दलीप ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण अंदाज में अपने शतक से चूक गए। ईस्ट जोन के खिलाफ खेले जा रहे इस महत्वपूर्ण मैच में तिलक वर्मा ने टीम को संभालने के लिए जबर्दस्त संघर्ष किया, लेकिन वह केवल 1 रन के अंतर से अपना सैकड़ा पूरा नहीं कर सके। उनकी इस टिककर खेली गई पारी के बावजूद साउथ जोन की टीम ईस्ट जोन के विशाल स्कोर के सामने काफी पीछे रह गई है।
शतक से 1 रन दूर रहे तिलक वर्मा और टूटा नाबाद रहने का सिलसिला
दक्षिण क्षेत्र यानी साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने 211 गेंदों का सामना करते हुए 99 रनों की धैर्यपूर्ण पारी खेली। अगर वह 1 रन और बना लेते तो यह पिछली तीन पारियों में उनका दूसरा शतक होता। इससे पहले उन्होंने दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में भी साउथ जोन के लिए शानदार शतक जड़ा था। इसके अलावा यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि पिछले दो महीनों में किसी भी प्रारूप में तिलक वर्मा पहली बार आउट हुए हैं। इस अवधि के दौरान वे अपनी हर पारी में नाबाद पवेलियन लौटे थे।
साउथ जोन का स्कोर और बल्लेबाजी का प्रदर्शन
तिलक वर्मा के अकेले संघर्ष के दम पर साउथ जोन की टीम अपनी पहली पारी में 336 रन के स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। इसके जवाब में ईस्ट जोन को पहली पारी के आधार पर 372 रनों की बहुत बड़ी बढ़त हासिल हो गई। साउथ जोन की ओर से तिलक वर्मा के अलावा देवदत्त पडिक्कल ने 62 रनों की उपयोगी पारी खेली और चामा मिलिंद ने भी 43 रनों का योगदान दिया। इन तीन खिलाड़ियों के अलावा साउथ जोन का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका, जिसके चलते पूरी पारी में साउथ जोन की तरफ से एक भी छक्का देखने को नहीं मिला।
सपाट पिच पर ईस्ट जोन के गेंदबाजों का जलवा
बल्लेबाजी के अनुकूल मानी जा रही सपाट पिच पर ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने साउथ जोन के मुकाबले कहीं अधिक प्रभावी गेंदबाजी की। ईस्ट जोन के लिए तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक 3 विकेट चटकाए। उनका साथ देते हुए मोहम्मद शमी, मोहम्मद कौनाइन कुरैशी और शिखर मोहन ने 2-2 विकेट हासिल किए। ईस्ट जोन के इस अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण ने साउथ जोन को 336 रन पर समेटकर मैच पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली।



















