वाइट हाउस वार्ता: यूक्रेन में पैट्रियट मिसाइल उत्पादन लाइसेंस के लिए वॉशिंगटन पहुंचे जेलेंस्की, ट्रंप से करेंगे अहम बैठकचीन में 90 साल की महिला 20 वर्ष तक जिंदा हैंड ग्रेनेड से तोड़ती रही अखरोट, मजदूर ने देख पुलिस को दी सूचनारसोई की चुभती बीप का इलाज: स्टारलिंग के जोएल कोरेलिट्ज़ और कोलिन कूगन ने C++ कोड से सुधारी माइक्रोवेव की आवाज़बेलेघाटा से तृणमूल कांग्रेस नेता राजू नस्कर पुलिस कस्टडी में, रंगदारी और धमकी के आरोपों पर बड़ा एक्शनत्वचा को चमकदार और टाइट बनाने के लिए घर पर तैयार करें चावल के मांड की नेचुरल कोलेजन क्रीम, जानें आसान तरीकाशादियों की विदाई में आज भी छाया रहता है 1989 का क्लासिक ट्रैक, 37 सालों से कायम है पद्मिनी कोल्हापुरे और मिथुन चक्रवर्ती के इस इमोशनल गाने की जगहभारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने दिया इस्तीफा, कोलकाता नाइट राइडर्स की कोचिंग में होगी वापसीअपने जन्मदिन पर हुमा कुरैशी ने दिया सरप्राइज, महारानी सीजन 5 की शूटिंग का किया आधिकारिक ऐलानआईआईटी दिल्ली और एम्स का नया कारनामा, संगीत के जरिए स्ट्रोक मरीजों की बोलती बंद होने की बीमारी का निकाला इलाजलोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा, शशि थरूर ने रखी अपनी बात
चीन में 90 साल की महिला 20 वर्ष तक जिंदा हैंड ग्रेनेड से तोड़ती रही अखरोट, मजदूर ने देख पुलिस को दी सूचनादुनिया
29 जुल॰ 2026, 1:58 am (2 घंटे पहले)· 2

चीन में 90 साल की महिला 20 वर्ष तक जिंदा हैंड ग्रेनेड से तोड़ती रही अखरोट, मजदूर ने देख पुलिस को दी सूचना

चीन के हुबेई प्रांत में एक 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला 20 सालों से सैन्य हैंड ग्रेनेड को रसोईघर का हथौड़ा समझकर इस्तेमाल कर रही थीं। जून 2024 में घर ढहाने पहुंचे मजदूरों ने इस खतरे को पहचाना, जिसके बाद बम डिस्पोजल दस्ते ने इसे सुरक्षित रूप से नष्ट किया।

चीन के हुबेई प्रांत स्थित हुआंगबाओ काउंटी में एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है जिसने सुरक्षा विशेषज्ञों और आम जनता को हैरान कर दिया है। यहां 90 वर्ष की एक बुजुर्ग महिला पिछले 20 वर्षों से एक बेहद खतरनाक जिंदा हैंड ग्रेनेड को आम घरेलू औजार समझकर अपनी रसोई में इस्तेमाल कर रही थीं। वह रोजाना इस सैन्य बम से अखरोट फोड़ती थीं, लाल मिर्च पीसती थीं, अनाज कूटती थीं और दीवारों में लोहे की कीलें ठोकती थीं। दो दशकों तक हजारों बार तेज झटके लगने के बावजूद यह विस्फोटक कभी नहीं फटा। जून 2024 में जब महिला के पुराने मकान को ढहाने के लिए मजदूर वहां पहुंचे, तब इस खौफनाक हकीकत का पर्दाफाश हुआ। अलर्ट मजदूर की सतर्कता से बम डिस्पोजल दस्ते को बुलाया गया, जिसने नियंत्रित विस्फोट के जरिए इस ग्रेनेड को नष्ट कर दो दशक लंबे खतरे का अंत किया।

खेत में मिला भारी धातु का टुकड़ा और रसोई में प्रवेश

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत लगभग दो दशक पहले हुई थी। हुबेई प्रांत के हुआंगबाओ काउंटी में अपने कृषि क्षेत्र में काम करते समय बुजुर्ग महिला को जमीन में दबा हुआ एक मजबूत और भारी धातु का टुकड़ा मिला। यह टुकड़ा आकार में बेलनाकार था और इसका एक सिरा हत्थे की तरह पकड़ा जा सकता था। साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली महिला ने इसे एक मजबूत लोहे का मूसल या हथौड़ा मान लिया। उन्हें लगा कि यह औजार घर के कामों में काफी उपयोगी साबित होगा। इसलिए वह बिना किसी संदेह के उसे उठाकर अपने घर ले आईं और रसोई की अलमारी में रख दिया।

