महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जब भी किसी बल्लेबाज का बल्ला आग उगलता है, तो वह मुकाबला केवल स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं रहता बल्कि क्रिकेट के सुनहरे इतिहास में अमर हो जाता है। 50 ओवर के इस प्रारूप में महिला खिलाड़ियों ने कई बार ऐसी बेखौफ और लंबी पारियां खेली हैं, जिन्होंने विरोधी गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। दोहरा शतक जड़ने से लेकर विशाल लक्ष्य का अकेले दम पर पीछा करने तक, इन छह बल्लेबाजों ने साबित किया है कि धैर्य और आक्रामकता का तालमेल मैदान पर किस तरह इतिहास रच सकता है।
डब्लिन में एमेलिया केर का अजेय विश्व कीर्तिमान
न्यूजीलैंड की युवा बल्लेबाज एमेलिया केर ने 13 जून 2018 को डब्लिन के मैदान पर जो कारनामा किया, वह पिछले आठ वर्षों से विश्व क्रिकेट में अटूट बना हुआ है। आयरलैंड के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट्स की बौछार कर दी थी। क्रीज पर पूरे 195 मिनट तक खूंटा गाड़कर बल्लेबाजी करते हुए एमेलिया ने मात्र 145 गेंदों का सामना किया और नाबाद 232 रनों की रिकॉर्डतोड़ पारी खेली।
अपनी इस मैराथन पारी के दौरान एमेलिया ने 31 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के जड़े। उन्होंने यह रन 160.00 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट से जुटाए। यह पारी आज भी महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पूरे इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनी हुई है, जिसे पार पाना किसी भी बल्लेबाज के लिए एक बहुत बड़ा सपना है।
मुंबई में बेलिंडा क्लार्क का ऐतिहासिक पहला दोहरा शतक
एमेलिया केर के इस विशाल रिकॉर्ड से लगभग दो दशक पहले, महिला वनडे में दोहरा शतक लगाने की शुरुआत ऑस्ट्रेलियाई कप्तान बेलिंडा क्लार्क ने की थी। 16 दिसंबर 1997 को मुंबई में डेनमार्क के खिलाफ खेले गए मुकाबले में क्लार्क ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए विरोधी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने क्रीज पर 181 मिनट बिताए और 155 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 229 रन बनाए।
क्लार्क ने 147.74 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए अपनी पारी में 22 खूबसूरत चौके लगाए थे। इस पारी के साथ वह महिला वनडे इतिहास में दोहरा शतक लगाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनीं। उनका यह रिकॉर्ड कई वर्षों तक पहले स्थान पर काबिज रहा और महिला क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी का नया मानक तय कर गया।
पॉचेफस्ट्रूम में चमारी अटापट्टू का अविश्वसनीय रन चेज
लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में ऐतिहासिक पारी खेलना अपने आप में बड़ी बात होती है, और यही करिश्मा श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने 17 अप्रैल 2024 को पॉचेफस्ट्रूम के मैदान पर कर दिखाया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में मिले विशाल लक्ष्य के सामने चमारी ने एक छोर संभाले रखा और मैच का रुख पूरी तरह अपनी टीम की तरफ मोड़ दिया।
चमारी ने महज 139 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 195 रनों की तूफानी पारी खेली। 140.28 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हुए उन्होंने अपनी इस मैच जिताऊ पारी में 26 चौके और 5 शानदार छक्के जड़े। दूसरी पारी के भारी दबाव को धता बताते हुए खेली गई यह पारी वनडे क्रिकेट के सबसे बेहतरीन सफल रन चेज में गिनी जाती है।
दीप्ति शर्मा की पॉचेफस्ट्रूम में भारतीय रिकॉर्ड पारी
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने भी पॉचेफस्ट्रूम के मैदान पर ही एक नया कीर्तिमान स्थापित किया था। 15 मई 2017 को आयरलैंड के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करने उतरीं सलामी बल्लेबाज दीप्ति ने शुरुआत से ही पारी को बेहद मजबूती से संवारा। उन्होंने क्रीज पर 195 मिनट का लंबा समय बिताया और 160 गेंदों में 188 रनों की जबरदस्त पारी खेली।
दीप्ति ने अपनी इस मैराथन पारी में 27 चौके और 2 छक्के उड़ाए, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 117.50 का रहा। उनकी यह पारी आज भी भारतीय महिला एकदिवसीय क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है, जो उनकी तकनीकी मजबूती और लंबी पारी खेलने की क्षमता को बयां करती है।
लॉरा वोल्वार्ड्ट की बेमिसाल कप्तानी पारी
दिलचस्प बात यह है कि जिस मुकाबले में चमारी अटापट्टू ने 195 रन बनाकर मैच जिताया था, उसी मुकाबले की पहली पारी में दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट ने भी अपने बल्ले का कमाल दिखाया था। 17 अप्रैल 2024 को पॉचेफस्ट्रूम में ही लॉरा ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा लेते हुए 147 गेंदों पर नाबाद 184 रन ठोके थे।
लॉरा ने 125.17 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 23 चौके और 4 छक्के लगाए। हालांकि बाद में अटापट्टू के रन चेज ने इस पारी को थोड़ा पीछे छोड़ दिया, लेकिन कप्तान के तौर पर खेली गई लॉरा की यह आक्रामक और संयमित पारी महिला वनडे इतिहास के शीर्ष व्यक्तिगत स्कोर्स में मजबूती से दर्ज है।
हरारे में हेली मैथ्यूज का आक्रामक शतक
वेस्टइंडीज की धाकड़ ऑलराउंडर हेली मैथ्यूज ने 24 सितंबर 2026 को हरारे के मैदान पर जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना बल्ला जमकर घुमाया। पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए हेली ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अख्तियार किया और विरोधी गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। उन्होंने 156 गेंदों का सामना करते हुए 182 रनों की विशाल पारी खेली।
मैथ्यूज ने 116.66 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 26 चौके और 2 छक्के जड़े। इस धमाकेदार प्रदर्शन की बदौलत वेस्टइंडीज ने एक विशाल स्कोर खड़ा किया और मैथ्यूज का यह स्कोर महिला वनडे क्रिकेट की छह सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियों की एलीट सूची में शामिल हो गया।



















