भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को इन दिनों एक साथ जबरदस्त रोमांच देखने को मिल रहा है क्योंकि टीम इंडिया एक ही समय पर दो अलग-अलग मुकाबलों में व्यस्त है। यह बात थोड़ी अनोखी जरूर लग सकती है, लेकिन सच्चाई यह है कि भारतीय टीम अपने देश में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीमित ओवरों की घरेलू सीरीज भी खेल रही है और साथ ही जापान में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स में भी अपनी चुनौती पेश कर रही है। ऐसी स्थिति को देखकर तमाम खेल प्रेमियों के जेहन में यह जिज्ञासा उठती है कि आखिर एक ही देश की टीम एक ही वक्त पर दो अलग-अलग मंचों पर कैसे उतर सकती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी के नियम इस तरह की परिस्थितियों के बारे में क्या प्रावधान तय करते हैं।
क्या एक देश की टीम एक ही समय पर खेल सकती है दो अलग इवेंट
आईसीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी देश की दो अलग-अलग राष्ट्रीय टीमें एक ही वक्त पर दो अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सकती हैं। वैश्विक निकाय के नियमों में ऐसा करने पर किसी भी तरह की रोक या पाबंदी नहीं लगाई गई है। हालांकि इस प्रावधान के साथ आईसीसी की एक खास शर्त भी जुड़ी हुई है। यह बात बिल्कुल सही है कि एक ही समय सीमा के भीतर एक देश की दो अलग-अलग टीमें विभिन्न टूर्नामेंटों में उतर सकती हैं, लेकिन एक ही टूर्नामेंट के भीतर एक देश की दो टीमें कभी भी हिस्सा नहीं ले सकती हैं।
एक ही टूर्नामेंट में दो टीमों के उतरने पर है कड़ा प्रतिबंध
इस नियम को और स्पष्ट रूप से समझें तो उदाहरण के लिए जापान में चल रहे एशियन गेम्स को ही ले सकते हैं। ऐसी स्थिति में भारत की दो पुरुष टीमें इस एक ही प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए मैदान पर नहीं उतर सकती हैं। बिल्कुल ऐसा ही नियम वनडे विश्व कप या टी20 विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं पर भी लागू होता है। यही वजह है कि कोई भी देश एक ही समय पर अपनी दो आधिकारिक टीमों को एक ही टूर्नामेंट के मैदान पर नहीं उतार सकता है। हां, अगर मुकाबले और टूर्नामेंट पूरी तरह से अलग-अलग हैं, तो फिर दो अलग टीमें एक साथ मैदान पर खेलती हुई नजर आ सकती हैं।
अलग-अलग टूर्नामेंटों के संचालन को लेकर क्या कहता है नियम
आईसीसी का नियम बहुत स्पष्ट शब्दों में यह बताता है कि यदि दो अलग-अलग द्विपक्षीय सीरीज यानी बायलेटरल सीरीज या फिर पूरी तरह से अलग बहु-देशीय टूर्नामेंट एक ही वक्त पर आयोजित हो रहे हैं, तो कोई भी देश अपनी दो अलग-अलग टीमों को मैदान पर भेज सकता है। इन सभी मुकाबलों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की तरफ से आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय मैचों का पूरा दर्जा भी प्राप्त होता है, जिससे खिलाड़ियों के आंकड़े और रिकॉर्ड मान्य रहते हैं।
खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर आईसीसी की गाइडलाइन
टीमों के गठन से जुड़े प्रावधानों के अलावा आईसीसी ने खिलाड़ियों के लिए भी कुछ विशेष दिशा-निर्देश तय किए हैं। आईसीसी के नियमों के मुताबिक दुनिया का कोई भी एक खिलाड़ी एक ही दिन या एक ही समय पर खेले जा रहे दो अलग-अलग आधिकारिक मैचों की अंतिम एकादश यानी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन सकता है। यही कारण है कि जब भी कोई देश एक ही वक्त पर दो अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स में शिरकत करता है, तो दोनों टीमों के लिए पूरी तरह से अलग और स्वतंत्र खिलाड़ियों का स्क्वाड होना अनिवार्य हो जाता है ताकि किसी भी तरह का टकराव न हो।



