ये भी पढ़ें

उस समय महिला को जरा भी आभास नहीं था कि वे जिस वस्तु को अपने घर में सजाकर रख रही हैं, वह वास्तव में चीनी सेना का एक घातक अस्त्र था। अगले 20 वर्षों तक यह हथियार उनके दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बना रहा। रसोईघर में मसाले पीसने से लेकर कठोर छिलके वाले अखरोट तोड़ने तक, महिला हमेशा इसी धातु के टुकड़े से प्रहार करती थीं। जब भी घर की लकड़ी के ढांचे में या दीवारों में कीलें ठोकने की जरूरत होती, तब भी वे इसी भारी बम को हथौड़े की तरह इस्तेमाल करती थीं। इस दौरान उस पर अनगिनत बार जोर-जोर से चोटें की गईं, लेकिन हर बार किस्मत की वजह से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

जून 2024 में मजदूर की सतर्कता से खुला राज

दो दशकों से चला आ रहा यह खतरनाक सिलसिला जून 2024 में उस समय अचानक थम गया जब महिला के पुराने मकान को गिराने की प्रक्रिया शुरू हुई। स्थानीय प्रशासन द्वारा भेजे गए डिमोलिशन वर्कर जब घर का मुआयना कर रहे थे, तब एक मजदूर की नजर रसोईघर में रखे इस औजार पर पड़ी। मजदूर ने ध्यान से देखा तो उसे लगा कि इसका डिजाइन और संरचना सामान्य घरेलू औजारों से बिल्कुल अलग है। सैनिक गोला-बारूद की थोड़ी जानकारी होने के कारण उसे तुरंत संदेह हुआ कि यह कोई पुराना सैन्य बम हो सकता है।

मजदूर ने बिना कोई जोखिम लिए तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और सेना के बम निरोधक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। जब विशेषज्ञों ने उस धातु की वस्तु की गहराई से जांच की, तो उनके होश उड़ गए। वह कोई बेकार या निष्क्रिय पड़ा लोहा नहीं था, बल्कि चीनी सेना का एक बेहद खतरनाक और पूरी तरह से एक्टिव टाइप 67 हैंड ग्रेनेड था। खतरे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत आसपास के पूरे इलाके को खाली कराया और निवासियों को सुरक्षित दूरी पर भेजा। इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने एक निर्धारित खुले क्षेत्र में ले जाकर नियंत्रित धमाका करके उस ग्रेनेड को सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।

चीनी सेना के 'टाइप 67' हैंड ग्रेनेड का तकनीकी इतिहास

सैन्य रिकॉर्ड के अनुसार, चीन ने 1960 के दशक के उत्तरार्ध में टाइप 67 हैंड ग्रेनेड का निर्माण और विकास किया था। यह मुख्य रूप से एक फ्रेगमेंटेशन ग्रेनेड श्रेणी का हथियार है, जिसे युद्ध के मैदान में दुश्मनों को व्यापक नुकसान पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया था। इस ग्रेनेड के बाहरी आवरण में लोहे की मोटी परत होती है, जिसके अंदर उच्च क्षमता वाला विस्फोटक पदार्थ भरा जाता है। धमाका होने पर इसका बाहरी धातु का खोल सैकड़ों नुकीले और जानलेवा टुकड़ों में टूटकर चारों तरफ तेजी से फैलता है, जिससे कई मीटर के दायरे में भारी तबाही मचती है।

टाइप 67 ग्रेनेड को मुख्य रूप से पैदल सेना के उपयोग के लिए बनाया गया था, और इसकी मारक क्षमता बेहद घातक मानी जाती है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक था कि जब महिला रोजाना इस बम से कठोर चीजों पर तेज प्रहार कर रही थीं, तो इतने सालों में इसके अंदर मौजूद बारूद ने प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी और यह फटा क्यों नहीं।

हजारों झटकों के बाद भी क्यों नहीं हुआ धमाका?

