डरबन के किंग्समीड मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू हुए टेस्ट मुकाबले के पहले दिन ऑस्ट्रेलियाई टीम का सफर भारी उथल-पुथल से भरा रहा. साल 2018 के बहुचर्चित सैंडपेपर विवाद के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली बार दक्षिण अफ्रीकी सरजमीं पर टेस्ट मैच खेलने उतरी थी, जिसके चलते इस मुकाबले पर सभी की निगाहें टिकी थीं. टॉस जीतकर धूप खिली परिस्थितियों में पहले बैटिंग चुनने के बाद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी बिखरती नजर आई और टीम ने महज 124 रन के कुल स्कोर पर अपने 6 अहम विकेट गंवा दिए. हालांकि, इसके बाद मध्यक्रम के बल्लेबाज मैट रेनशॉ और कप्तान पैट कमिंस ने जिम्मेदारी संभालते हुए पारी को संभाला. खराब रोशनी के कारण जब अंपायरों ने पहले दिन का खेल समय से पहले समाप्त करने का निर्णय लिया, तब तक ऑस्ट्रेलिया ने 65.2 ओवरों में 6 विकेट खोकर 187 रन बना लिए थे.
शुरुआती दांव पड़ा उल्टा और निक मैडिंसन का फ्लॉप शो
टॉस के समय ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने बिना किसी संकोच के पहले बल्लेबाजी का रुख किया था, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजों ने इस फैसले को जल्द ही गलत साबित कर दिया. टीम प्रबंधन ने लगभग एक दशक बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे निक मैडिंसन को पारी का आगाज करने की अप्रत्याशित जिम्मेदारी सौंपी थी. पिछले साल टेस्टिकुलर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज कराकर मैदान पर वापसी करने वाले मैडिंसन के लिए यह फैसला कतई मुफीद साबित नहीं हुआ. वह क्रीज पर 33 गेंदों तक संघर्ष करते रहे, लेकिन बिना कोई रन बनाए शून्य पर पवेलियन लौट गए. इस डक के साथ ही उनका टेस्ट बल्लेबाजी औसत घटकर महज 5.4 रह गया है.
मैडिंसन के जोड़ीदार के रूप में उतरे आक्रामक बल्लेबाज ट्रेविस हेड भी विपक्षी तेज आक्रमण के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सके. वियान मुल्डर की गेंद पर लेग साइड में विकेटकीपर को आसान कैच थमाकर वह सस्ते में विदा हो गए. दो विकेट जल्दी गिरने के बाद अनुभवी बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ ने पारी को संभालने का प्रयास किया. दोनों खिलाड़ियों के बीच तीसरे विकेट के लिए 60 रनों की मजबूत और उपयोगी साझेदारी देखने को मिली. इस दौरान स्टीव स्मिथ ने अफ्रीकी स्पिनर केशव महाराज के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाए और बाउंड्री पार शानदार छक्के भी जड़े. लेकिन यह लय लंच से ठीक पहले टूट गई, जब वियान मुल्डर ने मार्नस लाबुशेन को एलबीडब्ल्यू कर पवेलियन का रास्ता दिखाया. इसके तुरंत बाद लंच के बाद के सत्र में मार्को जेनसन ने स्टीव स्मिथ को गली में कैच आउट कराकर ऑस्ट्रेलिया को सबसे बड़ा झटका दे दिया.
124 पर छह विकेट और मैट रेनशॉ-पैट कमिंस का धैर्य
शीर्ष क्रम के लड़खड़ाने के बाद पारी की शुरुआत करने के बजाय नंबर 5 पर उतारे गए मैट रेनशॉ ने गजब का धैर्य और परिपक्वता दिखाई. जहां एक छोर पर विकेटों की झड़ी लगी हुई थी, वहीं रेनशॉ ने खुद को मजबूती से क्रीज पर टिकाए रखा. विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी महज 1 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि ब्यू वेबस्टर बिना कोई रन बनाए शून्य पर आउट हो गए. लगातार विकेट गिरने से ऑस्ट्रेलियाई स्कोर 124 रन पर 6 विकेट हो गया और टीम गहरे दबाव में आ गई.
इस नाजुक मोड़ पर कप्तान पैट कमिंस खुद क्रीज पर उतरे और उन्होंने रेनशॉ के साथ मिलकर दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों का डटकर सामना किया. दोनों बल्लेबाजों ने अनुशासित बैटिंग करते हुए सातवें विकेट के लिए नाबाद 63 रनों की अहम भागीदारी निभाई और टीम को संकट से बाहर निकाला. पहले दिन का खेल रोके जाने तक मैट रेनशॉ 115 गेंदों पर 46 रन बनाकर नाबाद डटे हुए थे, जबकि पैट कमिंस ने भी दूसरे छोर से उनका शानदार साथ निभाया.
दक्षिण अफ्रीकी तेज आक्रमण का दबदबा और स्पिनरों की परीक्षा
दक्षिण अफ्रीकी टीम के तेज गेंदबाजों ने परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए ऑस्ट्रेलियाई लाइन-अप को बैकफुट पर धकेले रखा. तेज गेंदबाज मार्को जेनसन, वियान मुल्डर और एनरिक नॉर्किया ने घातक गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए 2-2 विकेट हासिल किए. विशेष रूप से एनरिक नॉर्किया ने लगभग साढ़े तीन साल के लंबे अंतराल के बाद टेस्ट प्रारूप में वापसी की और अपनी तूफानी गति से बल्लेबाजों को काफी परेशान किया. दूसरी तरफ, टीम के स्पिनर केशव महाराज और साइमन हार्मर को पहले दिन कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी. इन दोनों स्पिनरों ने मिलकर 21 ओवर की गेंदबाजी की लेकिन विकेट का कॉलम खाली रहा, हालांकि मैच के आगे बढ़ने पर इस पिच से स्पिनरों को मदद मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है.
तीस पार के खिलाड़ियों की एकादश और भविष्य के सवाल
इस मैच में उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की संरचना ने भी क्रिकेट पंडितों का ध्यान खींचा है. चोटिल होने के कारण कैमरून ग्रीन टीम से बाहर थे, जबकि बीमारी के चलते कूपर कोनोली भी मुकाबले का हिस्सा नहीं बन सके. इन दोनों युवाओं की अनुपस्थिति के कारण ऑस्ट्रेलिया की इस अंतिम एकादश में शामिल सभी 11 खिलाड़ी 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के रहे. इतने सारे सीनियर खिलाड़ियों को एक साथ मैदान में उतारने से टीम के भविष्य और बदलाव के दौर को लेकर नई चर्चा छिड़ गई है. फिलहाल खराब रोशनी से खेल रुकने के बाद दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज अपनी लय से मजबूत स्थिति में जरूर दिख रहे हैं, लेकिन रेनशॉ और कमिंस की साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को मैच में बनाए रखा है.



















