बिहार के रोहतास जिले में कैमूर पहाड़ी की श्रृंखलाओं के भीतर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गुप्ता धाम मंदिर परिसर में पिछले दो दिनों से जारी भारी वर्षा के कारण बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। लगातार बरस रहे बादलों की वजह से स्थानीय जल स्रोतों और नदी-नालों का पानी तेजी से ऊपर उठ रहा है, जिसने मंदिर के आस-पास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। इस अचानक आए जलसंकट के कारण वहां दुकान सजाने वाले प्रसाद विक्रेताओं की कई दुकानें पानी में डूब चुकी हैं। अचानक बढ़े जलप्रवाह से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया है और आम जनता की आवाजाही पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है।
पहाड़ी नदियों और जलप्रपातों में बढ़ा पानी का वेग
क्षेत्र में थम-थम कर हो रही लगातार बारिश की वजह से कैमूर पहाड़ी से निकलने वाली تمام पर्वतीय नदियों का जलस्तर काफी ऊपर आ गया है। दुर्गावती बांध की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित खौरहा जलप्रपात समेत लगभग चार से पांच अन्य प्रमुख जलप्रपातों में पानी का बहाव बेहद खतरनाक और तेज हो गया है। इस अत्यधिक वेग के कारण आस-पास के निचले इलाकों और भौगोलिक संरचनाओं पर पानी का भारी दबाव लगातार बनता जा रहा है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर होती जा रही है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रास्ता बंद
नदियों और झरनों में उग्र जल प्रवाह को भांपते हुए वन विभाग ने गुप्ता धाम की ओर जाने वाले आवागमन मार्ग को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह सील कर दिया है। इसके साथ ही देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे पहले शनिवार को सीता कुंड का जलस्तर बढ़ने से भी गुप्ता धाम परिसर में इसी तरह के जलभराव के हालात बने थे। उस दौरान भी कैमूर की पहाड़ियों से उतरने वाली नदियां पूरी तरह उफान पर थीं।
प्रशासन और विभाग की पैनी नजर
तेज बहाव के कारण गुप्ता धाम तक पहुंचने वाला पूरा रास्ता अत्यधिक जोखिम भरा हो गया है। आने-जाने वाले लोगों और श्रद्धालुओं की शारीरिक सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने एहतियाती कदम उठाया है। विभाग की तरफ से स्पष्ट निर्देश जारी कर लोगों से अपील की गई है कि वे मौजूदा खराब मौसम में इस क्षेत्र की तरफ भूलकर भी न आएं। सुग्गीखोह एवं फुलवरिया के वन उप परिसर पदाधिकारी चेनारी भीम कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि लगातार हो रही बारिश से नदियों और झरनों का स्तर बहुत बढ़ गया है, इसलिए फिलहाल रास्ता बंद रखा गया है। विभागीय अमला लगातार मौसम के मिजाज और बढ़ते जलस्तर पर कड़ी नजर बनाए हुए है। जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते और रास्ता सुरक्षित घोषित नहीं होता, तब तक मार्ग को पर्यटकों के लिए नहीं खोला जाएगा।



















