ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने लाल गेंद के क्रिकेट में फील्डिंग का सबसे बड़ा कीर्तिमान अपने नाम दर्ज कर लिया है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ डरबन में जारी टेस्ट मुकाबले के दौरान उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। मैच के रविवार वाले दिन जब साउथ अफ्रीका की पहली पारी चल रही थी, तब स्मिथ ने स्लिप में डेविड बेडिंगहाम का महत्वपूर्ण कैच लपका। इस एक कैच के साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में गैर-विकेटकीपर फील्डर के तौर पर सर्वाधिक कैच पकड़ने वाले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड संयुक्त रूप से या अकेले इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट के खाते में था, जिन्हें अब स्मिथ ने पीछे धकेल दिया है।
टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक कैच पकड़ने वाले फील्डरों की सूची
लंबे प्रारूप में सबसे भरोसेमंद हाथों के मामले में अब ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज स्टीव स्मिथ पहले स्थान पर विराजमान हैं। स्मिथ के टेस्ट करियर में अब कुल 221 कैच दर्ज हो चुके हैं। इस तालिका में इंग्लैंड के जो रूट 220 कैच के आंकड़े के साथ दूसरे पायदान पर खिसक गए हैं। इन दोनों सक्रिय खिलाड़ियों के पीछे कई पूर्व दिग्गज शामिल हैं। भारत के पूर्व कप्तान और भरोसेमंद बल्लेबाज राहुल द्रविड़ 210 कैच के साथ इस सर्वकालिक सूची में तीसरे स्थान पर काबिज हैं। उनके बाद श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने 205 कैचों के साथ चौथे क्रम पर हैं, जबकि साउथ अफ्रीका के महान ऑलराउंडर जैक कैलिस 200 कैच पकड़कर शीर्ष पांच में अपनी जगह बनाए हुए हैं।
डेविड बेडिंगहाम और टेम्बा बावुमा के अहम कैच
डरबन टेस्ट के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन पर गेंदबाजी की और स्मिथ ने स्लिप कॉर्डन में मौकों को भुनाया। साउथ अफ्रीका की पहली पारी के 28वें ओवर में स्पिनर नाथन लियोन गेंदबाजी कर रहे थे, तभी उनकी गेंद पर स्मिथ ने विरोधी टीम के कप्तान टेम्बा बावुमा का कैच सुरक्षित पकड़ा। इसके कुछ ही देर बाद, 31वें ओवर की पहली गेंद पर एक बार फिर स्मिथ की चपलता देखने को मिली। उन्होंने डेविड बेडिंगहाम का शानदार कैच लपककर उन्हें पवेलियन की राह दिखाई। बेडिंगहाम अपने अर्धशतक के बेहद करीब थे और महज 1 रन से अपनी फिफ्टी पूरी करने से चूक गए। बल्ले से स्मिथ इस मुकाबले की पहली पारी में ज्यादा देर नहीं टिक सके थे और 53 गेंदों का सामना करते हुए केवल 25 रन बनाकर आउट हो गए थे, लेकिन अपनी असाधारण फील्डिंग से उन्होंने इस कमी को पूरी तरह ढक दिया।
मैच का लेखा-जोखा और साउथ अफ्रीका की लड़खड़ाती पारी
मुकाबले की समग्र स्थिति पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 390 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। कंगारू टीम की तरफ से ओपनर मैट रेनशॉ ने सबसे बड़ी पारी खेली और 190 रन का अहम योगदान दिया। साउथ अफ्रीका की गेंदबाजी में विलेम मुल्डर सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए, जिन्होंने 4 विकेट चटकाए। उनके अलावा तेज गेंदबाज मार्को जानसेन ने 3 और एनरिक नॉर्खिया ने 2 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। जवाब में साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी शुरुआत से ही दबाव में बिखरती नजर आई। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने नई गेंद से धारदार स्पेल डाला और शुरुआती 6 बल्लेबाजों में से 3 को अपना शिकार बनाया। तीसरे दिन चायकाल के समय तक साउथ अफ्रीका की टीम अपनी पहली पारी में 8 विकेट गंवाकर 238 रन ही बना सकी थी।



















