डलास के क्रिकेट मैदान पर संयुक्त राज्य अमेरिका की पुरुष क्रिकेट टीम ने अपने एकदिवसीय इतिहास का सबसे यादगार मुकाबला खेला। संयुक्त अरब अमीरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 330/8 का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसे हासिल करना आसान नहीं माना जा रहा था। इस कठिन चुनौती के सामने मिलिंद कुमार ने बेहतरीन संयम और आक्रामकता का परिचय देते हुए नाबाद शतक जड़ा। उनकी इस ऐतिहासिक पारी के दम पर अमेरिकी टीम ने सात गेंदें शेष रहते 6 विकेट से शानदार जीत दर्ज कर ली। यह पहली बार है जब अमेरिकी टीम ने एकदिवसीय प्रारूप में 300 से अधिक रनों का लक्ष्य सफलतापूर्वक पार किया है।
मिलिंद कुमार और शुभम रंजाने की मैच जिताऊ साझेदारी
लक्ष्य का पीछा करते हुए अमेरिका को बीच के ओवरों में एक मजबूत साझेदारी की दरकार थी। मिलिंद कुमार ने मैदान पर उतरते ही शानदार शॉट लगाए और केवल 84 गेंदों में नाबाद 116 रन की तेज पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का पांचवां शतक रहा। दूसरे छोर से उन्हें शुभम रंजाने का बेहतरीन सहयोग मिला, जिन्होंने सूझबूझ भरी बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 57 रन बनाए। इन दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए अटूट 160 रनों की साझेदारी की और टीम को बिना किसी अतिरिक्त झटके के जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया।
अमेरिका के लिए सबसे ज्यादा छक्कों का नया कीर्तिमान
अपनी इस आतिशी पारी के दौरान मिलिंद कुमार ने पांच गगनचुंबी छक्के जड़े। इसके साथ ही वह वनडे क्रिकेट में अमेरिका की ओर से सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। इस मुकाम पर पहुंचकर उन्होंने मोनांक पटेल को पीछे छोड़ दिया। मिलिंद के नाम अब एकदिवसीय मुकाबलों में कुल 38 छक्के दर्ज हो चुके हैं, जबकि मोनांक पटेल 34 छक्कों के साथ दूसरे पायदान पर खिसक गए हैं। वहीं 32 छक्कों के साथ आरोन जोन्स इस तालिका में तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।
वनडे और लीग-2 के रिकॉर्ड्स बुक में नया मुकाम
330 रनों का यह सफल रन चेज अमेरिका के वनडे इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य पीछा है। इससे पूर्व अमेरिका का सर्वश्रेष्ठ सफल रन चेज 294/7 था, जो टीम ने वर्ष 2024 में इसी डलास मैदान पर नेपाल के विरुद्ध हासिल किया था। इसके अतिरिक्त, आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 के पूरे इतिहास में भी यह दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज साबित हुआ है। इस प्रभावशाली जीत के साथ अमेरिकी टीम लीग-2 अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर विराजमान हो गई है। टीम पहले ही वर्ल्ड कप क्वालीफायर में अपनी जगह सुरक्षित कर चुकी है, जिससे अगले साल दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में प्रवेश की उसकी उम्मीदें बेहद मजबूत हो गई हैं।



















