80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को दी बधाई, कहा जन सहयोग से संवरेगा मध्य प्रदेशसूर्य का पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश 31 अगस्त से बदलेगा 5 राशियों का भाग्य, 14 दिनों तक मिलेगा विशेष लाभगोकुलधाम में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा और माधवी भिड़े का लाइसेंस रद्द, दर्शकों ने जोड़ा तुकाराम मुंडे की कार्रवाई से कनेक्शननांदेड़ गुरुद्वारा हमले में सुखबीर सिंह बादल की जान बचाने वाले इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे अस्पताल से डिस्चार्ज, पत्नी ने जताई बहादुरी पर खुशीनेतानार पुलिस परिसर में खुला सेवा डेरा, मुफ्त सिलाई सीखकर स्वावलंबी बन रही हैं बस्तर की महिलाएंभावनगर के गणेश बरैया ने केबीसी 18 में सुनाई जीवन की दास्तान, पिता के एक फैसले ने बनाया डॉक्टरफरवरी 1997 में डेविड धवन और करिश्मा कपूर की दो बैक-टू-बैक फिल्मों ने सिनेमाघरों में मचाया था धमालइंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने 98वें 99वें और 100वें मुकाबले में 180 से ज्यादा रन बनाकर बनाया अनोखा रिकॉर्डबंटवारा 1947 रिव्यू (2026): स्वतंत्रता दिवस से पहले सिनेमाघरों में उतरा विभाजन का दर्दगॉल टेस्ट से श्रीलंका दौरे का आगाज, कप्तान शुभमन गिल के निशाने पर सचिन तेंदुलकर और गावस्कर के 5 बड़े रिकॉर्ड
ओडिशा के 6 जिलों में सरकारी जमीन पर अवैध गांजा खेती के खिलाफ सख्त आदेश, दोषी अफसरों पर भी गिरेगी गाजओडिशा
14 अग॰ 2026, 8:33 pm (1 घंटे पहले)· 2

ओडिशा के 6 जिलों में सरकारी जमीन पर अवैध गांजा खेती के खिलाफ सख्त आदेश, दोषी अफसरों पर भी गिरेगी गाज

ओडिशा सरकार ने 6 जिलों में सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से गांजा उगाने वालों और माफिया की मदद करने वाले या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी जारी की है।

ओडिशा में सरकारी भूखंडों का दुरुपयोग कर अवैध रूप से गांजे की फसल उगाने वालों के खिलाफ राज्य प्रशासन ने आक्रामक रुख अपना लिया है। राज्य सरकार की ओर से जारी एक कड़े दिशा-निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी संपत्ति पर किसी भी प्रकार की नशीले पदार्थों की खेती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवैध गतिविधि पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य के 6 चिन्हित जिलों में जमीन की निगरानी व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से कड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं।

6 संवेदनशील जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र जारी

राजस्व विभाग के सचिव ने राज्य के 6 प्रमुख जिलों के जिलाधिकारियों को आधिकारिक पत्र प्रेषित कर इस विषय में तत्काल और प्रभावी कदम उठाने को कहा है। जिन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का आदेश जारी हुआ है, उनमें मलकानगिरी, कोरापुट, रायगड़ा, कंधमाल, बौध और गजपति जिले शामिल हैं। इन जिलों के प्रशासनिक प्रमुखों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाली हर सरकारी भूमि की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और अवैध खेती की सूचना मिलते ही संबंधित एजेंसियों को सतर्क करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ये भी पढ़ें

तहसीलदार और राजस्व निरीक्षकों को सौंपी गई निगरानी की जिम्मेदारी

अवैध खेती की पहचान करने के लिए निचले स्तर के प्रशासनिक अमले को सीधे तौर पर जवाबदेह बनाया गया है। सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, सभी संबंधित क्षेत्रों के तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार और राजस्व निरीक्षकों को अपने इलाकों में मौजूद सरकारी जमीनों की गहन जांच करने को कहा गया है। यह प्रशासनिक दल यह सुनिश्चित करेगा कि दूरदराज या सुनसान इलाकों में स्थित सरकारी जमीन पर गांजे के पौधे न उगाए जा रहे हों।

