उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में रविवार देर रात एक मकान की छत अचानक धराशायी हो गई, जिसमें चार मासूम बच्चों समेत पांच लोगों की जान चली गई. यह भीषण हादसा फुगाना थाना क्षेत्र में हुआ, जहां घर के भीतर मौजूद कई लोग छत के मलबे में दब गए. घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में मातम और सनसनी फैल गई.
कैसे हुआ यह हादसा
जानकारी के मुताबिक, जिस समय छत गिरी उस वक्त मकान के अंदर परिवार के कई सदस्य मौजूद थे. अचानक तेज धमाके जैसी आवाज के साथ पूरी छत भरभराकर नीचे आ गिरी. आवाज सुनते ही आसपास के लोग फौरन घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े और देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई. स्थानीय लोगों ने बिना देर किए इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई.
मलबे से निकाले गए शव, घायलों को अस्पताल भेजा गया
मौके पर पहुंचे स्थानीय निवासियों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर मलबा हटाने का काम शुरू किया. काफी देर तक चली इस भारी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक चार बच्चों और एक पुरुष की सांसें थम चुकी थीं. हादसे में घायल हुए बाकी लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुजफ्फरनगर की इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फौरन इसका संज्ञान लिया. उन्होंने जान गंवाने वाले चार बच्चों और एक व्यक्ति के शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे बिना देरी घटनास्थल पर पहुंचें और घायलों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं. इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे मृतकों के परिवारों से खुद संपर्क करें और सरकार की ओर से हर संभव मदद, आर्थिक सहायता सहित, बिना किसी देरी के मुहैया कराई जाए.




















