टेस्ट क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में गिने जाने वाले जो रूट ने भारत के खिलाफ द्विपक्षीय ODI श्रृंखला में एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिसने सीमित ओवरों के प्रारूप में भी उनकी श्रेष्ठता साबित कर दी है। इंग्लैंड के इस स्टार बल्लेबाज ने तीन मैचों की पूरी सीरीज के दौरान एक बार भी अपना विकेट नहीं गंवाया। उन्होंने अविश्वसनीय रूप से कुल 249 रन बनाए और तीनों मैचों में नाबाद लौटे। इसके साथ ही उन्होंने द्विपक्षीय ODI सीरीज में बिना आउट हुए सबसे ज्यादा रन बनाने का एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है, जिसे तोड़ना आने वाले समय में दुनिया के किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद कठिन चुनौती होगी।
भारत के खिलाफ जो रूट का असाधारण प्रदर्शन
इस पूरी श्रृंखला के दौरान भारतीय टीम का कोई भी गेंदबाज जो रूट को आउट करने में सफल नहीं हो सका। उन्होंने तीनों ही मुकाबलों में अपनी शानदार तकनीक और गजब के धैर्य का परिचय दिया। श्रृंखला के पहले मुकाबले में, जो एजबेस्टन में खेला गया था, रूट ने बेहद सूझबूझ से बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 76 रन बनाए। हालांकि इस मैच में इंग्लैंड की टीम को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन रूट अंत तक क्रीज पर डटे रहे और अपनी टीम के लिए संघर्ष करते रहे।
श्रृंखला के दूसरे मैच में कार्डिफ के मैदान पर रूट ने एक बार फिर अपनी मास्टरक्लास दिखाई। इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 234 रनों का लक्ष्य था। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए रूट ने नाबाद 99 रनों की बेहतरीन पारी खेली। वह बेहद मामूली अंतर से अपने शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने नाबाद रहते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई और सीरीज को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया।
इसके बाद लॉर्ड्स में खेले गए निर्णायक मुकाबले में जो रूट ने बेहद आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने केवल 48 गेंदों का सामना करते हुए ताबड़तोड़ अंदाज में नाबाद 74 रनों की पारी खेली। इस विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर इंग्लैंड ने 3 विकेट पर 387 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस निर्णायक मैच को इंग्लैंड ने 27 रनों से जीता और सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया। इस तरह पूरी सीरीज में रूट ने कुल 249 रन जोड़े और एक बार भी आउट नहीं हुए।
जोस बटलर का रिकॉर्ड छूटा पीछे
इस विशेष सूची में दूसरे स्थान पर भी इंग्लैंड के ही एक अन्य दिग्गज खिलाड़ी का नाम दर्ज है। जोस बटलर ने साल 2022 में नीदरलैंड्स के खिलाफ खेली गई द्विपक्षीय श्रृंखला के दौरान बेमिसाल प्रदर्शन किया था। बटलर ने उस श्रृंखला में कुल 248 रन बनाए थे और वह भी पूरी सीरीज में एक बार भी आउट नहीं हुए थे।
नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए पहले मुकाबले में बटलर ने केवल 70 गेंदों में नाबाद 162 रनों की बेहद आक्रामक पारी खेली थी। उनकी इस पारी की मदद से इंग्लैंड ने उस समय वनडे इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर यानी 4 विकेट पर 498 रन बनाया था। इसके बाद सीरीज के दूसरे मैच में बटलर को बल्लेबाजी करने का अवसर नहीं मिला। तीसरे और अंतिम मैच में उन्होंने 64 गेंदों में नाबाद 86 रन बनाए और इंग्लैंड को श्रृंखला में 3-0 से जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तीसरे पायदान पर रिकी पोंटिंग का जलवा
इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड सूची में तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के महान कप्तान रिकी पोंटिंग का नाम आता है। पोंटिंग ने साल 2007 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी घरेलू धरती पर खेली गई सीरीज में शानदार बल्लेबाजी की थी। उन्होंने केवल दो पारियों में बल्लेबाजी करते हुए कुल 241 रन बनाए और दोनों ही बार नाबाद पवेलियन लौटे।
एडिलेड में खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले में पोंटिंग ने कप्तानी पारी खेलते हुए नाबाद 107 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया को 255 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल करने में मदद की। इस श्रृंखला का दूसरा मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था, जिससे पोंटिंग को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। इसके बाद तीसरे मैच में पोंटिंग ने फिर से बेहतरीन बल्लेबाजी की और नाबाद 134 रनों की पारी खेली। इस पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 114 रनों के बड़े अंतर से मुकाबला जीता था। दो पारियों में 241 रन बनाकर नाबाद रहना पोंटिंग की महान बल्लेबाजी क्षमता को दर्शाता है।



















