लंदन के ऐतिहासिक द ओवल क्रिकेट मैदान के हेड ग्राउंड्समैन ली फोर्टिस को एक नए प्रशासनिक विवाद के बाद अनिश्चितकालीन छुट्टी पर भेज दिया गया है। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के एक कर्मचारी के साथ हुई ज़बरदस्त कहासुनी के बाद मैदान के उच्च अधिकारियों ने यह कड़ा कदम उठाया है। विवाद के बाद से ली फोर्टिस मैदान पर नज़र नहीं आए हैं। यह पहली बार नहीं है जब फोर्टिस अपने आक्रामक रवैये के कारण खबरों में हैं। इससे पहले भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर के साथ पिच की स्थिति को लेकर हुई उनकी तीखी बहस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी ध्यान खींचा था।
द हंड्रेड मैच की तैयारियों के दौरान मैदान पर हंगामा
यह पूरी घटना 28 जुलाई को द ओवल मैदान पर घटी, जहां अगले दिन यानी 29 जुलाई को एमआई लंदन और लंदन स्पिरिट के बीच द हंड्रेड टूर्नामेंट का महत्वपूर्ण मुकाबला खेला जाना था। मैच से एक दिन पहले दोनों टीमों का अभ्यास सत्र शेड्यूल था और मैदानकर्मी पिच तथा आउटफील्ड को अंतिम रूप देने में जुटे हुए थे। इसी दौरान ली फोर्टिस और ईसीबी के एक कर्मचारी के बीच अचानक किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस इतनी उग्र हो गई कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ईसीबी कर्मचारी अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख सका और मैदान पर ही रो पड़ा।
विवाद के तुरंत बाद सरे काउंटी क्रिकेट क्लब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीव एलवर्दी को मैदान पर उतरते देखा गया। स्टीव एलवर्दी और ली फोर्टिस के बीच मैदान के किनारे काफी गंभीर और लंबी बातचीत हुई। मुख्य कार्यकारी अधिकारी से बातचीत समाप्त होने के तुरंत बाद ली फोर्टिस अपना सामान समेटकर मैदान से बाहर चले गए। 28 जुलाई की इस घटना के बाद से फोर्टिस द ओवल मैदान पर अपनी पुरानी जिम्मेदारियों को संभालने के लिए वापस नहीं लौटे हैं।
पद पर वापसी और भविष्य पर बना अनिश्चितता का बादल
फिलहाल सरे काउंटी क्लब या ईसीबी की तरफ से यह साफ नहीं किया गया है कि ली फोर्टिस द ओवल में दोबारा काम पर लौटेंगे या नहीं। हालांकि, इंग्लिश क्रिकेट जगत से जुड़े जानकार सूत्रों का मानना है कि विवाद की गंभीरता को देखते हुए शायद फोर्टिस अब अपने पद पर वापस न आ पाएं। इस पूरे विवाद के पीछे की असली वजह क्या थी और बहस की शुरुआत किस मुद्दे पर हुई थी, इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
गौतम गंभीर और भारतीय टीम प्रबंधन के साथ पुरानी तल्खी
ली फोर्टिस का विवादों से गहरा नाता रहा है। पिछले साल जब भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड दौरे पर द ओवल में टेस्ट मैच खेल रही थी, तब ली फोर्टिस और भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर के बीच तीखी झड़प हुई थी। उस समय पिच के स्क्वायर की स्थिति और उसकी देखरेख को लेकर गंभीर और फोर्टिस आमने-सामने आ गए थे। बहस के दौरान गौतम गंभीर ने कड़े शब्दों में फोर्टिस से कहा था, "तुम सिर्फ एक ग्राउंड्समैन हो, इससे ज्यादा कुछ नहीं।" इस घटना के बाद भारतीय बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने भी ली फोर्टिस के बर्ताव पर सवाल उठाए थे और सार्वजनिक तौर पर उन्हें "अहंकारी" करार दिया था।
तीन लगातार ईसीबी अवॉर्ड और सरे के साथ ऐतिहासिक सफलता
विवादों में घिरे रहने के बावजूद ली फोर्टिस को इंग्लैंड के बेहतरीन और तकनीकी रूप से सबसे सक्षम ग्राउंड्समैन में गिना जाता है। उन्होंने वर्ष 2012 में महज 30 वर्ष की उम्र में द ओवल के हेड ग्राउंड्समैन की बड़ी जिम्मेदारी संभाली थी। उनके 12 साल से अधिक के कार्यकाल के दौरान सरे काउंटी क्रिकेट क्लब ने घरेलू क्रिकेट में अभूतपूर्व सफलता हासिल की।
ली फोर्टिस ने वर्ष 2022, 2023 और 2024 में लगातार तीन बार ईसीबी Ground Manager of the Year (ईसीबी ग्राउंड मैनेजर ऑफ द ईयर) का प्रतिष्ठित सम्मान जीता। दिलचस्प बात यह है कि इन्हीं तीन वर्षों (2022, 2023 और 2024) में सरे की टीम ने लगातार तीन बार काउंटी चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास रचा था। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस नए विवाद के बाद इंग्लिश क्रिकेट का यह चर्चित क्यूरेटर मैदान पर वापसी कर पाता है या नहीं।



















