राजस्थान के टोंक जिले से सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां देवली गांव में 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला को कथित तौर पर डायन बताकर बर्बरतापूर्वक पीटा गया। बरौनी थाना क्षेत्र में घटी इस वारदात में पीड़ित संतोष देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के तीन दिन बाद पीड़िता के बेटे शंकर लाल ने पुलिस प्रशासन के समक्ष लिखित शिकायत पेश कर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और घटना के पीछे के कारणों तथा हमलावरों की पहचान की पड़ताल कर रही है।
अंधविश्वास के साए में लाठी-डंडों से जानलेवा हमला
पीड़ित परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह घटना लगभग तीन दिन पुरानी है। आरोप है कि देवली गांव में अंधविश्वास के चलते कुछ लोगों ने 60 साल की बुजुर्ग महिला संतोष देवी पर डायन होने का झूठा आरोप मढ़ दिया। देखते ही देखते मौके पर कई लोग एकत्र हो गए और माहौल हिंसक हो गया। भीड़ में शामिल 8 से 9 महिला और पुरुषों ने लामबंद होकर बुजुर्ग महिला को निशाना बनाया। आरोपियों ने महिला को लाठी-डंडों से तब तक बेरहमी से पीटा जब तक कि वह अधमरी होकर जमीन पर नहीं गिर पड़ीं। इस अमानवीय हमले के कारण महिला को शरीर पर कई गंभीर चोटें आई हैं।
हमले में अपनों की भूमिका और परिजनों के गंभीर आरोप
इस पूरे मामले का सबसे दुखद और चिंताजनक पहलू यह है कि मारपीट की इस घटना में पीड़िता के अपने रिश्तेदार भी शामिल बताए जा रहे हैं। संतोष देवी के परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि अंधविश्वास की आड़ में अपनों ने ही इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि गांव में फैले अंधविश्वास के कारण रिश्तेदारों ने ही साजिश के तहत बुजुर्ग महिला को निशाना बनाया। घटना के बाद पीड़िता की शारीरिक स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई, जिसके बाद परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका गहन इलाज जारी है।
तीन दिन बाद पुलिस तक पहुंचा मामला
वारदात के बाद पीड़ित परिवार भय और मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहा था। घटना के करीब तीन दिन बीत जाने के बाद पीड़िता के बेटे शंकर लाल ने हिम्मत जुटाकर बरौनी पुलिस थाने का रुख किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में मारपीट करने वाले सभी 8 से 9 आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। पुलिस में मामला दर्ज होते ही प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि शिकायत दर्ज कराने में तीन दिनों का विलंब किन परिस्थितियों के कारण हुआ।
पुलिस जांच की स्थिति और कानूनी प्रक्रिया
बरौनी थाना पुलिस ने लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस की जांच टीम घटना के समय मौके पर मौजूद गवाहों, ग्रामीणों और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज कर रही है। इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती संतोष देवी की मेडिकल रिपोर्ट को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है ताकि चोटों की गंभीरता के आधार पर कानूनी धाराएं जोड़ी जा सकें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंधविश्वास के नाम पर की गई इस हिंसा की वास्तविक वजह, हमलावरों की सटीक भूमिका और घटनाक्रम के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के पश्चात ही आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


















