धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम की हरियाली से घिरी पिच पर एक ऐसी पारी देखने को मिली, जिसने भारतीय गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे पहले वनडे में मेहमान टीम के ओपनर रहमनुल्लाह गुरबाज ने बल्ले से ऐसा कहर बरपाया कि रिकॉर्ड बुक के पन्ने पलटने पड़ गए। महज 48 गेंदों पर शतक जड़कर उन्होंने अपने वनडे करियर का नौवां सैकड़ा तो पूरा किया ही, साथ ही अफगानिस्तान क्रिकेट का सबसे तेज वनडे शतक भी अपने नाम कर लिया।
पहली गेंद से ही दिखा इरादा
गुरबाज मैदान पर उतरते ही पूरी तरह आक्रामक मूड में थे। भारतीय तेज गेंदबाजों को उन्होंने जमने का जरा भी मौका नहीं दिया। शुरुआती ओवरों में जहां पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की उम्मीद थी, वहीं गुरबाज ने बेखौफ अंदाज में बल्ला घुमाकर इस सोच को बेमानी साबित कर दिया। मैदान की चारों दिशाओं में उनके शॉट गूंजते रहे और चौके-छक्के ऐसे बरसे मानो रनों की झड़ी लग गई हो।
51 गेंद, 102 रन और 200 का स्ट्राइक रेट
इस विस्फोटक पारी में गुरबाज ने कुल 51 गेंदों का सामना किया और 200.00 के स्ट्राइक रेट से 102 रन ठोक डाले। खास बात यह रही कि उनके 102 रनों में से 64 रन तो सिर्फ बाउंड्री से आए और वह भी केवल 16 गेंदों पर। पारी में उन्होंने 8 चौके और 8 छक्के लगाए। बाउंड्री की इसी बौछार ने भारतीय टीम को लगातार बैकफुट पर धकेले रखा। आखिरकार भारतीय ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी ने उन्हें बोल्ड कर इस तूफान पर ब्रेक लगाया, लेकिन तब तक गुरबाज अपना काम पूरा कर चुके थे।
16 साल बाद टूटा अफगानिस्तान का रिकॉर्ड
इस पारी के साथ गुरबाज ने अफगानिस्तान के 16 साल पुराने रिकॉर्ड को मिटा दिया। अब तक अफगानिस्तान के लिए सबसे तेज वनडे शतक का रिकॉर्ड विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद शहजाद के नाम था, जिन्होंने 2010 में अलोवे में स्कॉटलैंड के खिलाफ 72 गेंदों में सैकड़ा जड़ा था। इतनी ही गेंदों यानी 72 गेंदों पर करीम सादिक ने भी 2012 में शारजाह में नीदरलैंड के खिलाफ शतक बनाया था। गुरबाज ने दोनों को कोसों पीछे छोड़ते हुए 48 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की। तेज शतकों की इस फेहरिस्त में नवरोज मंगल (2013, स्कॉटलैंड के खिलाफ) और मोहम्मद शहजाद (2019, आयरलैंड के खिलाफ) के 85-85 गेंदों के शतक भी दर्ज हैं, मगर गुरबाज की पारी ने रफ्तार की परिभाषा ही बदल दी।
भारत के खिलाफ अफरीदी के ठीक पीछे
यह कारनामा इसलिए भी बड़ा है क्योंकि यह भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उसी की मेजबानी में आया। भारत के विरुद्ध सबसे तेज वनडे शतक के मामले में गुरबाज अब दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। इस सूची में पहला नाम पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी का है, जिन्होंने 2005 में कानपुर में सिर्फ 45 गेंदों पर शतक ठोका था। 48 गेंदों के साथ गुरबाज अब अफरीदी से ठीक नीचे काबिज हैं।
इस रिकॉर्ड की दौड़ में उन्होंने कई दिग्गजों को मात दी है। ऑस्ट्रेलिया के जेम्स फॉल्कनर ने 2013 में बेंगलुरु में भारत के खिलाफ 57 गेंदों में, साउथ अफ्रीका के एबी डिविलियर्स ने 2015 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 57 गेंदों में और न्यूजीलैंड के माइकल ब्रेसवेल ने 2023 में हैदराबाद में 57 गेंदों में भारत के खिलाफ शतक बनाए थे। गुरबाज ने इन सभी को पीछे छोड़ते हुए 48 गेंदों में सैकड़ा जड़कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया।
अफगानिस्तान के लिए सबसे ज्यादा शतक
यह गुरबाज के वनडे करियर का नौवां शतक था और इसके साथ ही अफगानिस्तान के लिए सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने के मामले में उनकी बढ़त और मजबूत हो गई। सिर्फ 24 साल की उम्र में उनके खाते में अब 9 वनडे शतक दर्ज हो चुके हैं। इस मामले में दूसरे नंबर पर इब्राहिम जादरान और मोहम्मद शहजाद हैं, जिनके नाम संयुक्त रूप से 6-6 वनडे शतक हैं। जिस अंदाज में गुरबाज बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसे देखते हुए आने वाले समय में उनसे और भी कई रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद की जा सकती है। धर्मशाला की यह पारी हमेशा उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाएगी।













