भारतीय क्रिकेट टीम को अक्टूबर में होने वाले न्यूजीलैंड के आगामी दौरे से पहले एक बड़ा झटका लगा है, क्योंकि अनुभवी ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या चोट के कारण इस अहम श्रृंखला से बाहर हो चुके हैं। इस दौरे पर भारतीय टीम को मेजबान टीम के खिलाफ कुल पाँच टी20 मुकाबले, तीन वनडे मैच और दो टेस्ट मैच खेलने हैं, जिसकी शुरुआत 22 अक्टूबर को टी20 सीरीज के साथ होनी है। हालांकि, इस दौरे के लिए अभी तक आधिकारिक भारतीय स्क्वाड का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन हार्दिक पांड्या का बाहर होना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन गया है। हार्दिक ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले के रूप में खेला था, जिसके बाद से वह लगातार क्रिकेट के मैदान से दूर चल रहे हैं और अपनी फिटनेस हासिल करने के प्रयास में जुटे हुए थे।
कम से कम तीन हफ्ते के लिए मैदान से बाहर हुए हार्दिक पांड्या
बोर्ड की तरफ से हार्दिक पांड्या का चयन ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ खेली जाने वाली अनऑफिशियल वन-डे सीरीज के लिए भी किया गया था, लेकिन वह इस श्रृंखला में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके दाहिने पैर की हड्डी में चोट लग गई है, जिसकी वजह से उन्हें अगले तीन हफ्ते तक किसी भी तरह के कॉम्पिटिटिव क्रिकेट से पूरी तरह दूर रहना होगा। भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के इस लंबे दौरे पर रवाना होने से पहले घर पर वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे और पाँच टी20 मैचों की सीरीज भी खेलनी है, और इस दौरान भी उनका खेलना संदिग्ध माना जा रहा है। बोर्ड के एक करीबी सूत्र ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह स्थिति काफी दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि हाल ही में आए स्कैन परिणामों से उनके दाहिने पैर की हड्डी की चोट का खुलासा हुआ है। चिकित्सा टीम ने उन्हें दो सप्ताह तक मुकम्मल आराम करने की सख्त हिदायत दी है, और बोर्ड के मेडिकल पैनल प्रमुख डॉ. दिनशॉ पारदीवाला उनकी मेडिकल रिपोर्ट्स की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करेंगे। जापान से लौटने के बाद वे खुद हार्दिक की शारीरिक स्थिति की जांच करेंगे और यह तय करेंगे कि उनका रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम कब से शुरू किया जा सकता है।
अफगानिस्तान सीरीज से पहले भी बढ़ी थीं मुश्किलें
इससे पहले सितंबर महीने की शुरुआत में जब भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली थी, तब भी हार्दिक पांड्या की टीम में वापसी की प्रबल उम्मीदें जताई जा रही थी। इसके अलावा एशियन गेम्स के लिए भी उनका चयन लगभग तय माना जा रहा था, लेकिन श्रृंखला शुरू होने से ठीक पहले अभ्यास सत्र के दौरान उनके घुटने में तेज दर्द उठ गया था। उस समय वह अनिवार्य फिटनेस टेस्ट को पास करने में असफल रहे थे, जिसके कारण उन्हें उस सीरीज से भी बाहर होना पड़ गया था। बार-बार लग रही चोटें और फिटनेस से जुड़ी समस्याएं इस स्टार ऑलराउंडर के लिए लगातार परेशानी का सबब बनती जा रही हैं, जिससे टीम का संयोजन भी प्रभावित हो रहा है। चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की निगाहें अब पूरी तरह से उनके रिहैबिलिटेशन और स्वास्थ्य लाभ पर टिकी हुई हैं ताकि वह जल्द से जल्द अपनी पूरी फिटनेस हासिल कर सकें और मैदान पर वापसी करने में कामयाब हो सकें।



















