अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट में कप्तानी की बागडोर संभालते हुए बड़े व्यक्तिगत स्कोर बनाना किसी भी खिलाड़ी के लिए असाधारण उपलब्धि मानी जाती है। जब कोई कप्तान मोर्चे से अगुवाई करते हुए विशाल पारी खेलता है, तो वह मैच के रुख को पूरी तरह अपनी टीम के पक्ष में मोड़ देता है। वनडे इतिहास पर नजर डालें तो कप्तानों द्वारा खेली गई पांच सबसे बड़ी पारियों में चार दोहरे शतक दर्ज हैं, जबकि इनमें से दो पारियों में कप्तान नाबाद पवेलियन लौटे। आइए जानते हैं 50 ओवर के प्रारूप में कप्तानों द्वारा बनाए गए पांच सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर के पूरे ब्योरे को।
गुवाहाटी में शुभमन गिल का नाबाद दोहरा शतक
एकदिवसीय क्रिकेट इतिहास में कप्तान के तौर पर सबसे विशाल व्यक्तिगत स्कोर बनाने का कीर्तिमान भारत के शुभमन गिल के नाम दर्ज है। 30 सितंबर 2026 को गुवाहाटी के मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने विरोधी गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। इस मैच में भारतीय कप्तान ने 133 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 223 रन बनाए। अपनी इस ऐतिहासिक पारी के दौरान उन्होंने 26 चौके और 8 छक्के जड़े। गिल 219 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे और उनका स्ट्राइक रेट 167.66 का रहा, जिसने वनडे में कप्तान के रूप में सबसे बड़े स्कोर का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।
इंदौर में वीरेंद्र सहवाग की विस्फोटक पारी
शुभमन गिल से पहले किसी भारतीय कप्तान द्वारा वनडे में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड वीरेंद्र सहवाग ने बनाया था। 8 दिसंबर 2011 को इंदौर के होलकर स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते हुए सहवाग ने चौकों और छक्कों की झड़ी लगा दी थी। सहवाग ने 149 गेंदों पर 219 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 25 चौके और 7 छक्के शामिल थे। मैदान पर 208 मिनट बिताते हुए उन्होंने 146.97 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। कप्तान के रूप में उनकी यह आक्रामक पारी वनडे क्रिकेट में मील का पत्थर साबित हुई थी।
मोहाली में रोहित शर्मा का तीसरा दोहरा शतक
वनडे क्रिकेट में दोहरे शतकों के महारथी रोहित शर्मा ने भी कप्तान की हैसियत से ऐतिहासिक पारी खेली है। 13 दिसंबर 2017 को मोहाली के पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने यह कारनामा किया था। रोहित शर्मा ने 153 गेंदों पर नाबाद 208 रनों की पारी खेली, जिसमें 13 चौके और 12 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। 212 मिनट तक क्रीज पर टिके रहकर उन्होंने 135.94 के स्ट्राइक रेट से रन जुटाए। कप्तानी करते हुए उनकी यह पारी वनडे इतिहास के सबसे यादगार दोहरे शतकों में गिनी जाती है।
रावलपिंडी में हैरी ब्रूक का तूफानी दोहरा शतक
भारतीय कप्तानों के दबदबे के बीच इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने भी कप्तानी पारियों की इस सूची में अपनी जगह बनाई। 22 अक्टूबर 2026 को रावलपिंडी के मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। ब्रूक ने केवल 116 गेंदों का सामना करते हुए 202 रन बनाए। अपनी इस पारी में उन्होंने 21 चौके और 10 छक्के उड़ाए। 159 मिनट तक बल्लेबाजी करते हुए उनका स्ट्राइक रेट 174.13 का रहा, जो कप्तानों द्वारा बनाए गए दोहरे शतकों में सबसे तेज पारियों में से एक है।
शारजाह में सनथ जयसूर्या का यादगार स्कोर
इस विशिष्ट सूची में पांचवां नाम श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज सनथ जयसूर्या का है, जिन्होंने दो दशक से भी अधिक समय पहले कप्तानी पारी की मिसाल पेश की थी। 29 अक्टूबर 2000 को शारजाह के मैदान पर भारत के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने विरोधी गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा ली थी। जयसूर्या ने 161 गेंदों में 189 रनों की मैराथन पारी खेली थी। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 21 चौके और 4 छक्के लगाए, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 117.39 का रहा था। कप्तानों द्वारा खेली गई सबसे बड़ी पारियों में यह पारी आज भी प्रमुख स्थान रखती है।



















