भारत के घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी के नए सत्र का आगाज बेहद रोमांचक अंदाज में हुआ है। पहले ही दिन अलग-अलग मैदानों पर वरिष्ठ खिलाड़ियों के अनुभव और युवा प्रतिभाओं के जज्बे का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। कहीं तेज गेंदबाजों की धारदार गेंदों ने विरोधी बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस किया, तो कहीं मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने संकटमोचक की भूमिका निभाते हुए अपनी टीमों को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
ग्रुप डी: लाड और लांबा की संयमित बल्लेबाजी
ग्रुप डी के मुकाबलों में बल्लेबाजों का दबदबा साफ नजर आया। चंडीगढ़ के खिलाफ मुंबई की टीम एक समय मुश्किल में दिख रही थी, लेकिन कप्तान सिद्धेश लाड ने धैर्य का परिचय दिया। लाड ने नाबाद 80 रनों की कप्तानी पारी खेली, जबकि युवा बल्लेबाज मुशीर खान ने उनका बखूबी साथ निभाते हुए 65 रन जोड़े। इन दोनों पारियों के सहारे मुंबई ने दिन का खेल खत्म होने तक पांच विकेट गंवाकर 249 रन का सम्मानजनक स्कोर बना लिया।
इसी समूह के एक अन्य मैच में राजस्थान की टीम तमिलनाडु के सामने उतरी। राजस्थान के मध्यक्रम ने खेल पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा। करण लांबा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 103 रनों का शतक ठोका। उनके जोड़ीदार रोहन राजबार शतक से चूक गए और 95 रन पर पवेलियन लौटे। इन दोनों की पारियों के दम पर राजस्थान ने पहले दिन चार विकेट के नुकसान पर 286 रन का मजबूत आधार तैयार किया।
रोहतक और ब्रेबॉन में तेज गेंदबाजों का कहर
बल्लेबाजों के दबदबे के बीच रोहतक के मैदान पर तेज गेंदबाजों की तूती बोली। हरियाणा के पेसर अंशुल कंबोज ने अपनी तेज गेंदबाजी से हिमाचल प्रदेश के बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा ली। कंबोज ने 32 रन देकर चार बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इस घातक स्पैल की बदौलत हिमाचल प्रदेश की आधी से ज्यादा टीम लड़खड़ा गई और स्टंप्स तक उसने 153 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे।
उधर ब्रेबॉन स्टेडियम में उत्तराखंड के तेज गेंदबाज देवेंद्र सिंह बोरा ने भी धारदार गेंदबाजी का नमूना पेश किया। बोरा ने केवल 49 रन खर्च करके पांच विकेट अपने नाम किए और रेलवे की पहली पारी को 278 रनों पर समेटने में मुख्य भूमिका निभाई। हालांकि रेलवे की तरफ से विवेक सिंह ने जुझारू खेल दिखाते हुए 112 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली और अकेले दम पर टीम को लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचाया।
ग्रुप बी: स्मरण का शतक और जडेजा का अर्धशतक
एलीट ग्रुप बी में कर्नाटक की टीम जब शुरुआती झटकों के बाद दबाव महसूस कर रही थी, तब रविचंद्रन स्मरण ने पारी को संभाला। स्मरण ने धैर्य और आक्रामकता का संतुलन साधते हुए 126 रनों की शतकीय पारी खेली, जिसकी मदद से कर्नाटक की टीम 274 रन के कुल योग तक पहुंच सकी। इसके बाद गेंदबाजों ने भी अपना काम बखूबी किया और पहले दिन का खेल खत्म होने तक आंध्र के दो बल्लेबाजों को मात्र 16 रन पर पवेलियन भेज दिया।
राजकोट के मैदान पर घरेलू दर्शकों के बीच उतरे भारतीय टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने अपनी उपयोगिता फिर साबित की। जडेजा ने 72 रनों की नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलकर छत्तीसगढ़ के गेंदबाजों को खूब छकाया। उनकी इस पारी की बदौलत सौराष्ट्र ने दिन के अंत तक चार विकेट खोकर 308 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
सिकंदराबाद में हैदराबाद की तरफ से अनिकेत रेड्डी की फिरकी का जादू चला। रेड्डी ने पंजा खोलते हुए पांच विकेट चटकाए, जिससे त्रिपुरा की पहली पारी 134 रन पर ही सिमट गई। जवाब में हैदराबाद ने दिन का खेल समाप्त होने तक चार विकेट पर 121 रन बनाकर स्थिति मजबूत कर ली। मुल्लांपुर में मौसम की मार देखने को मिली, जहां खराब रोशनी और मौसम की वजह से असम और पंजाब के बीच केवल 23 ओवर का खेल संभव हो सका, जिसमें असम ने तीन विकेट खोकर 68 रन जोड़े।
ग्रुप ए: रोहित शर्मा के पांच विकेट और विदर्भ का पलटवार
एलीट ग्रुप ए में गत चैंपियन जम्मू कश्मीर और मध्य प्रदेश का आमना-सामना हुआ। इस मैच में जम्मू कश्मीर के गेंदबाज रोहित शर्मा ने कहर बरपाती गेंदबाजी की। उन्होंने 36 रन देकर पांच विकेट झटके और मध्य प्रदेश को 196 रन पर समेटने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
नागपुर में विदर्भ ने पुडुचेरी के खिलाफ धीमी शुरुआत से उबरते हुए जबरदस्त वापसी की। टीम के संकटमोचक बने यश राठौड़, जिन्होंने 131 रन बनाए, जबकि कप्तान अक्षय वाडकर ने नाबाद 112 रनों की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के शतकों की बदौलत विदर्भ ने पांच विकेट पर 300 रनों का मजबूत स्कोर बनाया।
राजगीर में उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच मुकाबला खेला गया। उत्तर प्रदेश के लिए माधव कौशिक ने नाबाद 90 और मध्यक्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह ने नाबाद 56 रन बनाकर मोर्चा संभाला, जिससे टीम ने तीन विकेट पर 195 रन बना लिए। बड़ौदा के मैदान पर गोवा के खिलाफ शिवालिक शर्मा के 62 रनों के योगदान से बड़ौदा ने दिन के अंत तक तीन विकेट पर 204 रन बनाए।
ग्रुप सी: शमी की वापसी और बल्लेबाजों का दबदबा
ग्रुप सी के मैच में भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के प्रदर्शन पर सभी की निगाहें थीं। बंगाल की ओर से खेलते हुए शमी ने लय हासिल की और 30 रन देकर चार बल्लेबाजों को आउट किया। उनकी घातक गेंदबाजी के सामने दिल्ली की पहली पारी 240 रन पर सिमट गई।
जमशेदपुर में झारखंड के बल्लेबाजों ने केरल के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। शिखर मोहन ने 143 रनों की मैराथन पारी खेली, जबकि उत्कर्ष सिंह ने 71 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। इस साझेदारी के दम पर झारखंड ने पांच विकेट पर 289 रन जोड़े।
दिल्ली के मैदान पर महाराष्ट्र ने सेना के खिलाफ ठोस प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र के अंकित बावने ने नाबाद 105 रनों की पारी खेली, जबकि सलामी बल्लेबाज पृथ्वी साव ने 70 रन बनाए, जिससे टीम ने पहले दिन पांच विकेट पर 287 रन बनाए। अहमदाबाद में ओडिशा के बल्लेबाजों ने गुजरात के सामने शानदार खेल दिखाया। गौरव चौधरी के नाबाद 121 और संदीप पटनायक के 69 रनों की बदौलत ओडिशा ने तीन विकेट खोकर 272 रनों का स्कोर खड़ा किया।



















