तीन मुकाबलों वाली एकदिवसीय जंग पूरी होने के साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम अब सबसे छोटे प्रारूप की तेज रफ्तार चुनौतियों में कूदने जा रही है। छह अक्टूबर से शुरू हो रहे इस मैराथन अभियान में भारतीय टीम को अगले छब्बीस दिनों के दौरान कुल दस टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने हैं। इसमें पांच मुकाबले घरेलू मैदान पर कैरेबियाई टीम के खिलाफ तय हैं, जबकि बाकी पांच मुकाबलों के लिए टीम को सीधे न्यूजीलैंड का रुख करना होगा। लगातार यात्रा, बदलती परिस्थितियां और सीमित आराम के बीच यह पूरा सफर भारतीय खिलाड़ियों की सहनशक्ति की असली परख करेगा।
घरेलू पिचों पर कैरेबियाई चुनौती की पूरी रूपरेखा
वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की यह द्विपक्षीय भिड़ंत देश के पांच प्रमुख क्रिकेट केंद्रों में आयोजित की जाएगी। इस श्रृंखला का पहला मुकाबला छह अक्टूबर को नवाबों के शहर लखनऊ में भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम की पिच पर खेला जाएगा। इसके पश्चात दोनों दल झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स का रुख करेंगे, जहां नौ अक्टूबर को दूसरा मुकाबला होगा।
शुरुआती दो मुकाबलों के बाद यह मुकाबला मध्य भारत पहुंचेगा। इंदौर का ऐतिहासिक होलकर स्टेडियम ग्यारह अक्टूबर को तीसरे मुकाबले का गवाह बनेगा। श्रृंखला का चौथा मैच चौदह अक्टूबर को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में निर्धारित है। इस घरेलू चरण का समापन सत्रह अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जाने वाले पांचवें मैच के साथ होगा।
कीवी धरती पर पांच मुकाबलों का विदेशी इम्तिहान
बेंगलुरु का अंतिम मुकाबला समाप्त होते ही भारतीय टीम को बिना किसी लंबे विश्राम के न्यूजीलैंड के लिए उड़ान भरनी होगी। वहां बाईस अक्टूबर से दोनों देशों के बीच पांच टी20 मैचों की जंग का बिगुल बजेगा। विदेशी परिस्थितियों में आयोजित होने वाले इस दौरे की शुरुआत दक्षिण द्वीप के हेगले ओवल से होगी।
हेगले ओवल मैदान पर क्राइस्टचर्च में शुरुआती दो मुकाबले लगातार आयोजित होंगे, जिनमें पहला गुरुवार बाईस अक्टूबर और दूसरा शनिवार चौबीस अक्टूबर को खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें वेलिंग्टन रवाना होंगी, जहां स्काई स्टेडियम में मंगलवार सत्ताईस अक्टूबर को तीसरा टी20 खेला जाएगा। श्रृंखला का चौथा मुकाबला शुक्रवार तीस अक्टूबर को ऑक्लैंड के ईडन पार्क में तय किया गया है। अंत में रविवार एक नवंबर को हैमिल्टन का सेडन पार्क इस दस मैचों के व्यस्त चक्र के आखिरी मुकाबले की मेजबानी करेगा।
खिलाड़ियों की कार्यक्षमता और बेंच स्ट्रेंथ की परीक्षा
छब्बीस दिनों में दस अंतरराष्ट्रीय मैच खेलना आधुनिक क्रिकेट के सबसे सघन कार्यक्रमों में से एक है। घरेलू मैदानों पर स्पिन और धीमी गति की पिचों से सीधे निकलकर न्यूजीलैंड की तेज हवाओं, उछाल और सीम वाली पिचों पर ढलना किसी भी बल्लेबाज या गेंदबाज के लिए कतई आसान नहीं होगा। इसके अलावा दोनों देशों के बीच समय क्षेत्र और जलवायु का भारी अंतर शारीरिक रिकवरी को बहुत पेचीदा बना देता है।
टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह तय करना होगी कि प्रमुख गेंदबाजों और वरिष्ठ बल्लेबाजों का वर्कलोड कैसे नियंत्रित रखा जाए। इतने कम अंतराल में लगातार खेलने से चोटों का जोखिम बढ़ जाता है, जिससे बेंच पर बैठे रिजर्व खिलाड़ियों को मैदान में उतारने का स्वाभाविक अवसर बनेगा। यदि मुख्य सितारों को रोटेशन के तहत विश्राम दिया जाता है, तो टीम की गहराई और बैकअप प्रतिभा का वास्तविक मूल्यांकन इसी दौर में संभव होगा।





















