इंग्लैंड के विरुद्ध लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए मुकाबले के दौरान बाएं सलामी बल्लेबाज इमाम-उल-हक को लगी चोट अब एक बड़े विवाद का विषय बन चुकी है। बाएं पैर की पिंडली में समस्या के कारण वह मैच की दोनों पारियों में अपनी टीम के लिए बल्लेबाजी करने मैदान पर नहीं उतर सके थे। उनकी इस अनुपस्थिति और चोट की प्रामाणिकता को लेकर क्रिकेट गलियारों में कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसके चलते अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कराने का सख्त फैसला लिया है।
यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन फील्डिंग करते समय इमाम-उल-हक के बाएं पैर की पिंडली में चोट लग गई थी। इस शारीरिक समस्या के कारण वह मैच के बाकी हिस्से से बाहर हो गए और पाकिस्तान की दोनों पारियों के दौरान बैटिंग के लिए नहीं आ सके। इस मुकाबले में अंततः पाकिस्तान को हार का मुंह देखना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप मेहमान टीम ने पूरी सीरीज भी गंवा दी। हार और चोट के इस दोहरे झटके ने टीम की मुश्किलें पहले ही बढ़ा दी थीं।
चोट की सत्यता पर उठते गंभीर सवाल
मैच के दौरान और उसके समाप्त होने के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट जगत के तमाम मंचों पर यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या इमाम-उल-हक की यह चोट वास्तव में उतनी गंभीर थी जितनी बताई गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने इस मामले की हर पहलू से जांच करने के लिए एक विशेष समिति गठित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड चाहता है कि यह समिति जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपे ताकि स्थिति पूरी तरह साफ हो सके।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के एक करीबी सूत्र ने इस बारे में जानकारी देते ہوئے बताया कि इमाम तीसरे टेस्ट मैच से पहले ही वापस पाकिस्तान लौट सकते हैं। हालांकि इस संबंध में बोर्ड की ओर से अभी किसी आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। सूत्र ने दोहराया कि चेयरमैन मोहसिन नकवी ने इस बात पर जोर दिया है कि जांच समिति जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट पेश करे ताकि आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जा सके।
स्टुअर्ट ब्रॉड की टिप्पणी और संभावित कार्रवाई
इस पूरे विवाद को तब और हवा मिल गई जब लॉर्ड्स टेस्ट के चौथे दिन की सुबह इमाम-उल-हक अभ्यास सत्र के दौरान थ्रोडाउन खेलने के लिए मैदान पर पहुंच गए। उनके बाएं पैर की पिंडली पर टेप बंधी हुई थी और नेट्स पर अभ्यास करते वक्त वह थोड़े लंगड़ाते हुए भी नजर आए। इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज और जाने-माने कमेंटेटर स्टुअर्ट ब्रॉड ने इस दृश्य पर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे केवल यह दिखाने का प्रयास बताया कि वह चोटिल हैं।
अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा बिठाई जाने वाली यह जांच इमाम-उल-हक के भविष्य के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकती है। यदि जांच के दौरान बोर्ड को यह पता चलता है कि चोट के मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमिता या लापरवाही बरती गई थी, तो इमाम-उल-हक को कड़े अनुशासनात्मक एक्शन का सामना करना पड़ सकता है। बोर्ड की यह सख्ती यह दर्शाती है कि अनुशासनहीनता या संदेहास्पद गतिविधियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



















