लोकप्रिय रियालिटी शो द अलायंस का भव्य फिनाले पूरा हो चुका है, जहां मिनी माथुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस जीत के बाद मिनी माथुर की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उनके पति कबीर खान भी इस भावुक पल में काफी प्रभावित नजर आए। पूरे सीजन के दौरान जैद दरबार घर के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले प्रतिभागियों में शामिल रहे। शो के अंदर जैद दरबार का सामना अपनी पत्नी गौहर खान के एक्स कुशाल टंडन से हुआ, जिसको लेकर दर्शकों में भारी उत्सुकता थी। अब शो समाप्त होने के बाद जैद दरबार ने एक हालिया इंटरव्यू में कुशाल टंडन के साथ अपने रिश्ते और घर के अंदर अपने अनुभव पर खुलकर बातचीत की है।
कुशाल टंडन संग समीकरण और संयम की कहानी
शो के दौरान ऐसे कई मौके आए जब जैद दरबार और कुशाल टंडन के बीच तीखी बहस या तनाव पैदा हो सकता था। हालांकि जैद दरबार ने पूरी समझदारी दिखाई और किसी भी परिस्थिति में विवाद को बढ़ावा नहीं दिया। उन्होंने बताया कि शो में जाने से पहले उनके मन में ख्याल आया था कि शायद वह कुशाल टंडन के प्रति नफरत महसूस करेंगे, लेकिन हकीकत में ऐसा बिल्कुल नहीं हो पाया। जैद दरबार के मुताबिक वह बिना किसी ठोस वजह के किसी व्यक्ति से नफरत करने वाले इंसान नहीं हैं। उन्होंने घर के अंदर अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखा और नकारात्मकता से खुद को दूर बनाए रखा।
गेम के लिए खुद को न बदलने का फैसला
रियालिटी शो के माहौल पर बात करते हुए जैद दरबार ने बताया कि प्रतियोगी जब ऐसे घर में प्रवेश करते हैं तो उन पर खेल के हिसाब से खुद को बदलने का भारी दबाव होता है। शो की मांगों के अनुसार व्यवहार ढालना अक्सर एक बड़ी चुनौती बन जाता है। जैद दरबार ने शो की शुरुआत से ही तय कर लिया था कि वह गेम जीतने या फुटेज पाने के लिए अपनी मूल शख्सियत से कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने बाहर की आम जिंदगी वाले अपने वास्तविक स्वभाव को ही घर के अंदर बनाए रखा। उनका मानना था कि यदि वह बिना किसी बनावट के दर्शकों के सामने आएंगे तो लोग उन्हें उनके असली रूप में ही पसंद करेंगे।
गौहर खान बनीं ट्यूशन टीचर और मार्गदर्शक
जैद दरबार ने अपनी इस यात्रा का पूरा श्रेय अपनी पत्नी गौहर खान को दिया। उन्होंने मजाकिया और आदरपूर्ण अंदाज में गौहर खान को अपना ट्यूशन टीचर बताया, जिन्होंने रियालिटी शो में आचरण करने के महत्वपूर्ण तरीके सिखाए। जैद दरबार ने स्पष्ट किया कि गौहर खान ने केवल पत्नी होने के नाते कभी उनका अंधा समर्थन नहीं किया। जब भी उन्हें लगा कि जैद किसी मोड़ पर गलत हैं, तो उन्होंने तुरंत उन्हें टोका और सही रास्ता दिखाया। गौहर खान ने जैद दरबार को विशेष रूप से यह सीख दी थी कि घर के अंदर उकसावे के बावजूद खुद पर संयम रखें और किसी भी हाल में गाली-गलौज जैसी भाषा का प्रयोग न करें।
शो के नतीजे और मिनी माथुर की जीत
गौहर खान को जैद दरबार के स्वभाव पर पूरा भरोसा था कि दर्शक उनके सहज रूप को जरूर सराहेंगे। यही विश्वास शो के हर मुश्किल दौर में जैद दरबार की सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ। हालांकि द अलायंस की ट्रॉफी मिनी माथुर ने जीती और उनके पति कबीर खान भी इस ऐतिहासिक पल में काफी भावुक हुए, लेकिन जैद दरबार ने बिना किसी अनावश्यक विवाद में उलझे दर्शकों का दिल जीत लिया और अपनी एक अलग पहचान दर्ज कराई।


