बम निरोधक विशेषज्ञों और सैन्य वैज्ञानिकों ने इस चमत्कार के पीछे के वैज्ञानिक और तकनीकी कारणों को स्पष्ट किया है। आधुनिक और पुराने सैन्य ग्रेनेड में मानवीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई सुरक्षा परतें और मैकेनिज्म दिए जाते हैं। टाइप 67 हैंड ग्रेनेड को सक्रिय करने और फटने के लिए उसकी सेफ्टी पिन को खींचना पड़ता है और उसके आंतरिक फ्यूज असेंबली को ट्रिगर करना जरूरी होता है। जब तक यह सेफ्टी पिन अपनी जगह पर बनी रहती है, तब तक आंतरिक स्प्रिंग और फायरिंग पिन डेटोनेटर पर प्रहार नहीं कर पाते।

बुजुर्ग महिला ने 20 सालों में कभी भी उस ग्रेनेड की सेफ्टी पिन या उसके फ्यूज तंत्र से छेड़छाड़ नहीं की थी। उन्होंने हमेशा उसके बाहरी धातु के आवरण का उपयोग ठोका-पिटी के लिए किया। बाहर से भारी चोट लगने के बावजूद आंतरिक डेटोनेटर सुरक्षित रहा और मुख्य बारूद सोता रहा। हालांकि विशेषज्ञों ने यह चेतावनी भी दी कि यह केवल एक दुर्लभ संयोग था। दशकों पुराने सैन्य विस्फोटक जंग लगने और नमी के संपर्क में आने से अत्यधिक संवेदनशील और अस्थिर हो जाते हैं। कई बार ऐसे पुराने बमों में हल्का सा घर्षण या कंपन भी विस्फोट का कारण बन जाता है, इसलिए 20 साल तक इस स्थिति का बने रहना किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं है।

सच्चाई जानने पर 90 वर्षीय बुजुर्ग की प्रतिक्रिया

जब बम निरोधक दस्ते ने ग्रेनेड को नष्ट कर दिया और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में आ गई, तब अधिकारियों ने 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला को पूरी बात समझाई। उन्हें बताया गया कि जिस चीज से वे पिछले 20 सालों से अपनी रसोई में काम कर रही थीं और अखरोट फोड़ रही थीं, वह वास्तव में एक जिंदा बम था जो किसी भी क्षण पूरे घर को उड़ा सकता था। यह सुनकर महिला ने बेहद ही शांत और मासूम अंदाज में जवाब दिया।

महिला ने अधिकारियों से कहा कि वे तो इसे केवल एक मजबूत लोहे का टुकड़ा समझती रही थीं। उन्होंने बताया कि यह औजार काम करने में बेहद आसान और टिकाऊ था, इसलिए वे रोजाना इससे चीजें ठोकती-पीटती थीं और उन्हें कभी इस बात का थोड़ा भी अंदेशा नहीं हुआ कि यह इतना खौफनाक हो सकता है। गांव के लोगों और स्थानीय प्रशासन ने महिला के सुरक्षित बचने पर राहत की सांस ली है। यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है कि किस तरह दो दशकों तक मौत के साये में रहने के बाद भी किस्मत ने महिला का साथ दिया।

सवाल-जवाब

चीन में बुजुर्ग महिला कितने सालों तक हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल करती रहीं?
बुजुर्ग महिला लगभग 20 सालों तक उस जिंदा हैंड ग्रेनेड को रसोई का हथौड़ा समझकर इस्तेमाल करती रहीं।
यह बम किस प्रकार का हैंड ग्रेनेड था?
यह चीनी सेना का एक असली और एक्टिव 'टाइप 67' हैंड ग्रेनेड था, जिसे 1960 के दशक के उत्तरार्ध में विकसित किया गया था।
महिला को यह ग्रेनेड कहां से मिला था?
महिला को यह धातु का टुकड़ा करीब 20 साल पहले अपने कृषि क्षेत्र में काम करते समय मिला था।
लगातार ठोकने-पीटने के बावजूद यह बम क्यों नहीं फटा?
चूंकि महिला ने कभी ग्रेनेड की सेफ्टी पिन नहीं निकाली थी और न ही फ्यूज से छेड़छाड़ की थी, इसलिए आंतरिक डेटोनेटर एक्टिवेट नहीं हुआ।
20 साल पुराना यह खौफनाक सच कैसे सामने आया?
जून 2024 में महिला का पुराना घर ढहाने आए एक मजदूर ने रसोई में रखे औजार को देखकर पहचान लिया और पुलिस को सूचना दी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR