वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू एकदिवसीय श्रृंखला 2-1 से अपने नाम करने के बावजूद भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल तीसरे मैच के नतीजे से बेहद खफा दिखे। न्यू चंडीगढ़ स्थित मुल्लांपुर क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस अंतिम मुकाबले में भारतीय टीम को 5 विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी। मुकाबले के खत्म होने के बाद शुभमन गिल ने साफ तौर पर स्वीकार किया कि टीम की बल्लेबाजी ने तो बेहतरीन काम किया, लेकिन मैदान पर छूटे कैचों और अंतिम ओवरों की बेहद साधारण गेंदबाजी ने हाथ में आया मुकाबला विरोधी खेमे में डाल दिया।
मुल्लांपुर में बल्लेबाजों ने बनाया विशाल स्कोर
इस तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 351 रनों का मजबूत पहाड़ खड़ा किया था। इस विशाल स्कोर की नींव शीर्ष और मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने रखी। विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल ने शानदार खेल दिखाते हुए 129 रनों की शतकीय पारी खेली। उनके अलावा सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 92 रनों का अहम योगदान दिया, जबकि रुतुराज गायकवाड़ ने भी उम्दा अर्धशतक जड़ते हुए 57 रन बनाए। इसी मैच में रोहित शर्मा ने 22 साल पुराना सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़कर वनडे क्रिकेट में एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया, जो दुनिया के केवल 4 सलामी बल्लेबाज ही कर सके हैं। कप्तान गिल टीम के इस बल्लेबाजी प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नजर आए।
शाई होप का पलटवार और वेस्टइंडीज का ऐतिहासिक चेज
विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम के लिए उनके प्रमुख बल्लेबाज शाई होप संकटमोचक साबित हुए। शाई होप ने अकेले दम पर नाबाद 162 रनों की तूफानी पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों की रणनीति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उनकी इस यादगार पारी की बदौलत वेस्टइंडीज ने 5 विकेट खोकर 352 रन बनाकर मैच जीत लिया। यह वेस्टइंडीज की टीम के पूरे एकदिवसीय क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज बन गया। इसके अलावा, साल 2023 के बाद पहली बार कैरेबियाई टीम ने भारतीय सरजमीं पर भारत को किसी वनडे मैच में हराने का कारनामा कर दिखाया।
फील्डिंग और डेथ ओवरों की गेंदबाजी पर कप्तान ने उठाए सवाल
मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने टीम की कमियों को खुलकर सामने रखा। मैदान पर ओस के प्रभाव और ओवर-रेट में पिछड़ने का जिक्र करते हुए गिल ने कहा,
“हमने कई चीजों में अच्छा किया, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें निश्चित रूप से थोड़ा और निखारने की जरूरत है।”कप्तान ने कहा कि 351 रन बनाने के बाद मैच पूरी तरह भारत की पकड़ में था, लेकिन खराब फील्डिंग ने खेल बिगाड़ दिया।
कप्तान ने विशेष रूप से कैच टपकाने की प्रवृत्ति और डेथ ओवरों में रणनीति की कमी को रेखांकित किया। गिल के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फील्डिंग का स्तर बेहद कड़ा और उच्च होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अंतिम ओवरों में गेंदबाजों को यह स्पष्ट समझ होनी चाहिए कि उन्हें आक्रामक रुख अपनाना है या रक्षात्मक गेंदबाजी करनी है, क्योंकि मैदान पर इसी असमंजस के कारण टीम को बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा।

















