न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में भारतीय टीम को गेंदबाजी की विफलता के चलते 5 विकेट से पराजय झेलनी पड़ी। पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर भारतीय बल्लेबाजों ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट खोकर 351 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। इसके बावजूद मेजबान टीम के गेंदबाज इस विशाल लक्ष्य का बचाव करने में नाकाम रहे। अंतिम ओवरों में वेस्टइंडीज के बल्लेबाज शाई होप और गुडाकेश मोती ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
मैच का रुख बदलने वाला 48वां ओवर
लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने 44 ओवर में 5 विकेट पर 293 रन बना लिए थे। उस समय मेहमान टीम को जीत के लिए अंतिम 36 गेंदों में 59 रनों की दरकार थी। मैच नाजुक मोड़ पर था और भारतीय गेंदबाजों के पास दबाव बनाकर विपक्षी टीम के बाकी विकेट झटकने का मौका था। हालांकि, इसके बाद मुकाबले की दिशा पूरी तरह बदल गई।
44वें ओवर तक संभलकर खेल रहे शाई होप ने अचानक हमला बोल दिया। इससे पहले गुरनूर बराड़ के ओवर में 15 रन बने थे, जिसने कैरेबियाई टीम को लय दी। इसके ठीक बाद मैच का सबसे बड़ा निर्णायक मोड़ 48वें ओवर में आया, जब भारतीय तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज गेंदबाजी के लिए आए। शाई होप और गुडाकेश मोती ने इस ओवर में तूफानी अंदाज अपनाते हुए कुल 22 रन ठोक डाले। लगातार दो ओवरों की 12 गेंदों में वेस्टइंडीज ने 37 रन बटोर लिए, जिससे भारत के हाथ से मुकाबला पूरी तरह फिसल गया।
सीरीज भर संघर्ष करती दिखी गेंदबाजी
इस पूरी श्रृंखला के दौरान भारतीय गेंदबाजी इकाई लगातार दबाव में नजर आई। गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने अपने एकदिवसीय इतिहास का सबसे विशाल स्कोर खड़ा करते हुए 405 रन बनाए थे। हालांकि उस मैच में भारतीय टीम जीत हासिल करने में कामयाब रही थी, लेकिन गेंदबाजों की कमजोरियां खुलकर सामने आ गई थीं। इसके अलावा श्रृंखला के पहले मैच में भी कैरेबियाई बल्लेबाजों ने लगभग 300 रनों का आंकड़ा छू लिया था।
हार के बावजूद श्रृंखला पर भारत का कब्जा
तीसरे मैच में मिली इस हार के बावजूद भारतीय टीम ने तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला अपने नाम कर ली, क्योंकि उसने शुरुआती दोनों मुकाबले जीते थे। हालांकि, आगामी टी20 श्रृंखला से पहले इस तरह का मुकाबला गंवाना टीम के मनोबल के लिहाज से चिंता का विषय माना जा रहा है। इस श्रृंखला के समापन के बाद दोनों टीमों के बीच 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की प्रतियोगिता खेली जानी है।























