भारतीय क्रिकेट टीम ने श्रीलंकाई सरजमीं पर खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज को 1-0 से अपने नाम कर लिया। कोलंबो में खेला गया दूसरा और अंतिम टेस्ट मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ, जिसके बाद भारतीय ड्रेसिंग रूम में एक खास परंपरा का पालन किया गया। इस पूरी सीरीज के दौरान गेंद और बल्ले से शानदार खेल दिखाने वाले युवा खिलाड़ियों के बीच 30 वर्षीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को 'इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज' का मेडल प्रदान किया गया। दिलचस्प बात यह रही कि यह सम्मान सीरीज में सर्वाधिक 328 रन बनाने वाले बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल या सबसे ज्यादा 16 विकेट लेने वाले स्पिनर मानव सुथार को न मिल कर प्रसिद्ध कृष्णा की झोली में गया, जिन्होंने दबाव के क्षणों में अपनी धारदार गेंदबाजी से मैच का रुख बदला था।
ड्रेसिंग रूम में सम्मान और एनालिस्ट का आकलन
भारतीय टीम के परफॉर्मेंस एनालिस्ट हरी प्रसाद मोहन ने ड्रेसिंग रूम में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध कृष्णा के प्रदर्शन की जमकर सराहना की और उन्हें यह मेडल पहनाया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस यादगार पल का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया है, जिसमें हरी प्रसाद मोहन तेज गेंदबाज के समर्पण और प्रभाव की तारीफ करते नजर आ रहे हैं। एनालिस्ट ने कहा कि प्रसिद्ध ने अपने हर स्पेल में श्रीलंकाई बल्लेबाजों के सामने कठिन सवाल खड़े किए और जब भी उन्हें कप्तान ने गेंद सौंपी, उन्होंने टीम के लिए असरदार योगदान दिया।
इम्पैक्ट प्लेयर मेडल प्राप्त करने के बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने काफी विनम्रता दिखाई। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय पूरी टीम को देते हुए कहा कि साथी खिलाड़ियों के सहयोग के बिना यह सम्मान पाना संभव नहीं था। उन्होंने कहा, "आप सबके योगदान के बिना यह संभव नहीं था।" भारतीय ड्रेसिंग रूम में मैच या सीरीज के बाद इस तरह के मेडल देने की प्रथा से खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ता है और ड्रेसिंग रूम का माहौल बेहद सकारात्मक बना रहता है।
दो टेस्ट मैचों में प्रसिद्ध कृष्णा के आंकड़े
इस दो मैचों की टेस्ट सीरीज में प्रसिद्ध कृष्णा का गेंदबाजी प्रदर्शन बेहद प्रभावी और अनुशासित रहा। 15 अगस्त से गॉल के मैदान पर शुरू हुए पहले टेस्ट मुकाबले में भारत ने 165 रन के विशाल अंतर से जीत दर्ज की थी। इस मुकाबले की पहली पारी में प्रसिद्ध कृष्णा ने 47 रन देकर 1 विकेट लिया, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने किफायती गेंदबाजी करते हुए महज 16 रन देकर 2 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इस तरह गॉल टेस्ट में उन्होंने कुल 3 विकेट हासिल किए और टीम की जीत की नींव रखी।
इसके बाद 23 अगस्त से कोलंबो के ऐतिहासिक एसएससी मैदान पर दूसरा टेस्ट मैच खेला गया। यह मुकाबला बारिश की वजह से काफी प्रभावित रहा। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने पर मजबूर कर दिया था, लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाज सोनल दिनुशा ने दोनों पारियों में जुझारू शतक जमाकर अपनी टीम की हार टाल दी। कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में प्रसिद्ध कृष्णा ने 52 रन देकर 3 विकेट चटकाए, जो उनके स्पेल की प्रभावशीलता को दर्शाता है। वहीं दूसरी पारी में उन्होंने 57 रन देकर 1 विकेट हासिल किया। इस तरह दो मैचों की चार पारियों में प्रसिद्ध ने कुल 7 विकेट अपने नाम किए और कई मौकों पर साझेदारी तोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
देवदत्त पडिक्कल और मानव सुथार का प्रदर्शन
भले ही इम्पैक्ट मेडल प्रसिद्ध कृष्णा को मिला हो, लेकिन सीरीज में देवदत्त पडिक्कल और मानव सुथार का प्रदर्शन भी बेहद सराहनीय रहा। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज साई सुदर्शन की अनुपस्थिति में देवदत्त पडिक्कल को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पडिक्कल ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और सीरीज के सर्वोच्च रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने दो टेस्ट मैचों में दो शानदार शतकों के साथ कुल 328 रन बनाए और भारतीय बल्लेबाजी क्रम को मजबूती प्रदान की।
दूसरी ओर, बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर मानव सुथार ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए सीरीज में सबसे अधिक 16 विकेट चटकाए। मानव सुथार का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच में देखने को मिला, जहां उन्होंने एक ही मुकाबले में 10 विकेट लेने का कारनामा कर दिखाया। उनकी इस घातक स्पिन गेंदबाजी के दम पर ही भारत पहली पारी में श्रीलंका पर दबाव बनाने और 165 रन की बड़ी जीत दर्ज करने में सफल रहा था।
कप्तान शुभमन गिल का बयान और खिलाड़ियों की तारीफ
भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने सीरीज खत्म होने के बाद टीम के ओवरऑल प्रदर्शन पर खुशी जताई। बीसीसीआई द्वारा जारी वीडियो में बात करते हुए कप्तान गिल ने कहा कि श्रीलंकाई दौरे से टीम के लिए कई सकारात्मक पहलू निकलकर सामने आए हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवा खिलाड़ियों के जज्बे और प्रदर्शन की सराहना की, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले मौकों को दोनों हाथों से भुनाया।
कप्तान गिल ने देवदत्त पडिक्कल की बल्लेबाजी की खास तौर पर तारीफ की। उन्होंने कहा कि एक बार जब कोई बल्लेबाज क्रीज पर सेट हो जाता है, तो उसे अपनी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील करना चाहिए, और पडिक्कल ने बिल्कुल वैसा ही किया। गिल के अनुसार, तीसरे नंबर पर पडिक्कल की परिपक्व बल्लेबाजी और मानसिकता टीम के लिए बहुत बड़ा सकारात्मक संकेत है। इसके अलावा कप्तान ने स्पिनर मानव सुथार की तारीफ करते हुए कहा कि जब भी वे गेंदबाजी के लिए आए, उन्होंने विकेट लेने के मौके बनाए। गिल ने विश्वास जताया कि मानव सुथार आने वाले लंबे समय तक भारतीय स्पिन आक्रमण की कमान संभालने की क्षमता रखते हैं।



















