टीम इंडिया के वनडे सेटअप में रोहित शर्मा की भूमिका और ड्रेसिंग रूम की अंदरूनी स्थिति को लेकर इन दिनों खूब बातें हो रही हैं. लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले मुकाबले से ठीक पहले उनके संन्यास की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था, हालांकि बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने इस पर सफाई देते हुए बताया कि रोहित का यह आखिरी मैच नहीं होगा. इसी बीच एक नई जानकारी सामने आई है, जिसमें रोहित शर्मा और मुख्य कोच गौतम गंभीर के आपसी रिश्तों की पूरी कहानी बताई गई है, जो दोस्ताना शुरुआत से निकलकर धीरे धीरे तनाव तक पहुंच गई. दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत खुद रोहित शर्मा ने ही की थी, जिन्होंने गंभीर को कोच बनवाने की पहल की थी.
गंभीर को कोच बनवाने की पहल किसने की
यह किस्सा 2024 का है, जब कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम आईपीएल के एक मुकाबले के लिए मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पहुंची थी. उसी दौरान रोहित शर्मा की मुलाकात गौतम गंभीर से हुई थी, और रोहित ने उनसे टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बनने का अनुरोध किया. उस वक्त गंभीर आईपीएल में कोचिंग कर रहे थे, राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी को लेकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा था. रोहित की बात सुनकर गंभीर ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया था, "अगर आप कप्तान रहेंगे, तो मैं जरूर टीम इंडिया के साथ जुड़ूंगा." आगे चलकर यही वाक्य बेहद मायने रखने वाला साबित हुआ, क्योंकि कुछ ही महीनों में कप्तानी की तस्वीर पूरी तरह बदल गई. उस दौर में दोनों की आपसी समझ को इतना सकारात्मक माना जा रहा था कि शायद ही किसी ने अंदाजा लगाया होगा कि यही जोड़ी आगे चलकर विवादों की सबसे बड़ी वजह बनेगी.
न्यूजीलैंड सीरीज में दिखी पहली दरार, ऑस्ट्रेलिया में बात बिगड़ी
दोनों के रिश्तों में तनाव के पहले संकेत तब दिखे जब टीम इंडिया को अपनी ही जमीन पर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में 3-0 से हार का सामना करना पड़ा और सीरीज क्लीन स्वीप में बदल गई. यह नतीजा टीम के लिए बड़ा झटका था और कोच-कप्तान की जोड़ी पर भी सवाल उठने लगे. मगर असली दूरी ऑस्ट्रेलिया के दौरे में देखने को मिली. फॉर्म से जूझ रहे रोहित शर्मा सिडनी में होने वाले टेस्ट से खुद को अलग रखना चाहते थे. चयन पैनल के मुखिया अजीत अगरकर ने उन्हें रोका और चेताया कि इस फैसले का असर आने वाले समय की चयन प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है, फिर भी रोहित नहीं माने और उस मुकाबले से बाहर रहे. इसी बीच एक ब्रॉडकास्टर के साथ बातचीत में उनकी एक लाइन खासी सुर्खियों में रही, जब उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि मेरे लिए क्या सही है." यह टिप्पणी टीम मैनेजमेंट और चयन पैनल, दोनों के लिए चौंकाने वाली थी और इसी वजह से आपसी दूरी और चौड़ी हो गई.
कप्तानी छिनने के बाद पनपी नाराजगी
टेस्ट क्रिकेट से दूरी बनाने के फैसले के कुछ समय बाद रोहित शर्मा से वनडे टीम की कमान भी वापस ले ली गई. टीम के आने वाले वर्षों की योजना को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं और मैनेजमेंट ने शुभमन गिल को यह नई भूमिका सौंपने का निर्णय लिया. जब यह खबर रोहित तक पहुंची, तो वह इससे बिल्कुल खुश नजर नहीं आए और इसके बाद हुई बातचीत में भी पहले जैसी सहजता गायब रही. इसके बावजूद रोहित ने हिम्मत नहीं हारी, उन्होंने अपनी बैटिंग और आगामी विश्व कप की तैयारी पर पूरा ध्यान लगाया, लेकिन टीम प्रबंधन की तरफ से उनके भविष्य को लेकर कोई पक्का भरोसा नहीं मिला, जिससे अनिश्चितता की स्थिति बनी रही.
लॉर्ड्स से पहले फिर उठे भविष्य को लेकर सवाल
इंग्लैंड सीरीज के दौरान हाल में यह बात फिर चर्चा में आई कि आगामी 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में रोहित शर्मा को जगह नहीं मिलने की संभावना है, और लॉर्ड्स में खेला जा रहा यह मुकाबला उनके करियर का अंतिम वनडे साबित हो सकता है. इन खबरों को लेकर फैंस के बीच भी काफी हलचल देखी गई. मगर सैकिया ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि रोहित के रिटायरमेंट से जुड़ी चर्चाओं में कोई दम नहीं है. इसके बावजूद टीम इंडिया के भीतरी समीकरण और रोहित शर्मा के आगे के सफर को लेकर बातचीत थमती नजर नहीं आ रही. यह आने वाला समय ही तय करेगा कि रोहित वनडे प्रारूप में खुद को किस भूमिका में ढालते हैं, और गंभीर के साथ उनका रिश्ता आगे किस मोड़ पर पहुंचता है.




















