भारतीय टेस्ट टीम की योजनाओं से फिलहाल दूर चल रहे अनुभवी सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल को इंग्लैंड के घरेलू काउंटी क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाने का नया मौका मिला है। पैंतीस वर्ष के इस खिलाड़ी ने काउंटी चैंपियनशिप के चालू सत्र के अंतिम चरण के लिए डरहम क्रिकेट क्लब के साथ आधिकारिक तौर पर अनुबंध किया है। मयंक अब इस टीम के आगामी मुकाबलों में मैदान पर उतरेंगे और अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से टीम को मजबूती प्रदान करने का प्रयास करेंगे। डरहम की टीम इस समय काउंटी चैंपियनशिप के डिवीजन टू में बेहद शानदार प्रदर्शन कर रही है और अंक तालिका में अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे चल रही है। टीम ने अब तक कुल 10 मुकाबले खेले हैं जिनमें से सात में उसे शानदार जीत हासिल हुई है, जबकि तीन मुकाबले बराबरी पर यानी ड्रॉ रहे हैं। अंक तालिका में दूसरे स्थान पर मौजूद टीम पर डरहम की बढ़त काफी मजबूत है, जिसके चलते उसके पास डिवीजन वन में अपनी जगह पक्की करने का बहुत ही सुनहरा अवसर बना हुआ है।
डेविड बेडिंघम की जगह लेंगे मयंक
डरहम की टीम में मयंक अग्रवाल को साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज डेविड बेडिंघम की जगह शामिल किया गया है। डेविड बेडिंघम अपने देश के घरेलू रेड-बॉल सीजन की प्रतिबद्धताओं के कारण इस सप्ताह वापस अपने वतन लौट रहे हैं। उन्होंने टीम के लिए हाल ही में ग्लूस्टरशायर के खिलाफ खेले गए मुकाबले में एक शानदार शतक लगाया था और डरहम की 10 विकेट से दर्ज की गई बड़ी जीत में बेहद अहम भूमिका निभाई थी। मयंक अग्रवाल के लिए अंग्रेजी काउंटी क्रिकेट का माहौल पूरी तरह नया नहीं है क्योंकि वह पहले भी इस तरह के अनुभव से गुजर चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2025 के सत्र के अंतिम तीन मुकाबलों के दौरान यॉर्कशायर का प्रतिनिधित्व किया था, जिससे उन्हें वहां की पिचों और परिस्थितियों का अच्छा अंदाजा है। भारत के लिए खेलते हुए मयंक ने वर्ष 2018 से 2021 के बीच कुल 21 टेस्ट मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 41.33 की औसत से अपने बल्ले से 1,488 रन बनाए, जिसमें चार बेहतरीन शतक भी शामिल रहे। उनका इस प्रारूप में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 243 रन रहा है, जो उन्होंने वर्ष 2019 में इंदौर में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए टेस्ट मुकाबले में बनाया था।
घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म और मुख्य कोच की प्रतिक्रिया
घरेलू स्तर पर भी मयंक का प्रदर्शन पिछले कुछ समय से काफी शानदार रहा है। रणजी ट्रॉफी के हालिया सत्र में कर्नाटक के लिए खेलते हुए उन्होंने कुल 678 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से एक शानदार शतक भी निकला और उनका सर्वोच्च स्कोर 160 रन दर्ज किया गया। डरहम के हेड कोच रयान कैंपबेल ने मयंक अग्रवाल के टीम के साथ जुड़ने पर अपनी बेहद खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि डेविड बेडिंघम के साउथ अफ्रीका वापस लौटने के बाद उनकी टीम को एक अनुभवी इंटरनेशनल बल्लेबाज की सख्त जरूरत थी और मयंक के रूप में उन्हें एक बेहतरीन और मजबूत विकल्प मिल गया है। अब मयंक अग्रवाल के सामने यह बड़ी चुनौती होगी कि वह अपने खेल के दम पर डरहम को डिवीजन वन में पहुंचाने में अपना पूरा योगदान दें। इंग्लैंड की धरती पर उनका यह प्रदर्शन भविष्य में भारतीय टेस्ट टीम में उनकी वापसी की संभावनाओं को भी एक नई ताकत दे सकता है।



















