान मुकेश कुमार की ओर से कुल 14 नो-बॉल फेंके गए, जिससे कप्तान के चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दी। इसके बावजूद उनकी धारदार गेंदबाजी की बदौलत ईस्ट जोन को मुकाबला जीतने और फाइनल में जगह बनाने के लिए 159 रनों का आसान लक्ष्य मिला है।
मुकेश कुमार की गेंदबाजी: विकेटों की झड़ी के साथ नो-बॉल का अनोखा रिकॉर्ड
मुकेश कुमार ने इस मुकाबले की दोनों पारियों में अपनी स्विंग और तेजी से सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया, लेकिन दिशा और लाइन से भटकने की वजह से वे अतिरिक्त रन भी लुटाते रहे। पहली पारी में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 16 ओवर का स्पेल डाला और 56 रन देकर 3 सफलताएं प्राप्त कीं। इस दौरान उन्होंने 6 नो-बॉल और 1 वाइड गेंद डाली। दूसरी पारी में उनकी गेंदबाजी और अधिक आक्रामक नजर आई, जहां उन्होंने 12 ओवर में 44 रन खर्च करके 4 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। हालांकि, दूसरी पारी में भी ओवरस्टेपिंग की समस्या बनी रही और उन्होंने 8 नो-बॉल के साथ 2 वाइड गेंदें फेंकी। दोनों पारियों को मिलाकर मुकेश कुमार के खाते में कुल 7 विकेट आए, लेकिन 14 नो-बॉल और 3 वाइड गेंद फेंकने के कारण वे चर्चा के केंद्र में रहे।
पहली पारी की दिलचस्प जंग: 266 रनों पर थमे दोनों टीमों के स्कोर
मुकाबले की शुरुआत में सेंट्रल जोन की टीम ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 266 रन टांगे थे। सेंट्रल जोन के लिए पहली पारी में रिंकू सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टीम की ओर से एकमात्र अर्धशतक जड़ा, जबकि आर्यन जुयाल ने 46 रनों की उपयोगी पारी खेलकर उनका अच्छा साथ दिया। जवाब में उतरी ईस्ट जोन की टीम ने भी अपनी पहली पारी में शानदार जज्बा दिखाया और ठीक 266 रन बनाकर पहली पारी का स्कोर बराबर कर दिया। ईस्ट जोन के लिए युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और अनुभवी अभिमन्यु ईश्वरन ने अर्धशतकीय पारियां खेलकर टीम की नींव रखी। अपनी इस अर्धशतकीय पारी के साथ ही वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी के इतिहास में अर्धशतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बनने का 57 साल पुराना रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कराया।
दूसरी पारी का पतन और ईस्ट जोन के सामने 159 का लक्ष्य
पहली पारी में बराबरी रहने के बाद दूसरी पारी में सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। ईस्ट जोन के गेंदबाजों के सामने सेंट्रल जोन की पूरी टीम महज 50.2 ओवरों में 158 रन बनाकर सिमट गई। दूसरी पारी में सेंट्रल जोन का कोई भी बल्लेबाज पचास रन का आंकड़ा नहीं छू सका। टीम के लिए सर्वोच्च स्कोर अमन मोखडे ने बनाया, जिन्होंने 89 गेंदों का सामना करते हुए धैर्यपूर्वक 40 रन जोड़े। उनके अलावा निचले क्रम में अरशद खान ने 25 रन और हर्ष दुबे ने 24 रनों का योगदान दिया। 158 रनों पर ऑलआउट होने के बाद ईस्ट जोन के सामने सेमीफाइनल जीतने और दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में प्रवेश करने के लिए 159 रनों का लक्ष्य रखा गया है।



















