मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक 26 साल के युवक ने ऑनलाइन गेमिंग में ढाई लाख रुपये गंवाने के बाद परिवार से नजरें बचाने के लिए अपने ही अपहरण की झूठी कहानी गढ़ ली। लेकिन पुलिस ने महज दो दिन के भीतर पूरे मामले की परतें खोलकर युवक को दिल्ली के एक होटल से सकुशल बरामद कर लिया।
पिता ने दर्ज कराई थी अपहरण की शिकायत
17 जुलाई को बामोर थाने में पमाया रोड के रहने वाले देवी सिंह ने अपने बेटे सोनू कुशवाह के अपहरण की शिकायत दी थी। देवी सिंह के मुताबिक उनका 26 वर्षीय बेटा घर से बाजार की तरफ निकला था, तभी रास्ते में कुछ अनजान लोगों ने उसे जबरन एक वाहन में बिठा लिया और ले गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत अपहरण का मामला दर्ज कर लिया।
दो टीमें बनीं, फिर पुलिस को हुआ शक
एसपी के निर्देश पर एसडीओपी और बामोर थाना प्रभारी की अगुवाई में दो अलग टीमें बनाई गईं। घटनास्थल से सबूत जुटाने के साथ आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इसी दौरान जांच टीम को कुछ बातें खटकने लगीं। सोनू के मोबाइल नंबर से ही परिवार को लगातार मैसेज आ रहे थे, जिनमें वह खुद बता रहा था कि उसका अपहरण हो चुका है। एक अपहृत व्यक्ति खुद अपने मोबाइल से इस तरह के संदेश भेजे, यह बात पुलिस को शक के दायरे में ले आई और कहानी मनगढ़ंत लगने लगी।
निजामुद्दीन इलाके के 150 होटलों की तलाशी
तकनीकी सबूतों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि सोनू दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास कहीं छिपा हुआ है। सुराग मिलते ही पुलिस टीम तुरंत दिल्ली रवाना हुई और निजामुद्दीन स्टेशन तथा ऑटो स्टैंड के आसपास सघन तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस ने इलाके के करीब 150 होटलों और लॉज की एक-एक कर जांच की। आखिरकार चौहान रेजिडेंसी नाम के होटल के रजिस्टर में सोनू का नाम दर्ज मिला। पुलिस जब उस कमरे में पहुंची तो सोनू वहां अकेला मोबाइल पर व्यस्त मिला। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मुरैना ले आई।
पूछताछ में खुला राज, गेमिंग में गंवाए थे ढाई लाख
पूछताछ के दौरान सोनू ने कबूल कर लिया कि पूरा अपहरण उसी की रची हुई साजिश थी। उसने बताया कि वह ऑनलाइन गेमिंग का आदी हो चुका है और इसी लत में करीब ढाई लाख रुपये गंवा बैठा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह डावर ने बताया कि सोनू परिवार में जिम्मेदार सदस्य माना जाता है और घर के पैसों का हिसाब-किताब भी उसी के पास रहता है। इतनी बड़ी रकम गंवाने की बात परिवार को पता चलने पर वह क्या जवाब देगा, इसी डर और शर्म ने उसे यह झूठी साजिश रचने पर मजबूर कर दिया।
टीम को इनाम, युवक पर कानूनी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने महज 48 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। वहीं दूसरी ओर झूठी सूचना देकर पुलिस बल और मशीनरी को गुमराह करने के आरोप में सोनू के खिलाफ अब वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।


















