स्टारलिंक विवाद पर कमल हासन का एलन मस्क को दो टूक जवाब, बोले कोई अरबपति देश की नीतियां तय नहीं कर सकतारावलपिंडी में साहिबजादा फरहान की कप्तानी पारी से जीता पाकिस्तान, पहले टी20 में श्रीलंका को दी करारी मातसाउथ चाइना सी में तेल और गैस निकालने की मची होड़, वियतनाम में वैश्विक शक्तियों के निवेश से बौखलाया चीनलखनऊ में पारिवारिक कलह के बीच होमगार्ड ने पत्नी और बेटी का घोंटा गला, खुद थाने पहुंच किया आत्मसमर्पणसुरक्षा जांच और रूट डायवर्जन के चलते दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर थमी रफ्तार, सिरहौल सीमा पर घंटों फंसे रहे मुसाफिरप्रमुख अमेरिकी प्रकाशकों द्वारा बिना बताए कृत्रिम मेधा का बढ़ता इस्तेमाल, कर्मचारियों और एजेंटों में उपजा गहरा असंतोषहेलरेज़र रिवाइवल गेम रिव्यू (2026): पिनहेड की वापसी पर गेमप्ले में नहीं दिखा वो पुराना खौफसिंगापुर में मौद्रिक सख्ती की तैयारी में डीबीएस का अनुमान, मुद्रा नीति के स्लोप में मामूली बढ़ोतरी संभवअमेरिकी बॉन्ड यील्ड और महंगाई दबाव के बीच जापानी येन में गिरावट, 160 के स्तर पर हस्तक्षेप का खतरा बरकरारशारदीय नवरात्रि से पहले घर से हटाएं ये चार वस्तुएं, 22 सितंबर को होगी घटस्थापना
सुरक्षा जांच और रूट डायवर्जन के चलते दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर थमी रफ्तार, सिरहौल सीमा पर घंटों फंसे रहे मुसाफिरहरियाणा
10 अक्तू॰ 2026, 12:05 am (1 घंटे पहले)· 1

सुरक्षा जांच और रूट डायवर्जन के चलते दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर थमी रफ्तार, सिरहौल सीमा पर घंटों फंसे रहे मुसाफिर

राष्ट्रीय राजधानी में संभावित विरोध प्रदर्शनों के कारण सीमाओं पर बढ़ाई गई सुरक्षा जांच और बैरिकेडिंग से शुक्रवार की शाम दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे और सिरहौल बॉर्डर पर वाहनों की मीलों लंबी कतारें लग गईं।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सप्ताहांत से ठीक पहले शुक्रवार की शाम घर लौट रहे मुसाफिरों के लिए भारी मुसीबत साबित हुई। दिल्ली में संभावित विरोध प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी, जिसके चलते दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर यातायात पूरी तरह थम गया। कार्यालयों से अपने घरों की ओर जा रहे हजारों दैनिक यात्रियों को भीषण जाम का सामना करना पड़ा और मुख्य सड़क मार्गों पर पहिए घंटों तक थमे रहे।

सिरहौल बॉर्डर और एक्सप्रेसवे पर रेंगती रहीं गाड़ियां

सीमावर्ती इलाकों में कड़ी निगरानी और सघन वाहन जांच की वजह से सिरहौल बॉर्डर तथा दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर हालात बेहद खराब हो गए। वाहनों की कतारें इतनी लंबी हो गईं कि चालकों को महज एक किलोमीटर की दूरी पार करने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने कई महत्वपूर्ण स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी थी तथा वाहनों के रास्ते बदल दिए थे। सुरक्षा के इन कड़े प्रबंधों का सीधा खामियाजा रोजमर्रा के मुसाफिरों को भुगतना पड़ा।

ये भी पढ़ें

सप्ताहांत की भीड़ और सघन जांच से बढ़ा दबाव

शुक्रवार का दिन होने के कारण सामान्य दिनों की तुलना में शाम के व्यस्त समय में सड़कों पर पहले से ही गाड़ियों की संख्या अधिक थी। इसी दौरान दिल्ली की तरफ संभावित आंदोलन को लेकर लागू किए गए नए ट्रैफिक दिशा-निर्देशों और डायवर्जन ने दबाव को अत्यधिक बढ़ा दिया। पूरे हफ्ते के कामकाज के बाद समय पर घर पहुंचने की उम्मीद लगाए बैठे नौकरीपेशा लोग हाईवे के मुख्य कैरिजवे के साथ-साथ सर्विस लेन पर भी फंसे रह गए। सार्वजनिक बसों में सवार यात्रियों के साथ-साथ छोटे बच्चों को लेकर सफर कर रहे परिजनों को भी भारी असुविधा झेलनी पड़ी।

प्रशासन की सलाह और आवागमन सामान्य करने की कवायद

सड़कों पर बिगड़ते हालात को संभालने के लिए यातायात पुलिस लगातार मशक्कत करती रही, परंतु वाहनों के अत्यधिक जमावड़े के कारण जाम खुलने में लंबा वक्त लगा। प्रशासन ने पहले ही एक परामर्श जारी कर लोगों को बिना जरूरी काम यात्रा न करने तथा वैकल्पिक रास्तों का चुनाव करने को कहा था। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में वाहन चालकों तक समय रहते सूचना न पहुंचने से वे मुख्य मार्ग के भारी जाम में उलझ गए। यातायात पुलिस की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि आवाजाही को धीरे-धीरे सुचारु किया जा सके।

सवाल-जवाब

दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर भारी जाम क्यों लगा?
दिल्ली में संभावित विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की जा रही सघन वाहन जांच और रूट डायवर्जन के कारण यह जाम लगा।
इस जाम से सबसे अधिक कौन से इलाके प्रभावित हुए?
सिरहौल बॉर्डर और दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा, जहां मुख्य लेन और सर्विस रोड दोनों प्रभावित रहे।
मुसाफिरों को कितनी देरी का सामना करना पड़ा?
सड़कों पर वाहनों की कतारें इतनी लंबी थीं कि चालकों को एक किलोमीटर का फासला तय करने में भी घंटों का समय लग गया।
यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
पुलिस ने सुरक्षा कारणों से बैरिकेडिंग और डायवर्जन लागू किए तथा लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने और वैकल्पिक रास्ते चुनने की अपील की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Nyra Kaif@nyra-kaif·1 मिनट पहले

सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी तय करने में घंटों लग जाएं, तो वीकेंड का मज़ा किरकिरा होना तय है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·22 मिनट पहले

शुक्रवार शाम सिरहौल बॉर्डर पर इस कदर फंसे कि एक किलोमीटर की दूरी तय करने में ही घंटों बीत गए, वीकेंड का ऐसा स्वागत कौन चाहता है।

Ravikash Gupta@ravikash·22 मिनट पहले

अरे अर्जुन भाई, सच में बुरा हाल था! क्या एडवायजरी सही समय पर जारी नहीं हुई थी कि इतने लोग फंस गए?

Karan Malhotra@karan-malhotra·43 मिनट पहले

शुक्रवार शाम को बॉर्डर पार करने वालों का बुरा हाल हो गया। क्या ट्रैफिक विभाग पहले से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं कर सकता था?

Rohan Verma@rohan-verma·43 मिनट पहले

करण भाई, पुलिस ने तो पहले ही एडवाइजरी जारी करके मना किया था। ऐसे में सारा दोष सिर्फ प्रशासन पर डालना ठीक नहीं है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp