भारतीय क्रिकेट टीम के आगामी न्यूजीलैंड दौरे को ध्यान में रखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने जम्मू-कश्मीर के प्रतिभावान तेज गेंदबाज आकिब नबी के लिए एक विशेष योजना तैयार की है। बोर्ड आकिब नबी को न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में उतारने से पहले विदेशी सरजमीं पर प्रथम श्रेणी मैचों का व्यावहारिक अनुभव दिलाना चाहता है। इसके लिए इंग्लैंड की मशहूर काउंटी टीमों से बातचीत की जा रही है ताकि उन्हें काउंटी चैंपियनशिप के दौरान अल्पकालिक करार मिल सके। बीसीसीआई की योजना उन्हें इंग्लैंड में कम से कम दो से तीन लाल गेंद के प्रथम श्रेणी मुकाबले खिलाने की है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
सरे काउंटी क्लब से बातचीत और एलेक स्टीवर्ट की भूमिका
इंग्लैंड के प्रतिष्ठित काउंटी क्लब सरे को इस समय एक ऐसे तेज गेंदबाज की सख्त तलाश है जो परिस्थितियों का फायदा उठाकर गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने में माहिर हो। आकिब नबी की स्विंग गेंदबाजी क्षमता को देखते हुए लंदन आधारित इस क्लब की ओर से उन्हें कुछ मुकाबले खेलने का मौका देने के लिए वार्ता चल रही है। इस पूरी प्रक्रिया में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और सरे के शीर्ष प्रबंधन में शामिल एलेक स्टीवर्ट सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। स्टीवर्ट इस विषय पर बीसीसीआई के संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संवाद बनाए हुए हैं। बीसीसीआई इस समय आकिब नबी के ब्रिटेन वीजा के इंतजाम में जुटा हुआ है ताकि वे जल्द से जल्द इंग्लैंड पहुंचकर काउंटी मैचों में हिस्सा ले सकें।
रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन और राष्ट्रीय टीम का नजरिया
आकिब नबी ने घरेलू क्रिकेट में अपने असाधारण प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। पिछले रणजी सत्र में उन्होंने घातक गेंदबाजी करते हुए 60 विकेट हासिल किए थे और वे उस पूरे टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज बनकर उभरे थे। इसके बावजूद श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के दौरान उन्हें और पंजाब के तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को भारतीय टीम की अंतिम एकादश में जगह नहीं मिल सकी थी। हालांकि, चयन समिति और टीम प्रबंधन का मानना है कि भले ही न्यूजीलैंड की परिस्थितियां इंग्लैंड से थोड़ी भिन्न हों, लेकिन आकिब नबी भविष्य की टेस्ट योजनाओं का अहम हिस्सा हैं और विदेशी परिस्थितियों में लाल गेंद से गेंदबाजी का अनुभव उन्हें काफी लाभ पहुंचाएगा।
खिलाड़ी रोटेशन, दलीप ट्रॉफी और कार्यभार प्रबंधन
भारतीय टीम प्रबंधन इस समय अपने प्रमुख तेज गेंदबाजों के कार्यभार प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसी नीति के तहत मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को जरूरी आराम दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, गुरनूर बराड़ को घरेलू स्तर पर लाल गेंद का अनुभव बनाए रखने के लिए दलीप ट्रॉफी खेलने का निर्देश दिया गया है। बराड़ 30 नवंबर से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू होने वाले दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में उत्तर क्षेत्र की ओर से दक्षिण क्षेत्र के खिलाफ मैदान में उतरेंगे। उत्तर क्षेत्र की अंतिम एकादश में अर्शदीप सिंह और अंशुल कंबोज पहले से शामिल हैं, और बराड़ वहां सुनील कुमार की जगह लेंगे। गुरनूर के दलीप ट्रॉफी में व्यस्त रहने के दौरान ही बीसीसीआई आकिब नबी को ब्रिटेन भेजने की तैयारी में है।
इंग्लैंड काउंटी सर्किट में भारतीय खिलाड़ियों की बढ़ती मौजूदगी
आकिब नबी का इंग्लैंड जाना कोई एकाकी घटना नहीं है, बल्कि भारतीय खिलाड़ियों का काउंटी क्रिकेट खेलने का सिलसिला लगातार मजबूत हो रहा है। हाल के दिनों में कई भारतीय क्रिकेटर अपनी लाल और सफेद गेंद की तकनीक को निखारने के लिए काउंटी चैंपियनशिप और इंग्लैंड के घरेलू टूर्नामेंटों में हिस्सा ले रहे हैं। स्पिनर मानव सुथार वारविकशर की ओर से दो प्रथम श्रेणी मैच खेल चुके हैं, जबकि कुलदीप यादव यॉर्कशर की टीम में शामिल होकर प्रथम श्रेणी मैचों के लिए इंग्लैंड लौटे हैं। इसके अतिरिक्त, आशुतोष शर्मा ने मिडिलसेक्स के लिए रॉयल लंदन वन-डे कप में अपनी बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया है, वहीं स्पिनर आर साई किशोर ग्लॉस्टरशर की टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बीसीसीआई को उम्मीद है कि काउंटी क्रिकेट का यह अनुभव आकिब नबी के करियर और भारतीय टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण दोनों को मजबूती देगा।



















