उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से हो रही तेज बारिश ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. मौसम विभाग की मानें तो देहरादून, टिहरी और हरिद्वार में भारी बारिश का रेड अलर्ट है, तो वहीं उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत, पौड़ी और ऊधम सिंह नगर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
मुख्यमंत्री ने दिए हाई अलर्ट के निर्देश
बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव और आपदा प्रबंधन सचिव को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने राहत और बचाव दलों को चौबीसों घंटे तैयार रहने तथा सड़क, बिजली और संचार जैसी बाधित सेवाओं को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए कहा है. आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने भी सभी विभागों को दिन-रात सतर्क रहने का निर्देश जारी किया है.
चार जिलों में सोमवार को स्कूल बंद
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील इलाकों में सोमवार को छुट्टी घोषित कर दी गई है. चमोली, ऊधम सिंह नगर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों समेत कक्षा 1 से 12वीं तक की सभी स्कूलें सोमवार को पूरी तरह बंद रखी जाएंगी. इसके अलावा देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कलेक्ट्रेट में सोमवार को होने वाला समाधान दिवस भी टाल दिया है.
देहरादून में मंदिर के पास जाने से रोका
राजधानी देहरादून में नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर चढ़ रहा है. कैंट क्षेत्र में टपकेश्वर महादेव मंदिर के करीब से बहने वाली टोंस नदी उफान पर आ गई है. मंदिर प्रबंधन ने भक्तों और आसपास रहने वाले लोगों से नदी किनारे बिल्कुल न जाने की अपील की है, ताकि कोई अनहोनी न हो.
कैलाश-मानसरोवर यात्रा रास्ते में रुकी
पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश और भूस्खलन के चलते कैलाश-मानसरोवर यात्रा फिलहाल थम गई है. गर्बाधार में बड़ा भूस्खलन होने से बॉर्डर रोड लगातार दूसरे दिन भी बंद है. इस वजह से यात्रा का पहला जत्था बूंदी में ही रुका हुआ है, जबकि चौथा जत्था रास्ता न खुलने के कारण मायूस होकर बेस कैंप लौट गया. प्रशासन चारधाम और मानसरोवर यात्रा के रास्तों पर लगातार नजर बनाए हुए है.




















