श्रीलंका के खिलाफ चल रहे गॉल टेस्ट मुकाबले के तीसरे दिन भारतीय खेमे में एक दिलचस्प और हैरान करने वाला वाकया देखने को मिला। लंच के बाद जब खेल दोबारा शुरू हुआ, तब गेंदबाजी का जिम्मा संभाल रहे मानव सुथार की एक गेंद पर श्रीलंकाई बल्लेबाज सोनल दिनुशा के खिलाफ विकेट के पीछे जोरदार अपील हुई। इस पूरी घटना के दौरान ऐसा वाकया सामने आया जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और टीम को नुकसान उठाना पड़ा।
गेंदबाज की असहमति और कप्तान पर दबाव
मैदान पर गेंदबाजी कर रहे मानव सुथार बिल्कुल भी इस बात के पक्ष में नहीं थे कि गेंद ने बल्ले का कोई बाहरी किनारा लिया है। यही वजह थी कि उन्होंने खुद विकेट के पीछे किसी तरह के कैच या बाहरी किनारे की अपील नहीं की थी। मैदानी अंपायर ने भी भारतीय टीम की अपील को सिरे से खारिज कर दिया था। इसके बावजूद विकेटकीपर ऋषभ पंत अपनी बात पर अड़े रहे और उन्होंने कप्तान शुभमन गिल को रिव्यू लेने के लिए राजी कर लिया। कप्तान ने अपने विकेटकीपर के भरोसे पर फैसला लेते हुए डीआरएस की मांग कर दी।
थर्ड अंपायर के फैसले से गंवाना पड़ा रिव्यू
जब तकनीकी मदद ली गई और मामला तीसरे अंपायर के पास पहुंचा, तो रिप्ले में साफ नजर आया कि गेंदबाज की आशंका बिल्कुल सही थी। वीडियो फुटेज की बारीकी से जांच करने पर पता चला कि गेंद बल्ले को तो नहीं छूई थी, अलबत्ता वह पैड से टकराते हुए निकली थी। नतीजतन थर्ड अंपायर ने मैदानी फैसले को ही बरकरार रखा और भारत का वह रिव्यू पूरी तरह से बेकार चला गया। पंत के इस फैसले ने मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों के साथ-साथ डगआउट को भी चौंका दिया।



















