अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग हो चुके तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने इंडियन प्रीमियर लीग के 2027 सत्र में उतरने की अटकलों पर अपना रुख स्पष्ट किया है। यूनाइटेड किंगडम की नागरिकता हासिल करने के बाद ऐसी बातें कही जा रही थीं कि वह एक ब्रिटिश नागरिक के रूप में नीलामी पूल में प्रवेश कर सकते हैं। इन चर्चाओं के जोर पकड़ने के बाद 34 वर्षीय गेंदबाज ने डिजिटल मंच पर आकर स्थिति साफ की और इन सभी दावों को बेबुनियाद ठहराया।
सोशल मीडिया पर दी सफाई
सार्वजनिक रूप से सामने आई बातों पर विराम लगाते हुए आमिर ने एक्स पर एक संक्षिप्त संदेश साझा किया। उन्होंने अपनी बात रखते हुए लिखा कि वह सिर्फ इतना साफ करना चाहते हैं कि आईपीएल से जुड़ी खबर सही नहीं है। इस सीधे खंडन के साथ ही उन कयासों को झटका लगा है जिनमें दावा किया गया था कि वह नए पासपोर्ट के सहारे भारतीय लीग की नीलामी सूची में अपना पंजीकरण कराने की तैयारी में हैं।
यूके पासपोर्ट और अफगानिस्तान प्रीमियर लीग ड्राफ्ट
गेंदबाज के भविष्य को लेकर यह हलचल मुख्य रूप से उन्हें ब्रिटिश नागरिकता मिलने के घटनाक्रम के बाद तेज हुई थी। इस प्रक्रिया के पूरा होने के तुरंत बाद अन्य टी20 प्रतियोगिताओं में उनके पंजीकरण के विवरण सामने आए। उदाहरण के तौर पर, दुबई में 3 नवंबर को आयोजित अफगानिस्तान प्रीमियर लीग के ड्राफ्ट में उनका नाम शामिल किया गया। इस ड्राफ्ट सूची में आमिर को प्लैटिनम श्रेणी में एक ब्रिटिश खिलाड़ी के रूप में दर्ज किया गया, जबकि उनके निवास स्थान के कॉलम में पाकिस्तान का उल्लेख रहा। इसी विवरण के सामने आने के बाद यह अनुमान लगाया जाने लगा कि वह 2027 की बड़ी नीलामी में भी इसी दर्जे के साथ उतरने का विकल्प चुन सकते हैं।
टूर्नामेंट को लेकर रुख में बदलाव
दिलचस्प बात यह है कि आमिर ने पहले इस प्रतियोगिता में खेलने के विचार को सिरे से नहीं नकारा था। अगस्त महीने में द हंड्रेड के आयोजन के दौरान उन्होंने इस विषय पर टिप्पणी की थी कि उन्होंने अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है कि वह इसमें भाग लेंगे अथवा नहीं। हालांकि, ताज़ा बयान ने 2027 की नीलामी में शामिल होने की हालिया रिपोर्ट को सीधे तौर पर खारिज कर दिया है। फिलहाल के लिए उन्होंने इस लीग से जुड़ने की किसी भी योजना को नकार दिया है, लेकिन लंबी अवधि में इस मंच पर उनकी संभावित उपस्थिति के दरवाजे पूरी तरह से बंद नहीं माने जा रहे हैं।



















