देश की राजधानी के वीवीआईपी इलाके में मंगलवार को राजनीतिक हलचल तेज होने के चलते यातायात व्यवस्था में बड़े फेरबदल किए गए हैं। विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक से जुड़े 19 राजनीतिक दलों के सांसदों ने संसद भवन से लेकर निर्वाचन सदन तक पैदल मार्च निकालने की तैयारी की है। इसी सियासी प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुबह के समय ही नई दिल्ली जिले के लिए विशेष परामर्श जारी कर दिया, ताकि आम नागरिकों को जाम का सामना न करना पड़े।
सुबह 8 बजे से इन मार्गों पर बदला गया ट्रैफिक
सुरक्षा बलों द्वारा किए गए विशेष सुरक्षा इंतजामों के तहत मंगलवार सुबह 8:00 बजे से ही लुटियंस दिल्ली और आसपास के संवेदनशील इलाकों में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है। जिन प्रमुख रास्तों पर वाहनों को मोड़ा गया है या जहां यातायात धीमा रहने की संभावना है, उनमें कनॉट प्लेस से पटेल चौक और पार्लियामेंट स्ट्रीट जाने वाला मार्ग, पटेल चौक से जीपीओ का रास्ता, विंडसर प्लेस से जीपीओ की ओर जाने वाली सड़क, अशोक रोड तथा जंतर-मंतर रोड और इसके आसपास का पूरा इलाका शामिल है। पुलिस ने इन रास्तों पर अवरोधक लगाकर सुरक्षा पहरा कड़ा कर दिया है।
यात्रियों और वाहन चालकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
मध्य दिल्ली की तरफ जाने वाले दैनिक यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए प्रशासन ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं
- जब तक कोई बेहद जरूरी काम न हो, प्रभावित लुटियंस जोन और आसपास की सड़कों पर जाने से बचें।
- रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग, डायवर्जन और वाहनों के धीमे चलने की पूरी संभावना को ध्यान में रखें।
- अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सामान्य से अधिक समय लेकर घर से निकलें और यात्रा की पूर्व योजना बनाएं।
- सड़क पर निजी वाहन ले जाने के बजाय दिल्ली मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को प्राथमिकता दें।
- ड्यूटी पर तैनात यातायात कर्मियों के निर्देशों और सड़कों पर लगे सूचना बोर्डों का पालन करें।
- प्रतिबंधित या संवेदनशील गलियारों के आसपास किसी भी वाहन को पार्क करने अथवा रोकने से परहेज करें।
- ट्रैफिक पुलिस के साथ सहयोग बनाए रखें और वैकल्पिक रास्तों का चयन करें।
3 किलोमीटर लंबा मार्च और चुनाव आयोग का घेराव
विपक्षी गठबंधन के घटक दलों ने निर्वाचन आयोग के दफ्तर का घेराव करने का कार्यक्रम तय किया है। सांसदों का यह पैदल मार्च संसद परिसर के मकर द्वार से प्रारंभ होकर लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित आयोग के केंद्रीय कार्यालय तक जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी विपक्षी सांसद सुबह 10:30 बजे संसद के मकर द्वार पर एकत्र होंगे और वहीं से पैदल रवाना होंगे। इस प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद शिरकत कर रहे हैं। उनके अलावा शिवसेना (यूबीटी) की ओर से पार्टी सांसद संजय राउत और अनिल देसाई भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर आवाज उठाएंगे।
19 विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर कर रहीं प्रदर्शन
इस संयुक्त आंदोलन को विपक्षी गठबंधन ने 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' का नाम दिया है। निर्वाचन आयोग तक जाने वाले इस 3 किमी लंबे प्रदर्शन में शामिल होने वाले 19 दलों में प्रमुख रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (यूबीटी) शामिल हैं। इनके साथ ही आरजेडी, सीपीएम, सीपीआई, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी), पीडीपी, जेएमएम, सीपीआई-एमएल, आईयूएमएल, केरल कांग्रेस (एम), एमडीएमके, वीसीके, आरएसपी, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) और केरल कांग्रेस (जे) के सांसद भी एक मंच पर आकर इस मार्च का हिस्सा बन रहे हैं।























