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गंभीर प्रदूषण के बीच राजधानी क्षेत्र में ग्रेप का दूसरा चरण प्रभावी, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी और दफ्तरों के समय में बदलाव की तैयारीदिल्ली
2 नव॰ 2026, 8:39 pm (4 मिनट पहले)· 0

गंभीर प्रदूषण के बीच राजधानी क्षेत्र में ग्रेप का दूसरा चरण प्रभावी, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी और दफ्तरों के समय में बदलाव की तैयारी

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 324 पार पहुंचने के बाद सीएक्यूएम ने ग्रैप-2 की पाबंदियां लागू कर दी हैं। निजी वाहनों को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग दरें बढ़ाने, सड़कों पर पानी का छिड़काव करने और दफ्तरों के समय में बदलाव जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई के 324 के आंकड़े को पार करते ही वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के दूसरे चरण की पाबंदियों को पूरे इलाके में तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है। हवा में फैले इस दमघोंटू प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न प्रशासनिक एजेंसियों ने समन्वित कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसमें सड़कों की साफ-सफाई से लेकर वाहनों के आवागमन को सीमित करने के उपाय शामिल हैं।

सड़कों पर धूल नियंत्रण और मशीनी सफाई अभियान

प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए सड़कों से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण पाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता बन गया है। इसके तहत निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं

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  • सड़कों की रोजाना मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग कराई जाएगी ताकि सतह पर जमी धूल हवा में न घुले।
  • सड़कों पर पानी और धूल दबाने वाले डस्ट सप्रेसेंट रसायनों का नियमित छिड़काव सुनिश्चित किया जाएगा।
  • प्रदूषण के लिहाज से संवेदनशील चिह्नित हॉटस्पॉट इलाकों में विशेष सघन अभियान चलाए जाएंगे।
  • निर्माण स्थलों पर धूल रोकथाम से जुड़े नियमों के पालन की सख्त और निरंतर जांच की जाएगी।

वाहनों पर नियंत्रण और पार्किंग दरों में बढ़ोतरी

सड़कों पर निजी गाड़ियों की संख्या घटाने और यातायात से होने वाले उत्सर्जन को रोकने के लिए आर्थिक कदम भी उठाए गए हैं। प्रशासन ने निजी वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से पार्किंग फीस बढ़ाने का फैसला किया है। इसके साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि वे निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें, सफर के लिए कम जाम वाले रास्तों का चुनाव करें और अपनी गाड़ियों के एयर फिल्टर समय पर बदलते रहें।

दफ्तरों के कामकाज और समय सारिणी में फेरबदल

सड़कों पर एक साथ वाहनों का दबाव कम करने के लिए कार्यालयों के संचालन में भी बदलाव की योजना बनाई गई है। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में स्थित सरकारी कार्यालयों तथा नगर निकायों के काम के घंटों में बदलाव (स्टैगर्ड टाइमिंग) किया जाएगा। इसके अलावा, केंद्र सरकार भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित अपने केंद्रीय सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव को लेकर अलग से निर्णय ले सकती है। जिन कर्मचारियों की नौकरियों की प्रकृति इसकी अनुमति देती है, उन्हें घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने का विकल्प भी दिया जा सकता है।

सर्दियों में बायोमास जलाने पर रोक और आरडब्ल्यूए को निर्देश

तापमान गिरने के साथ खुले में आग जलाने से होने वाले धुएं को रोकने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। आरडब्ल्यूए को अपने सुरक्षा गार्डों और सफाई कर्मचारियों के लिए रात के समय इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने होंगे, जिससे कड़ाके की ठंड से बचने के लिए कोई भी खुले में कचरा या बायोमास न जलाए। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अक्टूबर से जनवरी के बीच धूल पैदा करने वाले निर्माण कार्यों से दूर रहें और खुले में धुआं छोड़ने वाली हीटिंग या कुकिंग गतिविधियों पर पूरी तरह विराम लगाएं।

सवाल-जवाब

दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-2 क्यों लागू किया गया है?
वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के 324 पार पहुंचते ही सीएक्यूएम ने प्रदूषण को रोकने के लिए ग्रैप-2 की पाबंदियां लागू की हैं।
सड़कों पर उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
प्रशासन सड़कों पर रोजाना मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग कराएगा और धूल दबाने के लिए पानी व डस्ट सप्रेसेंट का छिड़काव करेगा।
निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए क्या कदम उठाया गया है?
निजी वाहनों को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग फीस बढ़ाने का फैसला लिया गया है और लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने को कहा गया है।
सरकारी कार्यालयों के समय में क्या बदलाव होगा?
दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में सरकारी दफ्तरों व नगर निकायों के समय में बदलाव (स्टैगर्ड टाइमिंग) किया जाएगा।
आरडब्ल्यूए को क्या विशेष निर्देश दिए गए हैं?
आरडब्ल्यूए को निर्देश दिया गया है कि वे ठंड के समय सुरक्षा गार्डों और सफाई कर्मियों को इलेक्ट्रिक हीटर दें ताकि कोई बायोमास न जलाए।
क्या कर्मचारियों को घर से काम करने की छूट मिलेगी?
जिन नौकरियों में संभव है, उन कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का सुझाव दिया गया है।
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