अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखना हर क्रिकेटर के जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। नए खिलाड़ी की तमन्ना होती है कि उसका पहला मुकाबला शानदार रहे और वह अपने बल्ले से यादगार छाप छोड़े। इसके बावजूद कई बार परिस्थितियां और खेल का भारी दबाव उम्मीदों पर पानी फेर देता है। जब कोई स्थापित या उभरता हुआ बल्लेबाज अपने पहले ही मुकाबले में बिना खाता खोले पवेलियन लौट जाए, तो यह शुरुआत बेहद निराशाजनक मानी जाती है। भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे बड़े नाम रहे हैं जिनका टी20 इंटरनेशनल सफर शून्य के अनचाहे झटके के साथ शुरू हुआ।
दक्षिण अफ्रीका के सामने बोल्ड हो गए थे महेंद्र सिंह धोनी
भारत को साल 2007 में पहला टी20 विश्व कप जिताने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने करियर में अनगिनत उपलब्धियां हासिल कीं। इसके बावजूद इस छोटे फॉर्मेट में उनके सफर की शुरुआत बेहद साधारण रही थी। साल 2006 में जब भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला आधिकारिक टी20 इंटरनेशनल मैच खेला, तब धोनी भी उस ऐतिहासिक एकादश का हिस्सा थे। इस मुकाबले में धोनी क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिक सके और महज 2 गेंदें खेलकर बोल्ड हो गए। बिना खाता खोले शून्य पर आउट होने का यह रिकॉर्ड उनके शुरुआती टी20 आंकड़ों से हमेशा जुड़ा रहा।
जिम्बाब्वे के खिलाफ पहली ही गेंद पर आउट हुए केएल राहुल
इस सूची में दूसरा प्रमुख नाम केएल राहुल का आता है। राहुल भले ही मौजूदा समय में भारतीय टी20 टीम का हिस्सा न हों, लेकिन एक दौर में वह इस प्रारूप में भारत के सबसे भरोसेमंद और प्रभावी बल्लेबाजों में गिने जाते थे। उनके नाम टी20 प्रारूप में शानदार आंकड़े दर्ज हैं, मगर उनके इस सफर का आगाज भी शून्य से हुआ था। साल 2016 में जिम्बाब्वे दौरे पर केएल राहुल ने अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। उस मुकाबले में राहुल पहली ही गेंद पर बिना कोई रन बनाए आउट हो गए, जिसे क्रिकेट की भाषा में गोल्डन डक कहा जाता है।
पृथ्वी शॉ का डेब्यू मैच ही बन गया आखिरी मुकाबला
सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के टी20 इंटरनेशनल करियर की कहानी काफी असामान्य रही। पृथ्वी शॉ ने साल 2021 में श्रीलंका के खिलाफ अपने टी20 इंटरनेशनल करियर का आगाज किया था। इस मैच में उनसे धमाकेदार शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन वह पारी की पहली ही गेंद पर शून्य पर आउट होकर पवेलियन लौट गए। इस गोल्डन डक के बाद से उन्हें अब तक भारतीय टीम के लिए टी20 फॉर्मेट में दोबारा मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिल सका। उनका यह पहला मुकाबला ही उनका आखिरी मैच साबित हुआ।
आईपीएल में जलवा बिखेरने के बाद अभिषेक शर्मा का धीमा आगाज
अपनी विस्फोटक और आक्रामक बल्लेबाजी से दुनिया भर के गेंदबाजों में खौफ भरने वाले युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का नाम भी इस फेहरिस्त में शामिल है। अभिषेक ने साल 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय टीम की जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रखा था। आईपीएल के मंच पर अपनी तूफानी बल्लेबाजी का लोहा मनवा चुके अभिषेक के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव अलग साबित हुआ। अपने पहले टी20 मैच में अभिषेक ने 4 गेंदें खेलीं, लेकिन वह खाता खोलने में नाकाम रहे और शून्य पर आउट होकर वापस लौटे।



















