आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए केंद्र सरकार ने विभिन्न राज्यों के खजाने में टैक्स हिस्सेदारी के रूप में 1,09,019 करोड़ रुपये की एक और किस्त हस्तांतरित कर दी है। चालू वित्त वर्ष में दी गई यह दूसरी अतिरिक्त किस्त है, जो राज्यों को मिलने वाले नियमित मासिक ट्रांसफर से अलग है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, मजबूत आर्थिक गतिविधियों और बेहतर टैक्स संग्रह के चलते यह कदम उठाया गया है, जिससे राज्यों को अपने वित्तीय प्रबंधन में बड़ी राहत मिलेगी।
बुनियादी ढांचे और जनहित की योजनाओं को मिलेगी गति
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि टैक्स ट्रांसफर के इस फैसले से राज्यों को बुनियादी ढांचे से जुड़े निर्माण कार्यों में तेजी लाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के संचालन और विकास कार्यों के लिए जरूरी धन की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। सरकारी खजाने में एकत्र हुए जीएसटी में से राज्यों को उनका वैधानिक हिस्सा दिया जा रहा है, जिसका सीधा असर देश भर की समग्र आर्थिक वृद्धि पर सकारात्मक रूप से दिखेगा।
त्योहारों के आगमन से पहले राज्यों पर पूंजीगत खर्च बढ़ाने और विकास परियोजनाओं को गति देने का दबाव रहता है। केंद्र की ओर से इस समय वित्तीय संसाधन मिलने से राज्य सरकारें समय पर अपनी योजनाओं को पूरा कर सकेंगी और स्थानीय स्तर पर मांग व आर्थिक गतिविधियों को भी नया संबल मिलेगा।
टैक्स बंटवारे का मौजूदा ढांचा और नियम
वर्तमान व्यवस्था के मुताबिक, प्रत्येक वित्त वर्ष में केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किए जाने वाले कुल केंद्रीय टैक्स का 41 फीसदी हिस्सा 14 किस्तों के जरिए राज्यों में वितरित किया जाता है। टैक्स वसूली की इस व्यवस्था में एक बड़ा हिस्सा आईजीएसटी का होता है, जो मुख्य रूप से निर्यात और आयात पर लगने वाले शुल्क से वसूला जाता है। यह समस्त धनराशि पहले केंद्र सरकार के पास आती है और फिर निर्धारित फार्मूले के अनुसार प्रत्येक राज्य को उसकी तय हिस्सेदारी आवंटित कर दी जाती है।
किस राज्य के खाते में पहुंची कितनी रकम
इस ताजा किस्त में सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश के खाते में गया है, जिसे कुल 19,208 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। वहीं दूसरे स्थान पर बिहार रहा है, जिसे 10,845 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा अन्य प्रमुख राज्यों को आवंटित राशि इस प्रकार है
- मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपये की राशि दी गई है।
- पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ रुपये मिले हैं।
- महाराष्ट्र के हिस्से में 7,022 करोड़ रुपये आए हैं।
- राजस्थान को 6,460 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
- ओडिशा को 4,819 करोड़ रुपये और आंध्र प्रदेश को 4,597 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
- कर्नाटक को 4,504 करोड़ रुपये तथा तमिलनाडु को 4,466 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
- गुजरात को 4,094 करोड़ रुपये और झारखंड को 3,660 करोड़ रुपये हस्तांतरित हुए हैं।
इस अतिरिक्त पूंजी प्रवाह से सभी राज्यों को त्योहारी मांग को संभालने और अपनी वित्तीय देनदारियों को सुचारू रूप से पूरा करने में सहायता मिलेगी।


















