आगामी जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका दौरों को ध्यान में रखते हुए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने अपनी वनडे टीम की घोषणा कर दी है, जिसमें बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। लगातार गिरते फॉर्म से जूझ रहे अनुभवी बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन को इस बार टीम में शामिल नहीं किया गया है। चयन समिति के इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि खराब प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों के लिए टीम में जगह बनाए रखना आसान नहीं है।
ट्रेविस हेड और मिचेल मार्श की हुई वापसी
मार्नस लाबुशेन के बाहर होने का मुख्य कारण उनका हालिया निराशाजनक प्रदर्शन रहा है, जिसके चलते चयनकर्ताओं के पास उन्हें दरकिनार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। दूसरी ओर, टीम प्रबंधन ने दो बड़े खिलाड़ियों को वापस बुलाकर बल्लेबाजी क्रम को मजबूती दी है। सीमित ओवरों के अहम खिलाड़ी ट्रेविस हेड और ऑलराउंडर मिचेल मार्श की एक बार फिर से वनडे टीम में वापसी हो गई है, जिससे टीम का संतुलन काफी मजबूत नजर आ रहा है।
युवा खिलाड़ियों को मिला बड़ा मौका
अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी और कुछ बदलावों के बीच चयनकर्ताओं ने युवा प्रतिभाओं पर भी भरोसा जताया है। न्यू साउथ वेल्स के ऑलराउंडर जोएल डेविस को पहली बार आधिकारिक रूप से ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम का हिस्सा बनाया गया है। जोएल डेविस ने इसी साल की शुरुआत में बांग्लादेश के खिलाफ टी20 फॉर्मेट में अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। इसके अलावा, युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज ओली पीक ने भी अपनी शानदार उपयोगिता के दम पर टीम में अपनी जगह बरकरार रखी है।
टेस्ट भविष्य पर भी मंडराए संशय के बादल
वनडे टीम से पत्ता कटने के बाद अब यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या मार्नस लाबुशेन को साउथ अफ्रीका के खिलाफ आगामी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में जगह मिलेगी या नहीं। बांग्लादेश के खिलाफ खेली गई पिछली सीरीज में उनका प्रदर्शन बेहद फीका रहा था, जिसके बाद से उनके टेस्ट चयन को लेकर भी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।



