पुलिस और एसटीएफ के साथ त्वरित सूचना साझाकरण

सरकारी जमीन पर अवैध रूप से उगाए गए गांजे की फसल का पता चलते ही त्वरित कार्रवाई के लिए स्पष्ट कार्यप्रणाली तय की गई है। जैसे ही राजस्व अमले को ऐसी किसी खेती की जानकारी मिलेगी, उन्हें बिना किसी विलंब के स्थानीय पुलिस थाने में मामले की औपचारिक सूचना दर्ज करानी होगी। इसके साथ ही, इस घटना की विस्तृत जानकारी विशेष कार्यबल (STF) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को भी तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। राजस्व विभाग और पुलिस बल के बीच इस बेहतर तालमेल का मुख्य उद्देश्य सूचना मिलने और मौके पर कार्रवाई करने के बीच के समय को न्यूनतम करना है।

माफिया की मदद या लापरवाही पर अफसरों पर होगी कार्रवाई

सरकार ने इस अभियान में केवल अवैध खेती में शामिल तत्वों या गांजा माफिया को ही निशाना नहीं बनाया है, बल्कि प्रशासनिक अमले की जवाबदेही भी तय की है। राजस्व सचिव ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी जानबूझकर गांजा माफिया का सहयोग करता पाया गया या उसने अवैध खेती की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई करने में ढिलाई बरती, तो उसके खिलाफ अत्यंत कठोर अनुशासनिक और कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इन कड़े निर्देशों के लागू होने के बाद सभी 6 जिलों में सरकारी भूखंडों का सर्वेक्षण और निगरानी तंत्र सक्रिय कर दिया गया है।

सवाल-जवाब

ओडिशा सरकार ने किन 6 जिलों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं?
सरकार ने मलकानगिरी, कोरापुट, रायगड़ा, कंधमाल, बौध और गजपति जिलों में सरकारी जमीन पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी जमीन पर गांजा खेती की सूचना किन एजेंसियों को देनी होगी?
गांजा खेती की जानकारी मिलने पर अधिकारियों को तुरंत स्थानीय पुलिस थाने, एसटीएफ (STF) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचित करना होगा।
निगरानी की मुख्य जिम्मेदारी किन अधिकारियों को सौंपी गई है?
जमीन की निगरानी और अवैध खेती की पहचान की मुख्य जिम्मेदारी तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार और राजस्व निरीक्षकों को दी गई है।
अवैध खेती में मदद या लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी?
यदि कोई अधिकारी गांजा माफिया की मदद करता है या जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई नहीं करता, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·14 मिनट पहले

यह प्रशासनिक कदम केवल गांजा माफिया के खिलाफ नहीं, बल्कि अंदरूनी मिलीभगत पर करारा प्रहार है। जब तक तहसीलदार और राजस्व निरीक्षकों की जवाबदेही तय कर उन्हें पुलिस और एसटीएफ से सीधे नहीं जोड़ा जाता, तब तक रिमोट इलाकों में ऐसी खेती रोकना मुश्किल था। अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन इन छह संवेदनशील जिलों में केवल नोटिस तक सीमित रहता है या भ्रष्ट अधिकारियों पर बर्खास्तगी जैसी वास्तविक कानूनी कार्रवाई भी होती है।

Ravikash Gupta@ravikash·14 मिनट पहले

यह प्रशासनिक सख्ती वित्तीय और आर्थिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अवैध ड्रग्स से जुड़ा काला धन ग्रामीण अर्थव्यवस्था के समानांतर एक अनियोजित समानांतर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है। जब तक मलकानगिरी, कोरापुट और कंधमाल जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में जमीन की डिजिटल मैपिंग और वित्तीय लेन-देन की कड़ी निगरानी नहीं की जाती, तब तक माफिया नेटवर्क अपनी जड़ें मजबूत बनाए रखेगा। प्रशासनिक जवाबदेही तय होना सही दिशा में कदम है, लेकिन यदि संलिप्त अधिकारियों की संपत्ति की जब्ती जैसी वित्तीय कार्रवाई नहीं की गई, तो इस अभियान का प्रभाव लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR